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Manoj Bajpayee: चौथी बार नेशनल अवॉर्ड मिलने पर मनोज बाजपेयी ने खुद को बताया 'भाग्यशाली', बोले- जीवन धन्य हो...
Tue, 08 Oct 2024 05:02 PM IST
दीक्षा पाठक
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Tue, 08 Oct 2024 05:02 PM IST
सार
हाल ही में, एक वीडियो में अभिनेता ने कहा, "जब मुझे यह तीन बार मिला, तब भी राष्ट्रीय पुरस्कार की खबर मिलने पर मेरी प्रतिक्रिया वैसी ही थी जैसी चौथी बार है। जब मैं जीवन में मंच कर रहा था, तो मुझे लगता था कि अगर मुझे यह एक बार मिल जाए, तो मेरा जीवन धन्य हो जाएगा।"
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मनोज बाजपेयी
- फोटो : इंस्टाग्राम @bajpayee.manoj
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विस्तार
मनोज बाजपेयी और शर्मिला टैगोर की फिल्म गुलमोहर ने 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में तीन पुरस्कार जीते है। यह प्रतिष्ठित समारोह आज दिल्ली में हो रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित कर रही हैं। पुरस्कार समारोह से पहले अभिनेता मनोज बाजपेयी ने चौथी बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर अपनी खुशी जाहिर की। यही नहीं, अभिनेता ने खुद को भाग्यशाली भी बताया है।
मनोज बाजपेयी ने खुद को बताया भाग्यशाली
हाल ही में, एक वीडियो में अभिनेता ने कहा, "जब मुझे यह तीन बार मिला, तब भी राष्ट्रीय पुरस्कार की खबर मिलने पर मेरी प्रतिक्रिया वैसी ही थी जैसी चौथी बार है। जब मैं जीवन में मंच कर रहा था, तो मुझे लगता था कि अगर मुझे यह एक बार मिल जाए, तो मेरा जीवन धन्य हो जाएगा। और आज ऊपर वाले की कृपा से, मुझे गुलमोहर के लिए चौथी बार यह मिला है। इसलिए मैं खुद को बहुत भाग्यशाली कलाकार मानता हूं, जिसे चौथी बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहा है।"
पत्नी की मौजूदगी ने बनाया खास
मनोज बाजपेयी ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने तीन बार यह पुरस्कार जीता था, तब वह इस समारोह में नहीं गई थीं। अभिनेता ने यह कहा कि यह उनकी जीत को और भी खास बनाता है। गुलमोहर ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में तीन पुरस्कार जीते - हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ पटकथा (संवाद) और विशेष उल्लेख (फीचर फिल्म)।
यह है फिल्म की कहानी
बता दें कि राहुल वी. चिट्टेला की निर्देशित गुलमोहर कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म तीन पीढ़ियों की अपनी अलग अलग सोच है। घर की मालकिन कुसुम बत्रा शर्मिला टैगोर अपना घर 'गुलमोहर' बेचने का फैसला करती हैं और चाहती हैं, जबकि मनोज बाजपेयी परिवार को साथ रखने की पूरी कोशिश करते हैं।
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मनोज बाजपेयी ने खुद को बताया भाग्यशाली
हाल ही में, एक वीडियो में अभिनेता ने कहा, "जब मुझे यह तीन बार मिला, तब भी राष्ट्रीय पुरस्कार की खबर मिलने पर मेरी प्रतिक्रिया वैसी ही थी जैसी चौथी बार है। जब मैं जीवन में मंच कर रहा था, तो मुझे लगता था कि अगर मुझे यह एक बार मिल जाए, तो मेरा जीवन धन्य हो जाएगा। और आज ऊपर वाले की कृपा से, मुझे गुलमोहर के लिए चौथी बार यह मिला है। इसलिए मैं खुद को बहुत भाग्यशाली कलाकार मानता हूं, जिसे चौथी बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहा है।"
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Actor @BajpayeeManoj shares his delight on winning Special Mention for #Gulmohar at the #70thNationalFilmAwards. Watch him reveal what makes this win extra special!@MIB_India @nfdcindia @PIB_India @AshwiniVaishnaw @Murugan_MoS @Films_Division @prasarbharati… pic.twitter.com/nNRJbNy7nu
विज्ञापन विज्ञापन— Doordarshan National दूरदर्शन नेशनल (@DDNational) October 8, 2024
पत्नी की मौजूदगी ने बनाया खास
मनोज बाजपेयी ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने तीन बार यह पुरस्कार जीता था, तब वह इस समारोह में नहीं गई थीं। अभिनेता ने यह कहा कि यह उनकी जीत को और भी खास बनाता है। गुलमोहर ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में तीन पुरस्कार जीते - हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ पटकथा (संवाद) और विशेष उल्लेख (फीचर फिल्म)।
यह है फिल्म की कहानी
बता दें कि राहुल वी. चिट्टेला की निर्देशित गुलमोहर कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म तीन पीढ़ियों की अपनी अलग अलग सोच है। घर की मालकिन कुसुम बत्रा शर्मिला टैगोर अपना घर 'गुलमोहर' बेचने का फैसला करती हैं और चाहती हैं, जबकि मनोज बाजपेयी परिवार को साथ रखने की पूरी कोशिश करते हैं।