Mughal-e Azam: भव्य संगीतमय नाटक 'मुगल-ए-आजम' आखिरी बार दिल्ली लौटा, जानें कब तक उठा सकेंगे लुत्फ
Mughal-e-Azam: मुगल-ए-आजम नाटक को लेकर शुरुआत में फिरोज अब्बास खान को काफी घबराहट होती थी। उन्हें लगता था कि ऐसा करना असंभव है। हालांकि, अब शो की सफलता के बाद वह अत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं।
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फिरोज अब्बास खान निर्देशित 'मुगल-ए-आजम' के थिएटर संस्करण का अब तक 300 से अधिक बार मंचन हो चुका। दर्शकों के दिलों में यह नाटक अपनी एक खास जगह बना चुका है। यह शो अब दिल्ली में 23 फरवरी को आखिरी बार प्रस्तुत किया जाएगा।
शुरुआत में फिरोज खान को इस भव्य प्रोजेक्ट को लेकर घबराहट थी और उन्हें लगता था कि यह एक असंभव कार्य है। हालांकि, अब शो की सफलता के बाद वह अत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं। शो में 550 से अधिक शानदार परिधान हैं, जिन्हें मनीष मल्होत्रा ने डिजाइन किया है। इसके अलावा भव्य सेट्स, कथक नृत्य, और संगीत का समावेश भी इस शो को खास बनाता है।
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इस नाटक का उद्देश्य 1960 की फिल्म मुगल-ए-आजम की नकल करना नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य उस फिल्म की धरोहर को नए रूप में प्रस्तुत करना था। फिरोज अब्बास खान ने इसे एक श्रद्धांजलि के रूप में पेश किया, जिसमें फिल्म के पात्रों को नई शैली में दिखाया गया है।
प्रियंका बर्वे, नेहा सरगम और कीर्ति किलेदार, जो शास्त्रीय रूप से प्रशिक्षित गायिकाएं हैं, बारी-बारी से अनारकली के चरित्र को निभाती हैं और उन्हें मंच पर लाइव गाना होता है। शो में तेरी महफिल में किस्मत और प्यार किया तो डरना क्या समनेत 12 मशहूर गाने शामिल हैं। यह शो दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के वेटलिफ्टिंग ऑडिटोरियम में चल रहा है और इसके टिकट 1,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक उपलब्ध हैं।