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Fact Check: दो घटनाओं से जुड़ी पुरानी तस्वीरों को काबुल में भारतीय दूतावास पर ताजा हमला बताकर किया जा रहा शेयर

Tue, 08 Jul 2025 08:35 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 08 Jul 2025 08:35 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि काबुल में भारतीय दूतावास पर हमला हुआ है। इसके साथ ही कई अधिकारी मारे गए हैं। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ है। 

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claim that  Attack on Indian Embassy in Kabul, many officials killed
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इन दिनों सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें वायरल हो रही हैं। पहली तस्वीर में एक जलते हुए घर को एक सैनिक देखते हुए नजर आ रहा है। वहीं, दूसरी तस्वीर में एक क्षतिग्रस्त इमारत दिख रही है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर काबुल में स्थित भारतीय दूतावास की है। इसके साथ ही दूतावास में हमले के कारण कई लोगों की मौत हो गई है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि दोनों तस्वीरें पुरानी हैं। पहली तस्वीर 11 साल पुरानी 2014 की है। दरअसल 23 मई 2014 को अफगानिस्तान के हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया गया था। वहीं दूसरी तस्वीर 2017 की है। 2017 में काबुल में जर्मन दूतावास के पास एक आत्मघाती कार बम धमाका हुआ था। यह हमला भारतीय दूतावास से 1.5 किमी दूर हुआ था। इसके साथ ही, जिस इलाके में हमला हुआ था वहीं सारे विदेशी दूतावास हैं। 

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क्या है दावा 
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि काबुल में भारतीय दूतावास में हमला हुआ है। 
आरोही शुक्ला (@arohishukl50402) नाम की एक एक्स यूजर ने लिखा “काबुल में दुखद घटना: भारतीय दूतावास पर हमला, राष्ट्र की सेवा में शहीद हुए अधिकारी।यह शर्मनाक कृत्य अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सिद्धांतों की अवहेलना करता है। भारत अपने शहीद नायकों का सम्मान करता है।”  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इससे संबंधित कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें ऐसी कोई भी रिपोर्ट नहीं मिली, जिसने हाल ही में काबुल में भारतीय दूतावास में हमले की पुष्टि की हो। आगे की पड़ताल के लिए हमने पहली तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें यूएसए टुडे की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 मई 2014 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 23 मई को पश्चिमी अफगान शहर हेरात में भारत के वाणिज्य दूतावास पर चार  हमलावरों ने सुबह-सुबह हमला किया। हालांकि सुरक्षाबलों ने उन्हें खदेड़ दिया। यह हमला नाटो सैनिकों की वापसी के कारण अस्थिरता को दर्शाता है। भारतीय कर्मचारियों में से किसी की जान नहीं गई है, लेकिन दो पुलिसकर्मी घायल हो गए है। हमलावर वाणिज्य दूतावास के पास एक घर में घुस गए और इमारत पर गोलीबारी शुरू कर दी




 



इसके बाद हमें एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 जून 2014 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली में 26 मई को नरेंद्र मोदी सरकार के भव्य शपथ ग्रहण समारोह था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण से तीन दिन पहले पश्चिमी शहर हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया गया था। हमले के बारे में निवर्तमान अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई ने पुष्टि की है कि हेरात हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का हाथ था।

 

इसके बाद हमने दूसरी तस्वीर को भी को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 31 मई 2017 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अफानिस्तान की राजधानी में एक कार बम धमाका हुआ है। इस धमाके में कम से कम 90 लोग की जान गई हैं और कम से कम 350 लोग घायल हुए हैं। यह धमाका जर्मन दूतावास के पास हुआ है। बता दें कि इसी इलाके में सारे विदेश दूतावास हैं। धमाका तब हुआ, जब लोग दफ़्तरों के लिए निकल रहे थे।

इसके बाद हमें अलजजीर की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 31 मई 2017 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि काबुल के दूतावास इलाके में एक दिल दहला देने वाला बम धमाका हुआ है। इस घटना में 80 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने इसे अफगानिस्तान की राजधानी में हुए "सबसे बड़े विस्फोटों में से एक" बताया है ।



 

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 31 मई 2017 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को एक  बम धमाका हुआ।  अब तक मिली जानकारी के मुताबिक वजीर अकबर खान क्षेत्र में विस्फोटकों से भरी एक कार में 8.35 मिनट पर बम धमाका हुआ है। घटनास्थल से भारतीय दूतावास 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां से राष्ट्रपति भवन भी नजदीक ही है, इसके अलावा अन्य देशों के दूतावास भी इसी क्षेत्र में हैं। धमाके के बाद भारतीय दूतावास सुरक्षित है, खिड़कियों को कुछ नुकसान जरूर पहुंचा है। 

यहां से साफ होता है कि दोनों तस्वीर पुरानी है। इन्हें हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है। 

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीरों को भ्रामक पाया है। दोनों तस्वीरें पुरानी हैं, जिन्हें हलिया बताकर शेयर किया जा रहा है। 

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