सेकेंड हैंड हस्बैंड समीक्षा: पहली बार किसी सितारे की संतान की इतनी खराब शुरुआत
निर्माताः गखाल ब्रदर्स
निर्देशक-लेखकः समीप कांग
सितारेः गिप्पी ग्रेवाल, टीना आहूजा, गीता बसरा, धर्मेंद्र, रति अग्निहोत्री, विजय राज, संजय मिश्रा
रेटिंग *1/2
सेकेंड हैंड हस्बैंड को आप इसलिए याद रखेंगे कि एक जमाने में सुपरस्टार रहे गोविंदा की बेटी टीना आहूजा की यह पहली फिल्म है। लेकिन इसे इसलिए भी याद रखा जाएगा कि किसी सितारे की संतान की इतनी खराब शुरुआत आपने पहले कभी नहीं देखी। फिल्म के स्तर पर भी और काम के स्तर पर भी।
गोविंदा ने बेटी को खुद लॉन्च नहीं किया, लेकिन क्या सोच कर यह फिल्म करने की मंजूरी दी, समझ से परे है। फिल्म में टीना को पर्दे पर पर्याप्त जगह तक नहीं मिली।
वैसे सच यह भी है कि चमकने के लिए टीना की तैयारियां कमजोर नजर आती हैं। यही हाल पंजाबी फिल्मों के सितारे गिप्पी ग्रेवाल का है। अपनी पहली हिंदी फिल्म में वह बॉलीवुड के साधारण नायकों से भी पीछे नजर आते हैं।
धर्मेंद्र, विजय राज और संजय मिश्रा का क्या है रोल
अगर धर्मेंद्र, विजय राज और संजय मिश्रा जैसे शानदार ऐक्टरों के किरदारों को हटा दें तो यह फिल्म पिचके हुए गुब्बारे जैसी है। जबकि ये लोग मुख्य लीड नहीं हैं। फिल्म की कहानी इतनी है कि राजबीर (गिप्पी ग्रेवाल) और गुरप्रीत (टीना आहूजा) एक-दूसरे प्यार करते हैं।
परंतु राजबीर शादीशुदा है और तलाक के बाद उसे पत्नी (गीता बसरा) को मासिक गुजारा-भत्ता देना होगा। वकील गुरप्रीत उसे बताती है कि अगर पत्नी के लिए राजबीर योग्य वर ढूंढ कर शादी करा दे तो खर्चे जिम्मेदारी से बरी हो जाएगा।
तब राजबीर पत्नी के लिए लड़का ढूंढना शुरू करता है। इस बीच रंगीन मिजाज के होटल मालिक बने धर्मेंद्र और उनकी पत्नी बनी रति अग्निहोत्री की कहानी है, जो तलाक लेना चाहते हैं। दूसरी तरफ विधुर पुलिस इंस्पेक्टर राकेश (विजय राज) को एक पत्नी की तलाश है। संजय मिश्रा तलाक दिलाने वाले वकील के रूप में हैं।
चुटकुलेबाजी का आनंद लेने वालों को यहां कुछ मजा मिल सकता है
धर्मेंद्र, विजय राज और संजय मिश्रा जरूर हंसाते हैं लेकिन एक फिल्म के रूप में सेकेंड हैंड हस्बैंड और इसके मुख्य कलाकार पूरी तरह से निराश करते हैं। गिप्पी ग्रेवाल को बॉलीवुड में जमने के लिए दूसरे पैकेज के साथ आना होगा। टीना को गोविंदा के नाम के सहारे के बगैर दूसरा मौका मिलना कठिन दिखता है।
गीता बसरा साधारण दिखी हैं। बॉलीवुड में उनका भविष्य इस फिल्म से भी नहीं संवरने वाला। अंत में फिल्म केवल इस बात पर मुहर लगाती है कि गीता क्रिकेटर हरभजन सिंह की हो चुकी हैं। फिल्म के आखिरी दृश्य में हरभजन का आना इस बात की गवाही है। चुटकुलेबाजी का आनंद लेने वालों को यहां कुछ मजा मिल सकता है। वैसे आपको अपना स्टैंडर्ड खुद तय करना है।