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आमिर खान के 'सत्यमेव जयते' का लेखा-जोखा
Updated Wed, 08 Aug 2012 05:44 PM IST
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बॉलीवुड एक्टर आमिर खान अपने टॉक शो 'सत्यमेव जयते' के जरिए टीवी पर भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने में कामयाब रहे। आमिर खान ने अपने शो की 13 कड़ियों में विभिन्न सामाजिक मुद्दे उठाए और हर लिहाज से लोगों में पैठ बनाने में कामयाब रहे।
आमिर ने अपने शो के जरिए लोगों को शिक्षित किया। इसके अलावा आमिर ने दिखा दिया कि सामाजिक मुद्दों पर भी लोगों के बीच कैसे पैठ बनाई जा सकती है। कन्या भ्रूण हत्या से शुरू हुआ यह शो समानता के अधिकार के मुद्दे पर चर्चा करने के साथ खत्म हुआ।
आमिर ने छह मई से शुरू हुए इस शो के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या, बाल यौन उत्पीड़न, मेडिकल क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताएं, दहेज और मानव द्वारा मैला ढोने से जुड़े कई अनजाने तथ्यों को लोगों के सामने रखा।
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ऐसा नहीं था कि आमिर ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी केवल स्क्रीन पर निभाई। इस दौरान उन्होंने सम्बंधित नेताओं एवं अधिकारियों से मिलकर समस्याओं से निपटने के लिए पहल भी की।
उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर भ्रूण हत्या में लिप्त चिकित्सकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की अपील की।
आमिर 13 हफ्ते के अपने सफर के दौरान कई भावुक पलों से भी गुजरे। हर कड़ी में जो आपबीती सामने आती थी उसे सुनकर आमिर और दर्शकों की आंखें नम हो जाती थीं।
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आमिर ने अपने शो के जरिए लोगों को शिक्षित किया। इसके अलावा आमिर ने दिखा दिया कि सामाजिक मुद्दों पर भी लोगों के बीच कैसे पैठ बनाई जा सकती है। कन्या भ्रूण हत्या से शुरू हुआ यह शो समानता के अधिकार के मुद्दे पर चर्चा करने के साथ खत्म हुआ।
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आमिर ने छह मई से शुरू हुए इस शो के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या, बाल यौन उत्पीड़न, मेडिकल क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताएं, दहेज और मानव द्वारा मैला ढोने से जुड़े कई अनजाने तथ्यों को लोगों के सामने रखा।
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ऐसा नहीं था कि आमिर ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी केवल स्क्रीन पर निभाई। इस दौरान उन्होंने सम्बंधित नेताओं एवं अधिकारियों से मिलकर समस्याओं से निपटने के लिए पहल भी की।
उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर भ्रूण हत्या में लिप्त चिकित्सकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की अपील की।
आमिर 13 हफ्ते के अपने सफर के दौरान कई भावुक पलों से भी गुजरे। हर कड़ी में जो आपबीती सामने आती थी उसे सुनकर आमिर और दर्शकों की आंखें नम हो जाती थीं।