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Hindi News ›   Events Coverage ›   Animal Care at Your Doorstep: Call 1962 for Veterinary Services at Home in UP

पशु उपचार अब आपके द्वार: UP में बीमार मवेशियों के इलाज के लिए 1962 पर करें कॉल, घर तक आएंगे डॉक्टर

Sat, 31 Oct 2026 07:34 PM IST
लखनऊ Published by: रिया दुबे Updated Sat, 31 Oct 2026 07:34 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश की मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) 1962 सेवा के जरिए पशुपालक घर बैठे बीमार या घायल गाय-भैंस के इलाज के लिए मदद मांग सकते हैं। इस सेवा में पशु चिकित्सक की सलाह, उपचार, टीकाकरण और प्रजनन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

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Animal Care at Your Doorstep: Call 1962 for Veterinary Services at Home in UP
पशु (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobestock

विस्तार

पशुओं के बीमार होने पर पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय पर इलाज की होती है। गांवों में पशु अस्पताल दूर होने के कारण कई बार बीमार गाय-भैंस को वहां ले जाना आसान नहीं होता। ऐसे में उत्तर प्रदेश की मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) 1962 सेवा पशुपालकों के लिए मददगार साबित हो सकती है।

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एक फोन पर मिलेगी पशु चिकित्सा सहायता

मवेशी के बीमार होने या दुर्घटनाग्रस्त होने पर पशु चिकित्सा सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल करें। कॉल सेंटर के जरिए आपातकालीन सहायता और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों से टेलीमेडिसिन परामर्श मिल सकता है। इससे दूरदराज के गांवों में रहने वाले पशुपालकों को भी पशु चिकित्सा सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलती है। इस सेवा का उद्देश्य पशुपालकों के द्वार तक पशु चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि समय पर उपचार से पशुधन की सेहत, दूध उत्पादन और पशुपालकों की आजीविका सुरक्षित रखने में मदद मिल सके।

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करीब एक लाख पशुओं पर एक मोबाइल यूनिट

उत्तर प्रदेश में मार्च 2023 से करीब एक लाख पशुओं पर एक मोबाइल वेटरनरी यूनिट की दर से वाहन संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य गांवों में पशु चिकित्सा सेवाएं सुलभ कराना है। प्रदेश को पांच पैकेज में बांटकर विकेंद्रीकृत हाइब्रिड मॉडल के तहत यह सेवा चलाई जा रही है।

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सुबह 9 से शाम 5 बजे तक चलती हैं मोबाइल यूनिट

मोबाइल वेटरनरी यूनिट सुबह 9 से शाम 5 बजे तक संचालित होती हैं, जबकि कॉल सेंटर सें सुबह 8 से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रतिदिन दो गांवों में पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं। इनमें उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और बधियाकरण जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। पशुपालकों को पशुओं की देखभाल और बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया जाता है।

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टीकाकरण से प्रजनन संबंधी उपचार तक सुविधाएं

मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) के जरिए पशुपालकों को कई तरह की सेवाएं मिल सकती हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • घर पर उपचार : बीमार पशुओं की जांच, जरूरत के अनुसार दवाएं और छोटी शल्य चिकित्सा।
  • टीकाकरण और कृमिनाशक दवाएं : खुरपखु का-मुंहपमुं का (FMD), गलघोंटू (HS) और लंगड़ा बुखार (BQ) जैसी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण और कृमिनाशक दवाएं।
  • प्रजनन संबंधी सेवाएं : कृत्रिम गर्भाधान (AI), गर्भ जांच और बांझपन का उपचार।
  • पशुपालन संबंधी सलाह : पशुओं के पोषण, बीमारियों से बचाव और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी।

इन सेवाओं से पशुओं का समय पर उपचार कराने और उनकी उत्पादकता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

1962 पर कॉल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

पशु चिकित्सा सहायता मांगते समय कॉल सेंटर सें पशु की प्रजाति, बीमारी के लक्षण और गांव का सही पता बताएं। पशुपालक कॉल करते समय धैर्य बनाए रखें क्योंकि कॉल उठने में समय लग सकता है। आप अपनी तरफ से कॉल न काटें। यदि पशु ने खाना छोड़ दिया है, उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है या वह खड़ा नहीं हो पा रहा है, तो इसकी जानकारी भी जरूर दें।

इससे समस्या की गंभीरता को समझने और उचित सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पशु के गंभीर रूप से बीमार होने पर घरेलू उपचार के भरोसे इंतजार न करें। समय पर पशु चिकित्सक की मदद लेना पशुधन की सुरक्षा और पशुपालक की आजीविका के लिए जरूरी है।

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