Permanent Roommates Season 3 Review: फिर लौटी मिकी और तनु की रोचक प्रेम कहानी, सुमित और निधि ने जमाया रंग
नौ साल हो गए मिक्की और तनु की जोड़ी को पहली बार दर्शकों से अपना रिश्ता बनाए। जी हां, देश की पहली वेब सीरीज ‘परमानेंट रूममेट्स’ जब पहली बार साल 2014 में यूट्यूब पर रिलीज हुई थी तभी इसने युवाओं खासतौर से इश्क में डूबे जोड़ों के साथ एकदम से एक रिश्ता बना लिया था। लंबी दूरी का इश्क करने वाले मिकी का मुंबई आकर एकदम से तनु के घर पहुंचना और उससे शादी करने का प्रस्ताव रख देना, तब से कई दिलचस्प मोड़ ले चुका है। पहला सीजन दोनों की घर की तलाश में अटका रहा। दूसरे सीजन में मामला शादी तक पहुंचा और अब तीसरे सीजन में तनु विदेश जाना चाहती है। क्यों? इसलिए क्योंकि उसके साथ काम करने वाली श्रद्धा को जर्मनी में मौका मिल गया है।
कहानी कंपनी कंपनी की
वेब सीरीज ‘परमानेंट रूममेट्स’ की कहानी के तीसरे सीजन तक आते आते इसे बनाने वाली कंपनी टीवीएफ की कहानी ही कुछ और हो चुकी है। लेकिन, अच्छी बात ये है कि मिकी और तनु की कहानी पर इसका खास असर दिखा नहीं है। सिवाय इस बात के कि दोनों का रहन सहन का स्तर ऊंचा हो गया है। दोनों मीरा रोड से निकलकर अंधेरी की तरफ आ गए हैं। घर उनका बढ़िया है। पुरुषोत्तम का भी पेट निकल आय़ा है। चेहरे पर उसके भी अब गरीबी नहीं झलकती। पैसा इस बार पहले ही प्राइम वीडियो ने दे दिया है तो फ्लोर कंपेनियन या ओला जैसे ब्रांड की मदद की जरूरत भी इस बार नहीं है।
विश्वपति सरकार का बोया बीज
टीवीएफ में रहते हुए विश्वपति सरकार ने वेब सीरीज ‘परमानेंट रूममेट्स’ का ताना बाना रचा था। पहली देसी सीरीज से ही उनका मामला जम गया। अब जब इसका तीसरा सीजन रिलीज हो रहा है तो वह और उनके साथी नेटफ्लिक्स पर ‘काला पानी’ लेकर आए हैं, अपनी नई कंपनी पोशम पा पिक्चर्स के जरिये। मिकी और तनु की कहानी में तीसरे सीजन की रवानी थोड़ा रुककर आती है। मामला इस बार भी रोल प्ले से ही शुरू होता है, लेकिन इस बार मम्मी की एंट्री का सरप्राइज अच्छा है। वैभव औऱ श्रेया ने इस लिहाज से सीरीज को लिखने का काम अच्छा किया है। एक हिट सीरीज का अगला सीजन लिखना आसान नहीं होता, खासतौर से तब जब किरदारों का विकास भी उनकी उम्र और पेशे के साथ दिखाना हो।
चढ़ती उम्र के बदलते तनाव बिंदु
श्रेयांस पांडे ने वेब सीरीज ‘परमानेंट रूममेट्स’ के तीसरे सीजन को थोड़ा ‘रिच’ फील के साथ बनाने की कोशिश की है। और, लंबे लंबे सीन्स के चलते उनके सामने मामला कई बार कठिन भी होता दिखता है लेकिन ये सीरीज इसके किरदारों से पानी पाती है। मिकेश और तनु के रूप में सुमित व्यास और निधि सिंह अब युवा नहीं रह गए हैं। पुरुषोत्तम के जरिये ये बताया भी जाता है कि तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है। लेकिन, चेहरे पर झलकती उम्र के बावजूद सुमित और निधि ने कहानी का सम बनाए रखने की कोशिश बहुत अच्छी की है। दोनों का लड़ना, झगड़ना, रूठना और फिर मनाना बहुत स्वाभाविक बन पड़ा है।
सीनियर कलाकारों ने जमाया रंग
दो पीढ़ियों का अंतर जहां सिमटता दिखता है, वहां की कहानी है वेब सीरीज ‘परमानेंट रूममेट्स’ का सीजन 3। पीढ़ी एकांतरण का ये सिलसिला तब से चला आ रहा है जब से ‘अंकल’ के ‘पापा’ बन जाने का चलन चला आ रहा है। लेकिन, अब पापा के पास भी बिटिया के लिए समय नहीं है और वह झुंझला रहे हैं क्योंकि 60 साल की उम्र में भी उन्हें थोड़ी सी प्राइवेसी चाहिए। पुरुषोत्तम इसमें उनके ‘पौरुष’ का मामला तलाश रहा है। शीबा चड्ढा के किरदार का अपना अलग आकर्षण है। और, शिशिर शर्मा व आयशा रजा मिश्रा की कहानी भी तो अब नई दिशा में चल पड़ी है। मामला मिकी और तनु के बीच का भी संगीन हो चला है और कुल मिलाकर सीरीज का तीसरा सीजन अपने मूड और अपने इतिहास के हिसाब सेट है। पांच एपिसोड हैं, फटाफट देख डालिए।