Housefull 5 Review: साजिद इस बार लाए कुल 19 ‘सिकंदर’, सब एक से एक धुरंधर, बस, अक्षय की कॉमेडी का सही लगा सुर
15 साल पहले शुरु हुई निर्माता साजिद नाडियाडवाला की फिल्म फ्रेंचाइजी ‘हाउसफुल’ अब अपनी पांचवीं कड़ी तक आ पहुंची है। पहली फिल्म की कहानी भी उनकी ही लिखी हुई थी और अब फ्रेंचाइजी की पांचवी फिल्म ‘हाउसफुल 5’ भी उन्हीं की सोची हुई कहानी पर आधारित है। लंबा अरसा पहले साजिद ने इस सीरीज की पांचवीं फिल्म को एक अनोखे प्रयोग के रूप में विकसित करने का महत्वाकांक्षी ख्वाब बुना था, तब वह एक मल्टीप्लेक्स के अलग अलग सिनेमाघरों में इसे अलग अलग क्लाइमेक्स के साथ रिलीज करना चाहते थे। साजिद नाडियाडवाला की गिनती हिंदी सिनेमा के धन कुबेरों में होती है, और, अपने इस ख्वाब को हकीकत में उतारने की कोशिश भी उन्होंने जरूर की ही होगी, लेकिन अंत में ये फिल्म दो क्लाइमेक्स के साथ रिलीज हो रही है। तो सिनेमाघरों में शुक्रवार से एक नहीं दो ‘हाउसफुल 5’ हैं, ‘हाउसफुल 5 ए’ और ‘हाउसफुल 5 बी’।
अलीबाबा और चालीस चोर की आधी कहानी
‘हाउसफुल’ फिल्म सीरीज की पिछली चार फिल्मों ने जानकारी के मुताबिक दुनिया भर में करीब 788 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसमें से 296 करोड़ रुपये तो सिर्फ पिछली फिल्म ‘हाउसफुल 4’ ने कमाए थे। ये अलग बात है कि अब इस बार जो फिल्म ‘हाउसफुल 5’ रिलीज हो रही है, उसका बजट ही तकरीबन इतना ही है। सीरीज की पहली दो फिल्में साजिद खान ने निर्देशित कीं। तीसरी में राइटर जोड़ी साजिद-फरहाद का नंबर लगा। चौथी फरहाद सामजी ने अकेले निर्देशित की और अब बारी है निर्देशक तरुण मनसुखानी की जो फिल्म ‘ड्राइव’ के छह साल बाद कोई फिल्म लेकर आ रहे हैं। इतना ही वक्त करीब ‘हाउसफुल 5’ और ‘हाउसफुल 4’ के बीच बीत चुका है। फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म 2010 में, दूसरी दो साल बाद 2012 में, दूसरी और तीसरी में चार साल का अंतर रहा और ये फिल्म आई 2016 में, चौथी इसके तीन साल बाद 2019 में आई और अब इसके छह साल बाद ‘हाउसफुल 5’। कहने को फिल्म में कोई 19 नामचीन सितारे हैं, लेकिन फिल्म के नतीजे का सीधा असर जिस कलाकार पर सबसे ज्यादा होने वाला है, वह हैं अभिनेता अक्षय कुमार।
जॉली के आगे दो जॉली, जॉली के पीछे दो जॉली
अक्षय कुमार की आखिरी स्पष्ट हिट फिल्म दो साल पहले रिलीज हुई ‘ओएमजी 2’ रही है। इसके बाद से वह चार बड़ी फ्लॉप फिल्में ‘मिशन रानीगंज’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘सरफिरा’ और ‘खेल खेल में’ दे चुके हैं। इस साल रिलीज उनकी दोनों फिल्में ‘स्काई फोर्स’ और ‘केसरी 2’ को लोग देखने तो आए लेकिन जैसी कामयाबी की उम्मीद इनके निर्माताओं की रही होगी, वैसी कमाई इन दोनों फिल्मों ने नहीं की। अब बारी ‘हाउसफुल 5’ की है। अगर आपने नेटफ्लिक्स पर मौजूद फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री’ देखी है तो आपको फिल्म ‘हाउसफुल 5’ की कहानी का आधार समझ आ जाएगा। एक शानदार पानी के जहाज पर एक मालदार असामी की मौत होती है और उसके तीन वारिस वहां प्रकट हो जाते हैं। अक्षय कुमार की ही हिट फ्रेंचाइजी ‘जॉली एलएलबी’ के किरदार का नाम जॉली यहां तीन बार प्रकट होता है। ये तीन जॉली बने हैं, खुद अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख। इस तरह से ये स्पष्ट होता है कि फिल्म में मेन हीरो तीन हैं, बाकी जो भी हैं सब साइड हीरो हैं। ‘खलनायक’ में हीरो और विलेन बन चुके जैकी श्रॉफ और संजय दत्त एक साथ यहां नजर आते हैं पुलिस अफसरों के किरदार में। फिल्म की पहली झलक जिस ‘लाल परी’ गाने से नजर आई थी, उस पर कॉपीराइट का क्लेम हुआ। टी सीरीज का मामला था, तो इसे जैसे निपटना था, वैस ही निपटा। ये गाना ही इस फिल्म की सबसे बड़ी हाईलाइट है।
याद आ सकती है 1980 की ‘चोरों की बारात’
निर्देशक तरुण मनसुखानी के पास इस फिल्म में लाइट्स, रोल साउंड, रोल कैमरा और एक्शन बोलने के अलावा ज्यादा कुछ खास दिखता नहीं है। दर्जन भर से ज्यादा कलाकार हैं, सब अपने अपने हुनर में माहिर, सब अपने अपने फन के उस्ताद, इन्हें कोई क्या ही इस मेले में निर्देशित कर पाएगा। जी हां, अगर आपने अतीत में फिल्म ‘चोरों की बारात’ देखी है तो समझ आएगा कि इस तरह के विचार में सितारों की भरमार ही फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी होती है और तकरीबन इन 20 कलाकारों में से कौन क्या कर रहा है, इसका हिसाब रखने बैठ गए तो फिल्म और समझ नहीं आने वाली। यहां आसमानी हीरें भी थोक के भाव में हैं और सब एक से एक परम सुंदरी। कॉमेडी, क्राइम और ग्लैमर के इस कॉकटेल में नींबू पानी की तरह सबसे अलग दिखते हैं नाना पाटेकर। और, मुंह बना बनाकर होने वाली कॉमेडी या कहें कि स्लैपस्टिक कॉमेडी वाली इस फिल्म में उनका अलग सा अवतार ही कुछ उम्मीदें भी जगाता है। बाकी सब में बस अक्षय कुमार का सुर ही सही लगता दिख रहा है। बताते हैं कि फिल्म की कास्टिंग में उनका सबसे बड़ा रोल भी रहा है।
कहानी साजिद नाडियाडवाला के अति उत्साह की
फिल्म ‘हाउसफुल 5’ देखकर ये तो समझ आता है कि अगर निर्माता के पास पैसा हो तो वह तमाशा आज भी बड़ा सा सजा सकता है लेकिन इस तमाशे के लिए जरूरी एक सही पटकथा वह कितने भी पैसे खर्च करके नहीं लिखवा सकता है। जेम्स बॉन्ड सीरीज से रिटायर होने के बाद डेनियल क्रेग जो ‘नाइव्स आउट’ फिल्म सीरीज कर रहे हैं, उसकी तीसरी कड़ी इसी साल दिसंबर में आने वाली है। सीरीज की पहली दो फिल्में खासी मनोरंजक रही हैं, पर वैसा स्तर फिल्म ‘हाउसफुल 5’ का नहीं है। मल्टीप्लेक्सेस में रिलीज हुई ये फिल्म दरअसल सिंगल स्क्रीन थियेटर वाले दर्शकों की सोच की मनोरंजक खुराक बन सकती है। लेकिन सस्ती टिकटों की तलाश में रहने वाले दर्शक मल्टीप्लेक्स आते नहीं है और मल्टीप्लेक्स जो आते हैं, उनके लायक हिंदी फिल्में इन दिनों बनती नहीं है। मामला बहुत संगीन है, लेकिन इसके इलाज के लिए सही कहानी पर काम कम ही लोग कर रहे हैं। मामला रिस्की है और साजिद नाडियाडवाला के लिए फिल्म ‘सिकंदर’ के बाद ये इस साल की दूसरी खतरे की बड़ी घंटी भी है। वैसे साजिद की आखिरी हिट फिल्म ‘हाउसफुल 4’ (2019) ही रही है, उसके बाद वह कतार से 10 फ्लॉप फिल्में बना चुके हैं, इनमें से ‘बवाल’ को तो सीधे ओटीटी पर रिलीज करना पड़ा था।