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Akka Review: महिलाओं के साम्राज्य में खून, बदला और गद्दी की लड़ाई; कीर्ति-राधिका की वेब सीरीज में कितना दम?

Fri, 30 Oct 2026 12:30 PM IST
Kiran Vinod Kumar Jain किरण जैन
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:30 PM IST
सार

  • Akka Review: कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे की अदाकारी वाली वेब सीरीज 'अक्का' आज ओटीटी पर रिलीज हो गई है। 
  • सीरीज में सत्ता के लिए दो महिलाओं का संघर्ष दिखाया गया है।
  • इस रिव्यू में पढ़ें कि यह सीरीज कैसी है और देखने लायक है या नहीं।

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Kirti suresh and radhika apte starrer web series Akka review
अक्का फिल्म रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
Movie Review
अक्का
कलाकार
कीर्ति सुरेश , राधिका आप्टे , तन्वी आजमी , मोनिका पंवार , अंशुमान पुष्कर , विशाक नायर , महेश मांजरेकर , छाया कदम , बी. जयश्री , निवेदिता भार्गव और पूर्णिमा इंद्रजीत
लेखक
धर्मराज शेट्टी
निर्देशक
धर्मराज शेट्टी
निर्माता
यशराज फिल्म्स एंटरटेनमेंट
रिलीज डेट:
30 अक्तूबर
रेटिंग
3.5/5

विस्तार

क्या महिलाओं के हाथ में सत्ता हो, तो दुनिया के नियम बदल जाते हैं? नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘अक्का’ इसी सवाल के साथ एक ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहां करीब 800 साल से औरतों का राज है। यहां गद्दी मां से बेटी को मिलती है। अपराध की दुनिया पर भी महिलाओं का कब्जा है। लेकिन सत्ता की लड़ाई, बदला और पुरानी दुश्मनी यहां भी मौजूद हैं।
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कीर्ति सुरेश, राधिका आप्टे और तन्वी आजमी की यह सीरीज एक दिलचस्प दुनिया रचती है। पांच एपिसोड में फैली यह कहानी सस्पेंस और सत्ता के संघर्ष के दम पर कितना बांध पाती है? पढ़िए पूरा रिव्यू।
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Kirti suresh and radhika apte starrer web series Akka review
अक्का - फोटो : यूट्यूब
कहानी: गद्दी के लिए आमने-सामने दो महिलाएं
‘अक्का’ की कहानी 1985 के काल्पनिक दक्षिण भारतीय शहर पेरनुरु की है। यहां करीब 800 साल से महिलाओं का शासन है। गद्दी पर बैठने वाली महिला को ‘अक्का’ कहा जाता है। यह पद मां से बेटी को मिलता है। बेटों का इस विरासत पर अधिकार नहीं है। शहर में कारोबार से लेकर अपराध तक, हर अहम फैसले में महिलाओं की चलती है।

लेकिन महिलाओं के इस साम्राज्य में सब कुछ ठीक नहीं है। पेरनुरु के तीन क्षेत्र हैं - मल्लेमार, हेरकाडा और पेरप्लाडी। येरुमा ट्राइब और कठवा की महिलाओं का अतीत भी कहानी से जुड़ा है। इन परिवारों के बीच पुराने विवाद हैं, जिनका असर आज की सत्ता की लड़ाई पर पड़ता है।

मुत्थाका यानी अक्का (तन्वी आजमी) इस व्यवस्था की ताकतवर महिला है। उसके बाद भवानी (कीर्ति सुरेश) इस सत्ता संघर्ष का अहम चेहरा बनती है। दूसरी तरफ रुद्रा (राधिका आप्टे) है, जो भवानी के सामने चुनौती बनकर खड़ी होती है। दोनों के बीच टकराव बढ़ता है, तो पुराने हिसाब-किताब भी सामने आने लगते हैं।

भवानी और रुद्रा की पहली भिड़ंत सीरीज के दिलचस्प दृश्यों में से एक है। दोनों के बीच बातचीत से ही उनके नजरिये का फर्क साफ हो जाता है। रुद्रा मुंबई के उन पुरुषों की बात करती है, जिन्हें महिलाओं ने कथित तौर पर बर्बाद किया और जो अब उसके गैंग का हिस्सा हैं। भवानी का जवाब है कि मर्दों का अहंकार उनकी अक्ल से बड़ा होता है।

यहां बातचीत सिर्फ गद्दी तक सीमित नहीं रहती। दोनों के बीच महिलाओं की आजादी, पुरुषों के प्रति नजरिये और अपनी पहचान को लेकर भी टकराव है। रुद्रा खुद को किसी की मां, बेटी या बहन के रूप में नहीं देखना चाहती। उसके लिए उसकी पहचान उसके अपने काम से है। भवानी के सामने दूसरी चुनौती है। उसे विरासत में मिली सत्ता को बचाना है।

यही फर्क दोनों के किरदारों को दिलचस्प बनाता है। रुद्रा अपनी शर्तों पर सत्ता चाहती है, जबकि भवानी के लिए अपनी गद्दी बचाना सबसे बड़ी चुनौती है।लेकिन इस अच्छे विचार को कहानी हर जगह बराबर मजबूती से आगे नहीं बढ़ा पाती।

पेरनुरु की दुनिया में कई परिवार, पुराने विवाद और सत्ता के अलग-अलग दावेदार हैं। इन्हें एक साथ समझने में थोड़ी परेशानी होती है। कुछ घटनाओं के पीछे की वजहें और साफ होतीं, तो कहानी से जुड़ना आसान रहता।
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Kirti suresh and radhika apte starrer web series Akka review
अक्का - फोटो : यूट्यूब
अभिनय: कीर्ति सुरेश जंचती हैं, राधिका आप्टे का अंदाज जाना-पहचाना
‘अक्का’ के जरिए कीर्ति सुरेश ने ओटीटी की दुनिया में कदम रखा है। भवानी के किरदार में वह जंचती हैं। उनका गंभीर अंदाज और संवाद बोलने का तरीका किरदार के रुतबे के अनुकूल है। वह हर वक्त गुस्सा दिखाए बिना भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं। उनका पारंपरिक लुक भी भवानी के व्यक्तित्व के साथ मेल खाता है।

राधिका आप्टे रुद्रा के किरदार में बेबाक नजर आती हैं। मुंबई से आई इस महिला का बात करने का तरीका और अपनी बात पर अड़े रहने का अंदाज उसे बाकी किरदारों से अलग करता है। राधिका कुछ बोल्ड और अंतरंग दृश्यों में भी सहज हैं।

हालांकि, अपनी शर्तों पर जीने वाली बागी महिला का यह अंदाज उनके पिछले कुछ किरदारों की याद दिलाता है। इसलिए अभिनय प्रभावित करता है, लेकिन किरदार के व्यक्तित्व में बहुत नयापन महसूस नहीं होता।

तन्वी आजमी मुत्थाका के किरदार में अपने सधे हुए अभिनय से प्रभावित करती हैं। उनके हावभाव और बोलने के अंदाज से किरदार का अनुभव और रुतबा झलकता है। युवा मुत्थाका के रूप में मोनिका पंवार भी अच्छी लगती हैं।

अंशुमान पुष्कर, विशाक नायर, महेश मांजरेकर और छाया कदम समेत बाकी कलाकार भी अपनी भूमिकाओं में ठीक हैं। हालांकि, कुछ सहायक किरदारों को ज्यादा समय नहीं मिलता। इससे उनकी कहानी और उनके फैसलों को समझने का मौका सीमित रह जाता है।
 
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Kirti suresh and radhika apte starrer web series Akka review
अक्का - फोटो : यूट्यूब
निर्देशन: अनोखी दुनिया, लेकिन कहानी में कुछ कड़ियां कमजोर
धर्मराज शेट्टी ने सीरीज का लेखन और निर्देशन किया है। महिलाओं के शासन वाली गैंगस्टर दुनिया इसका सबसे अलग पहलू है। पेरनुरु के नियम केवल संवादों के जरिए नहीं समझाए गए हैं। वहां के घर, पहनावा, रस्में और किरदारों का व्यवहार भी इस व्यवस्था की झलक देते हैं।

यहां की प्राचीन परंपरा ‘अंकम’ कहानी का अहम हिस्सा है। इसमें घरानों के प्रतिनिधि अपने हक के लिए खून की लड़ाई लड़ते हैं। यह मुकाबला सम्मान और सत्ता पर अधिकार से जुड़ा है। भवानी और रुद्रा के बीच संघर्ष के कारण इस परंपरा का महत्व और बढ़ जाता है।

हालांकि, कहानी की दुनिया जितनी बड़ी है, उसके सभी हिस्सों को उतना समय नहीं मिला। मुत्थाका के परिवार पर ज्यादा ध्यान दिया गया है, जबकि दुग्गम्मा और सुब्बम्मा के परिवारों को और विस्तार मिल सकता था। इससे पेरनुरु के तीनों क्षेत्रों और उनके बीच के रिश्तों को समझना आसान होता।

कुछ जगह घटनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं। किरदार कोई फैसला लेते हैं, लेकिन उसके पीछे की वजहों को समझने का पर्याप्त मौका नहीं मिलता। कहानी में मोड़ जरूर आते हैं, मगर हर मोड़ उतना असर नहीं छोड़ता। ऐसे में सीरीज का विचार जितना मजबूत है, उसका कहानी में इस्तेमाल उतना प्रभावी नहीं बन पाता।
 

Kirti suresh and radhika apte starrer web series Akka review
अक्का - फोटो : यूट्यूब
सेट, कपड़े और संगीत कैसे हैं?
पेरनुरु को पर्दे पर खड़ा करने में प्रोडक्शन डिजाइन और कॉस्ट्यूम का योगदान दिखता है। घरों, पहनावे और रस्मों से इस समाज की अलग पहचान बनती है। बैकग्राउंड म्यूजिक तनाव वाले दृश्यों का असर बढ़ाता है। हालांकि, तकनीकी पक्ष कहानी की कमजोर कड़ियों की भरपाई नहीं कर पाता।
 

Kirti suresh and radhika apte starrer web series Akka review
अक्का - फोटो : यूट्यूब
देखें या छोड़ दें?
‘अक्का’ का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी दुनिया और महिला सत्ता को लेकर इसका विचार है। अगर आपको महिला किरदारों की सत्ता की लड़ाई, पुरानी दुश्मनी और सस्पेंस वाली कहानियां पसंद हैं, तो यह सीरज देखी जा सकती है। इसकी दुनिया और कलाकार ध्यान खींचते हैं।

लेकिन कहानी के कुछ हिस्सों को और विस्तार मिलता, तो यह सीरीज अपने अनोखे विचार को कहीं बेहतर ढंग से पर्दे पर उतार पाती।
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