क्राइम के बाद अब स्पोर्ट्स की तरफ घूमा मैचबॉक्स का कैमरा, इन लेखकों की किताबों पर बनेंगी वेब सीरीज
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अंधाधुन जैसी सुपरहिट और राष्ट्रीय पुरस्कार समेत ढेरों पुरस्कार जीतने वाली फिल्म बनाने के बाद इसके निर्माता संजय राउतरे इन दिनों दमदार कहानियां खंगालने के लिए पूरे देश के भ्रमण पर हैं। वह तमाम पत्रकारों से मिल रहे हैं और उनके अनुभवों पर लिखी गई कहानियों के परदे पर उतारने के अधिकार खरीद रहे हैं। मुंबई की चर्चित पत्रकार जिग्ना वोरा की जीवनी के अधिकार खरीदने के बाद संजय ने अब मशहूर खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार से हाथ मिलाया है।
देश में लगातार खेल पर आधारित फिल्मों की मांग बढ़ रही है। दर्शक ऐसी फिल्मों को हाथों-हाथ ले रहे हैं। आने वाले दिनों में फिल्म 83 और तूफान इसी के उदाहरण हैं। अब इस फेरिस्त में कुछ दूसरे प्रोजेक्ट्स भी शुमार होने जा रहे हैं। संजय राउतरे की प्रोडक्शन कंपनी मैचबॉक्स मूवीवर्क्स ने अब भारतीय खेल से जुड़ी कहानियों को पेश करने के लिए कमर कसी है। बोरिया की मदद से कंपनी ओटीटी और दूसरे प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट का विकास करेगी। यह सभी प्रोजेक्ट्स नलिन मेहता और बोरिया मजूमदार की किताबों 'ड्रीम्स ऑफ अ बिलियन- इंडिया एंड द ओलंपिक गेम्स' और गौतम भट्टाचार्य की किताब '1972: द ईयर देट चेंज्ड इंडियन क्रिकेट' से प्रेरित होंगे।
अपनी इस साझेदारी के बारे में बोरिया मजूमदार कहते हैं, 'मेरी पुस्तकों और शोध का इस्तेमाल इन प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। मैचबॉक्स अपनी उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता के लिए पहले से ही काफी मशहूर है। मुझे इसकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा और विश्वास है।' वहीं फिल्मकार संजय राउतरे कहते हैं, 'मैचबॉक्स मूवीवर्क्स मूल सामग्री बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो समय के साथ देश में मौजूद कहानियों को खोजती रहती है।'