फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   kerala actress assault case 2017 dileep acquitted pulsar suni gang conviction court verdict news

साल 2017 के हाई-प्रोफाइल अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में दिलीप बरी; छह आरोपी दोषी; आठ साल बाद आया फैसला

Mon, 08 Dec 2025 11:47 AM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: हिमांशु सोनी Updated Mon, 08 Dec 2025 11:47 AM IST
सार

Actor Dileep Acquitted: साल 2017 के साउथ अभिनेत्री के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में मलयालम अभिनेता दिलीप को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं। 

विज्ञापन
kerala actress assault case 2017 dileep acquitted pulsar suni gang conviction court verdict news
अभिनेता दिलीप - फोटो : एक्स

विस्तार

दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और दर्दनाक घटनाओं में शामिल 2017 की अभिनेत्री अपहरण और यौन उत्पीड़न मामले में सोमवार को एक बड़ा मोड़ आया। एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद अभिनेता दिलीप को सभी आरोपों से बरी कर दिया, जबकि आरोपी नंबर 1 से 6 को दोषी ठहराया गया। यह फैसला लगभग आठ साल चली कानूनी लड़ाई और सैकड़ों गवाहियों के बाद सामने आया।
विज्ञापन


कैसे हुआ था अपराध?
ट्रायल के दस्तावेजों के अनुसार, 17 फरवरी 2017 की रात अभिनेत्री की कार में घुसकर मुख्य आरोपी पल्सर सुनी और उसके साथियों ने उन्हें अगवा किया। चलती गाड़ी में उनके साथ मारपीट, यौन उत्पीड़न और गैंगरेप किया गया। इतना ही नहीं, अपराधियों ने इस पूरी घटना के वीडियो भी रिकॉर्ड किए थे। कोर्ट ने माना कि घटना एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी और सभी छह मुख्य आरोपियों पर लगे अपहरण, आपराधिक साजिश, गैंगरेप, गलत तरीके से बंधक बनाने और आईटी एक्ट के तहत आरोप साबित हुए।
विज्ञापन


दिलीप पर क्या थे आरोप?
मलयालम इंडस्ट्री के सुपरस्टार दिलीप को जांच एजेंसी ने मामले में आठवां आरोपी बनाया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पल्सर सुनी गैंग के साथ मिलकर अपराध की साजिश रची और बाद में जांच के दौरान सबूत छिपाने व गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की। इसके अलावा, उन पर जमानत की शर्तें तोड़ने का भी आरोप लगाया गया था। लेकिन कई वर्षों की गवाही, क्रॉस-एग्जामिनेशन और तकनीकी सबूतों की जांच के बाद कोर्ट ने माना कि दिलीप के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले, इसलिए उन्हें बरी किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह खबर भी पढ़ें: नेटफ्लिक्स-वॉर्नर डील पर शेखर कपूर ने उठाए सवाल, फिल्ममेकर बोले- एआई ने बदला खेल; आम लोगों पर ज्यादा असर नहीं

सुनवाई में क्या-क्या हुआ?
यह केस शुरू से ही हाई-प्रोफाइल रहा। इस मामले में 200 से ज्यादा गवाह रहे। फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों की गवाही इस केस में शामिल रही। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फॉरेंसिक जांच भी हुई। कई जांच करने वाली टीम और जांच अधिकारियों को भी बदला गया। जमानत रद्द करने की कोशिशें भी इस केस को लगातार सुर्खियों में रखती रहीं। जज हनी एम वर्गीज ने अपने आदेश में कहा कि प्रॉसिक्यूशन द्वारा पेश प्रमाण केवल मुख्य आरोपियों तक सीमित रहे और दिलीप की संलिप्तता साबित नहीं हो सकी।


बाकी आरोपियों पर कौन-कौन से आरोप साबित हुए?
दोषी करार दिए गए 6 आरोपियों पर इन धाराओं के तहत अभियोग सिद्ध हुआ- आईपीसी 120B-  आपराधिक साजिश, आईपीसी 342- अवैध बंधक, आईपीएसी 354 और 354B- शील भंग और कपड़े उतारने की कोशिश, आईपीसी 366- अपहरण, आईपीसी 376D- गैंगरेप, आईटी एक्ट 67, 67A- अश्लील सामग्री बनाना और प्रसारित करना शामिल है।

अब मामले में आगे क्या?
दिलीप ने फैसले के बाद राहत जताई है, वहीं पीड़िता पक्ष ने कहा है कि वे फैसले की कॉपी मिलने के बाद हाई कोर्ट में अपील करने पर विचार करेंगे। यह फैसला एक बार फिर चर्चा की वजह बना है- 
क्या सचमुच इंसाफ हुआ या अभी भी लड़ाई बाकी है? इस सवाल का जवाब समय ही देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed