Bhavatharini Death: संगीतकार इलैयाराजा की बेटी का पार्थिव शरीर पहुंचा आवास, 47 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
इलैयाराजा की बेटी भवतारिणी का 25 जनवरी को निधन हो गया। उन्होंने 47 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। भवतारिणी का पार्थिव शरीर तमिलनाडु में इलैयाराजा के आवास पर लाया गया है।
विस्तार
महान संगीतकार इलैयाराजा की बेटी भवतारिणी का 25 जनवरी को निधन हो गया। उन्होंने 47 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। भवतारिणी का पार्थिव शरीर तमिलनाडु में इलैयाराजा के आवास पर लाया गया है। वे लंबी बीमारी से जूझ रही थीं और श्रीलंका में उनका इलाज चल रहा था। 25 जनवरी को कैंसर से भवतारिणी का निधन हो गया। उनके निधन पर तमाम सितारे शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 47 साल की उम्र में वे फिल्म उद्योग में एक प्रमुख हस्ती थीं, जिन्होंने 30 से अधिक फिल्मों में कई लोकप्रिय गीतों में अपनी मधुर आवाज दी थी।
#WATCH | Theni, Tamil Nadu: Mortal remains of playback singer and Music director Ilaiyaraaja's daughter Bhavatharini brought to her residence. Bhavatharini died of cancer on January 25. pic.twitter.com/0nJdS0WGcq
— ANI (@ANI) January 27, 2024विज्ञापन
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानिक हो चुकीं भवतारिणी
भवतारिणी के निधन से पूरे मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भवतारिणी ने इलाज के लिए भारत से श्रीलंका की यात्रा की थी। पांच महीने तक आयुर्वेदिक उपचार लेने के बावजूद उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 25 जनवरी को 5:20 बजे उनका निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर आज चेन्नई पहुंच गया है। भारती की फिल्म के एक गाने में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, जिसमें उन्होंने इलैयाराजा के साथ गाना गाया था।
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विभिन्न संगीत परियोजनाओं में किया सहयोग
एक बहुमुखी कलाकार के रूप में भवतारिणी ने एक अभिनेत्री, पार्श्व गायिका और संगीतकार के रूप में सम्माननीय प्रदर्शन किया। इलैयाराजा की बेटी होने के नाते उन्होंने अपने पिता और भाइयों के साथ विभिन्न फिल्म संगीत परियोजनाओं में सहयोग किया। अपने परिवार के संगीत प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद उनकी आवाज विशिष्ट रूप से विशिष्ट बनी रही।
इस गाने से भवतारिणी को मिली थी पहचान
फिल्म 'रसैय्या' में पार्श्व गायिका भवतारिणी के रूप में अपनी शुरुआत करते हुए उन्हें पहचान मिली, क्योंकि फिल्म का गाना जबर्दस्त हिट हुआ। उन्होंने अपने पिता और भाइयों द्वारा बनाई गई संगीत रचनाओं में अपनी आवाज देना जारी रखा और उन्होंने देवा और सिरपी जैसे कलाकारों के साथ भी काम किया।
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