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Film Review: उधार की कहानी में छलावे के अमिताभ का 'बदला', क्लामेक्स है सबसे कमजोर कड़ी
Fri, 08 Mar 2019 02:46 PM IST
शिप्रा सक्सेना
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिप्रा सक्सेना
Updated Fri, 08 Mar 2019 02:46 PM IST
सार
- फिल्म रिव्यू: बदला
- कलाकार: अमिताभ बच्चन, तापसी पन्नू, अमृता सिंह, टोनी ल्यूक और मानव कौल।
- निर्देशक: सुजॉय घोष
- रेटिंग: **1/2
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Badla film
- फोटो : twitter
विस्तार
स्पैनिश फिल्म 'कॉन्ट्राटिएम्पो' की रीमेक 'बदला' शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की 'जीरो' के बाद रिलीज हुई अगली फिल्म है। फिल्म के प्रचार के लिए अमिताभ बच्चन ने मीडिया इंटरव्यू जब ई मेल के जरिए देने की पेशकश की थी तभी लगने लगा था कि फिल्म को लेकर इसकी टीम कितनी सीरियस है। फिर शाहरुख खुद रिपोर्टर बने और 'बदला अनप्लग्ड' नाम से अमिताभ के कुछ इंटरव्यू भी कर डाले। इन इंटरव्यूज में तापसी पन्नू का जिस तरह मजाक बना, वह भी फिल्म को लेकर बने जोश पर पानी डालने के लिए काफी रहा।
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अब बात करते हैं फिल्म की। तापसी पन्नू बनी हैं नैना सेठी जो लंदन की बिजनेस वूमन है और एक गैर मर्द से रिश्ते बना लेती है। इस शख्स की हत्या हो जाती है और शक के आधार पर पुलिस ने नैना को उनके ही घर में नजरबंद कर दिया है। कहानी में एंट्री होती है वकील बादल गुप्ता की। बादल रिटायर होने को है और अपने 40 साल के करियर में उसने एक भी केस नहीं हारा है। बादल की तफ्तीश में नैना का सच दरकने लगता है। कहानी बदलने लगती है। पति, पत्नी और वो की इस कहानी का क्लाइमेक्स बहुत बड़ा ढप्पा है, लेकिन उसे यहां बताकर फिल्म देखने का मजा खराब करना हम नहीं चाहेंगे।
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फिल्म की कहानी दिलचस्प है और सुजॉय घोष का निर्देशन आखिर तक आपको आपकी सीट से हिलने नहीं देता। सुजॉय ने इसकी स्क्रिप्ट पर भी मेहनत की है और पूरे सेटअप को भी काफी रहस्यमयी बनाए रखा है। विद्या बालन को अपनी फिल्म कहानी से बड़ा कमबैक देने वाले सुजॉय यहां शाहरुख की कंपनी को कमबैक देने की कोशिश कर रहे हैं। फिल्म तकनीकी रूप से बहुत दमदार है।
बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म का किरदार बन जाता है। अभिनय के लिहाज से अमिताभ बच्चन ने फिर एक बार साबित किया कि वह अब भी अकेले अपने दम पर पूरी फिल्म खींचने का माद्दा रखते हैं और तापसी पन्नू ने उनका साथ भी बखूबी दिया है। टोनी ल्यूक का हिंदी सिनेमा में डेब्यू काबिले तारीफ है। फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है इसका क्लाइमेक्स और ये एंगल निकालने से पहले सुजॉय घोष, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान ने क्या कुछ सोचा होगा, वही जानें।
दर्शकों के जेहन में इसे लेकर बहुत सवाल उठने वाले हैं। अमिताभ की आवाज़, उनकी कद काठी, झुका हुआ बांया कंधा और उनके चलने का अंदाज़ एक बहुत बड़ी बौद्धिक संपदा है, अब उसे कोई यूं ही कल का छोकरा अपना बनाने की कोशिश करेगा तो बदला कभी पूरा नहीं होगा। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में फिल्म 'बदला' को मिलते हैं ढाई स्टार।
बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म का किरदार बन जाता है। अभिनय के लिहाज से अमिताभ बच्चन ने फिर एक बार साबित किया कि वह अब भी अकेले अपने दम पर पूरी फिल्म खींचने का माद्दा रखते हैं और तापसी पन्नू ने उनका साथ भी बखूबी दिया है। टोनी ल्यूक का हिंदी सिनेमा में डेब्यू काबिले तारीफ है। फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है इसका क्लाइमेक्स और ये एंगल निकालने से पहले सुजॉय घोष, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान ने क्या कुछ सोचा होगा, वही जानें।
दर्शकों के जेहन में इसे लेकर बहुत सवाल उठने वाले हैं। अमिताभ की आवाज़, उनकी कद काठी, झुका हुआ बांया कंधा और उनके चलने का अंदाज़ एक बहुत बड़ी बौद्धिक संपदा है, अब उसे कोई यूं ही कल का छोकरा अपना बनाने की कोशिश करेगा तो बदला कभी पूरा नहीं होगा। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में फिल्म 'बदला' को मिलते हैं ढाई स्टार।