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सीएम योगी का महानवमी-दशहरा संदेश: बोले- अन्यायी कितना भी शक्तिशाली हो, अंत में विजय सत्य- धर्म की ही होती है
Mon, 19 Oct 2026 07:30 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 19 Oct 2026 07:30 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम और मां दुर्गा के आदर्शों को बताया अन्याय के प्रतिकार, नारी सम्मान और कर्तव्य का मार्ग। अहंकार और भेदभाव रूपी रावण के दहन का किया आह्वान।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष संदेश जारी किया और अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अन्यायी और अधर्मी चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय हमेशा सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने मां दुर्गा के पराक्रम और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जीवन को अन्याय के प्रतिकार, नारी सम्मान और कर्तव्यपालन का सबसे बड़ा प्रेरक बताया।
मां और मातृभूमि के प्रति निष्ठा का दिया संदेश
सीएम योगी ने अपनी पाती में प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों का उल्लेख करते हुए मां और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम समरसता और सामाजिक एकात्मता के प्रतीक हैं। आज भी रामलीला के मंचन में समाज के सभी वर्ग बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि प्रभु श्रीराम के आदर्श केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं और जीवनशैली में भी गहरे रचे-बसे हैं।
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मां और मातृभूमि के प्रति निष्ठा का दिया संदेश
सीएम योगी ने अपनी पाती में प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों का उल्लेख करते हुए मां और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम समरसता और सामाजिक एकात्मता के प्रतीक हैं। आज भी रामलीला के मंचन में समाज के सभी वर्ग बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि प्रभु श्रीराम के आदर्श केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं और जीवनशैली में भी गहरे रचे-बसे हैं।
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माफिया मुक्त जमीन पर गरीबों के आशियाने, बसेगी श्रीकृष्णपुरी
शासन की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप ही कानून का शासन और नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि माफिया और संगठित अपराध के विरुद्ध बिना किसी समझौते के कठोर कदम उठाकर पूरे प्रदेश में भयमुक्त वातावरण का निर्माण किया गया है।
अपने संदेश में प्रयागराज के बहुचर्चित कसारी-मसारी क्षेत्र का विशेष रूप से जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि माफिया के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कसारी-मसारी क्षेत्र की मुक्त भूमि को 'श्रीकृष्णपुरी' के रूप में विकसित किया जाएगा। अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति से आमजन में कानून और न्याय के प्रति विश्वास अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है।
शासन की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप ही कानून का शासन और नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि माफिया और संगठित अपराध के विरुद्ध बिना किसी समझौते के कठोर कदम उठाकर पूरे प्रदेश में भयमुक्त वातावरण का निर्माण किया गया है।
अपने संदेश में प्रयागराज के बहुचर्चित कसारी-मसारी क्षेत्र का विशेष रूप से जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि माफिया के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कसारी-मसारी क्षेत्र की मुक्त भूमि को 'श्रीकृष्णपुरी' के रूप में विकसित किया जाएगा। अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति से आमजन में कानून और न्याय के प्रति विश्वास अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है।
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अहंकार और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन का आह्वान
विजयादशमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से एक विशेष अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर केवल पुतला दहन तक सीमित न रहकर, समाज और जीवन से अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण को समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सत्य और धर्म के पथ पर चलते हुए प्रदेश निरंतर प्रगति और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करेगा।
विजयादशमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से एक विशेष अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर केवल पुतला दहन तक सीमित न रहकर, समाज और जीवन से अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण को समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सत्य और धर्म के पथ पर चलते हुए प्रदेश निरंतर प्रगति और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करेगा।