I M Not Done Yet Review: कॉमेडी की कोयलों को कपिल शर्मा का नया सबक, किस्सा वही जो आंखें नम कर जाए
अवसाद का बेहतरीन इलाज है हंसी। रोते हुए को हंसाना सबसे बड़ा पुण्य भी माना गया है। मां भी पूरा जीवन इसी कोशिश में लगी रहती है कि बेटा हमेशा मुस्कुराता रहे। पिता का क्या है, वह तो बस अपनी अलमारी के पुराने कपड़े इसलिए संभालता रहता है कि घर वालों की अलमारियां नए कपड़ों से सजी रहें। दिन रात डांटते रहने वाला पिता भी बेटे के बाहर से हारकर आने पर जब उसे गले लगा लेता है तो वही बेटा एक दिन जग जीतकर भी लौटता है। लेकिन, इस बार बेटा जब घर आए और हार पर गले लगाने वाले पिता जगजीत बेटे को गले लगाने के लिए मौजूद ना हों तो बेटे के आंसू भर आना लाजिमी है। ‘कपिल शर्मा आई एम नॉट डन येट’ यानी ‘अभी मैं चुका नहीं हूं’ कहने को तो करीब घंटे भर का स्टैंड अप कॉमेडी शो है पर ये अपने आप में एक पूरी फिल्म भी है। इस फिल्म में एक पारिवारिक फिल्म जैसा सब कुछ है। हास्य का असली आनंद व्यंग्य में हैं और व्यंग्य का असली आनंद तब है जब ये अपने क्लाइमेक्स में पढ़ने वाले, सुनने वाले या फिर देखने वाले की आंखें नम कर दे। अपने पुलिसकर्मी पिता की नकल उतार उतारकर स्टैंडअप कॉमेडी के चैंपियन बने कपिल शर्मा ने फिर एक बार अपनी पिता की यादों को अपनी कामयाबी की नैया बनाया है और ओटीटी का पहला सफर कामयाबी के साथ पूरा करने में सफल रहे हैं। शो का आखिरी फ्रेम इस शो की असली जीत है।
नेटफ्लिक्स के लिए कपिल शर्मा का ये शो ‘आई एम नॉट डन येट’ देसी कॉमेडी बनाने वालों के लिए एक सबक भी है। स्टैंडअप कॉमेडियन की एक जैसी खेती खड़ी कर देने वाले जाकिर खानों को ये शो जरूर देखना चाहिए कि बिना गाली का इस्तेमाल किए, बिना दैहिक क्रियाओं की फूहड़ता लाए, बिना संभोगी शब्दों का इस्तेमाल किए भी लोगों को कैसे हंसाया जा सकता है। कपिल शर्मा का ये शो कोई महान शो नहीं है लेकिन ये ओटीटी के सबसे बड़े दिग्गज नेटफ्लिक्स को एक नई दिशा दिखाने वाला शो हो सकता है। कपिल शर्मा ने इस शो से अपना 14 साल का वह वनवास भी पूरा किया है जिसमें वह लॉफ्टर चैंपियन बनने के बाद से भटक रहे थे। कपिल शर्मा शो में भी उनकी क्षमता और प्रतिभा का पूरा इस्तेमाल कई बार हुआ नहीं। शायद दो बच्चों के पिता बनने के बाद जो वह करना चाह रहे हैं, वह यही है, ‘कपिल शर्मा आई एम नॉट डन येट’!
नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ एक घंटे का शो ‘कपिल शर्मा आई एम नॉट डन येट’ हो सकता है चुनाव के इस दौर में राजनीतिक दलों के निशाने पर भी आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किए ट्वीट पर कपिल ने अपनी तरफ से बहुत ही दिलचस्प तरीके से सफाई रखी है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपनी मुलाकात को भी कपिल ने इसमें याद किया और राहुल गांधी भी पटकथा का हिस्सा बनकर इस शो में आ ही जाते हैं। कपिल ने अपनी सारी कमियों और सारे विवादों को इस शो की पटकथा में गूंथ दिया है और इसका स्वाद कुछ कुछ वैसा ही मजेदार बन गया है, जैसे शाम की बची हुई दाल को आटे में गूंथकर सुघड़ गृहणियां स्वादिष्ट पराठे बना देती हैं। कहानी एक मनोचिकित्सक की बातचीत से शुरू होती है जिसके बहाने कपिल अपना बीता हुआ कल पूरा का पूरा दर्शकों के सामने अपने नजरिये से खोलकर रख देते हैं।
‘कपिल शर्मा आई एम नॉट डन येट’ शो की पटकथा ही इसकी जीत है जिसे अनुकल्प गोस्वामी ने कपिल के साथ बैठकर लिखा है। और, इसकी दूसरी सबसे मजबूत कड़ी है इसका निर्देशन। कपिल ने इसमें अपने पिता का मजाक भी बनाया है और उन्हें अपने जीवन का सबसे बड़ा सितारा भी माना है। कथन जहां भी थोड़ा कमजोर होता दिखता है निर्देशक साहिल छाबड़िया दर्शको में बैठी कपिल की पत्नी गिन्नी चतरथ को इसमें शामिल कर लेते हैं। कपिल की मां भी दर्शकों में बैठी दिखती हैं हालांकि उनकी प्रतिक्रियां उन अहम दृश्यों पर सामने नहीं आतीं जब कपिल अपने पिता पर तंज कस रहे होते हैं। शो का समापन आर्को के लिखे, उन्हीं के संगीतबद्ध और कपिल शर्मा के गाए एक अंग्रेजी गाने से होता है। कमाल का है ये गाना और हर पिता चाहेगा कि एक दिन उनका बेटा उनके लिए भी ऐसा गाना गाए। कामयाबी आपका गहना तभी बनती है जब ये आपको विनम्र बना दे।
नेटफ्लिक्स की क्रिएटिव टीम में जिस किसी ने भी इस शो को बनाने, संवारने और स्वीकृत करने की जिम्मेदारी ली, उसने तारीफ के काबिल काम किया है। पूरे शो को देखने के दौरान यही शंका बनी रही कि कहीं इसमें भी प्राइम वीडियो वाले कॉमेडियन्स का असर न आ जाए, लेकिन एक दो हल्के फुल्के वयस्क किस्सों को छोड़ दें तो बाकी का पूरा शो सामूहिक मनोरंजन का इस वीकएंड का बेहतरीन विकल्प है। कपिल शर्मा शो की सबसे बड़ी कमजोरी इसका फॉर्मेट में बंध जाना रहा है। कपिल के प्रशंसक लाखों की तादाद में हैं और वह कपिल को चाहते रहे हैं तो बस इसीलिए कि ये कलाकार बंदिशों वाला कलाकार नहीं है। बंदिशों में बंधकर दरअसल कोई भी कलाकार अपना नैसर्गिक प्रदर्शन नहीं कर सकता और टेलीविजन के दर्शक इसको फरमे के बाहर आने नहीं देते। ऐसे में कपिल को ‘आई एम नॉट डन येट’ वाली अपनी भावना पर डटे रहना चाहिए और ऐसे एक एक घंटे के ऐसे शोज महीने में एक तो बनाते ही रहना चाहिए। सदा हंसते रहो।