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Kangana Ranaut: '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली', डेटिंग एप्स पर कंगना रनौत के विवादित बयान पर छिड़ी बहस
Sun, 17 Aug 2025 05:20 PM IST
हिमांशु सोनी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Sun, 17 Aug 2025 05:20 PM IST
सार
Kangana Ranaut Remark on Dating Apps: अभिनेत्री कंगना रनौत का डेटिंग एप्स को लेकर दिया गया बयान अब सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे चुका है। कंगना के बयान पर अब लोगों के तरह-तरह के रिएक्शन्स देखने को मिल रहे हैं।
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कंगना
- फोटो : एक्स
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विस्तार
बॉलीवुड अभिनेत्री से राजनेता बनीं कंगना रनौत अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। इस बार उन्होंने निशाना साधा है भारत में बढ़ती डेटिंग ऐप कल्चर पर। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने डेटिंग एप्स को समाज का गटर बताते हुए कहा कि ये प्लेटफॉर्म 'असफल लोगों' के लिए हैं, न कि असली 'अचीवर्स' के लिए। कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग जहां उनके विचारों से सहमत नजर आए, वहीं बहुतों ने उन्हें पुरानी सोच वाली और एकतरफा बताया।
'डेटिंग एप्स आत्म-संदेह का नतीजा हैं'
कंगना का मानना है कि अगर किसी इंसान की मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक जरूरतें एक ही साथी से पूरी हो रही हैं, तो उसे दूसरे लोगों से मिलने की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डेटिंग एप्स पर समय बिताना इस बात का संकेत है कि व्यक्ति के अंदर आत्म-संदेह या आत्म-सम्मान की कमी है, जिसे वो 'वैलिडेशन' यानी दूसरों से तारीफ पाकर भरना चाहता है।
ये खबर भी पढ़ें: Darshan: साउथ एक्टर दर्शन की गैरमौजूदगी में भी चलेगा उनका सोशल मीडिया अकाउंट, पत्नी ने उठाया ये जिम्मा
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'थेरेपी की जगह डेटिंग एप नहीं'
कंगना ने 'हॉटरफ्लाई' के साथ इंटरव्यू में यहां तक कहा कि जो भावनात्मक समस्याएं किसी प्रोफेशनल काउंसलिंग या थेरेपी से सुलझाई जानी चाहिए, लोग उन्हें डेटिंग ऐप्स के जरिए हल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, 'हर बार जब कोई आपकी तरफ आकर्षित होता है, तो आप अंदर ही अंदर खुश होते हैं। यही छोटी-छोटी खुशी लोगों को इन ऐप्स की आदत लगवा देती है।'
'यहां नहीं मिलते कामयाब लोग'
अभिनेत्री ने यहां तक दावा किया है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर असली अचीवर्स यानी जीवन में कुछ बड़ा करने वाले लोग नहीं होते। उनका मानना है कि अच्छे जीवन साथी घर, ऑफिस, कॉलेज या पारिवारिक परिचय से मिल सकते हैं, ना कि मोबाइल स्क्रीन के जरिए। उनके अनुसार, अगर 1.4 अरब की जनसंख्या वाले देश में कोई व्यक्ति अपने आसपास एक सही साथी नहीं ढूंढ पा रहा, तो शायद समस्या खुद उसी में है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
कंगना के इस बयान पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया है। कुछ लोगों ने कहा कि वो सही कह रही हैं और आज के रिश्तों में गहराई की कमी है। वहीं बाकी यूजर्स ने उन्हें जजमेंटल बताया और कहा कि डेटिंग एप्स से उन्होंने अपने सच्चे जीवनसाथी को पाया है। वहीं एक और यूजर ने लिखा- इनके खुद के इतने सारे रिलेशनशिप्स रह चुके हैं और ये दूसरे लोगों को ज्ञान दे रहे हैं। वहीं एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया- '100 चूहे खाकर बिल्ली हज तो चली'!
एक यूजर ने लिखा, 'मैं अपने पति से डेटिंग एप पर ही मिली और वो मेरी जिंदगी का प्यार है। एप्स खराब नहीं, लोग होते हैं।' वहीं एक और यूजर ने तंज कसते हुए कहा, 'तो अब ऑफिस में बॉस के कहने पर अरेंज मैरिज करना ही क्लासी है?' कुल मिलाकर, कंगना का यह बयान एक नई बहस को जन्म दे चुका है।
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'डेटिंग एप्स आत्म-संदेह का नतीजा हैं'
कंगना का मानना है कि अगर किसी इंसान की मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक जरूरतें एक ही साथी से पूरी हो रही हैं, तो उसे दूसरे लोगों से मिलने की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डेटिंग एप्स पर समय बिताना इस बात का संकेत है कि व्यक्ति के अंदर आत्म-संदेह या आत्म-सम्मान की कमी है, जिसे वो 'वैलिडेशन' यानी दूसरों से तारीफ पाकर भरना चाहता है।
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'थेरेपी की जगह डेटिंग एप नहीं'
कंगना ने 'हॉटरफ्लाई' के साथ इंटरव्यू में यहां तक कहा कि जो भावनात्मक समस्याएं किसी प्रोफेशनल काउंसलिंग या थेरेपी से सुलझाई जानी चाहिए, लोग उन्हें डेटिंग ऐप्स के जरिए हल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, 'हर बार जब कोई आपकी तरफ आकर्षित होता है, तो आप अंदर ही अंदर खुश होते हैं। यही छोटी-छोटी खुशी लोगों को इन ऐप्स की आदत लगवा देती है।'
'यहां नहीं मिलते कामयाब लोग'
अभिनेत्री ने यहां तक दावा किया है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर असली अचीवर्स यानी जीवन में कुछ बड़ा करने वाले लोग नहीं होते। उनका मानना है कि अच्छे जीवन साथी घर, ऑफिस, कॉलेज या पारिवारिक परिचय से मिल सकते हैं, ना कि मोबाइल स्क्रीन के जरिए। उनके अनुसार, अगर 1.4 अरब की जनसंख्या वाले देश में कोई व्यक्ति अपने आसपास एक सही साथी नहीं ढूंढ पा रहा, तो शायद समस्या खुद उसी में है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
कंगना के इस बयान पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया है। कुछ लोगों ने कहा कि वो सही कह रही हैं और आज के रिश्तों में गहराई की कमी है। वहीं बाकी यूजर्स ने उन्हें जजमेंटल बताया और कहा कि डेटिंग एप्स से उन्होंने अपने सच्चे जीवनसाथी को पाया है। वहीं एक और यूजर ने लिखा- इनके खुद के इतने सारे रिलेशनशिप्स रह चुके हैं और ये दूसरे लोगों को ज्ञान दे रहे हैं। वहीं एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया- '100 चूहे खाकर बिल्ली हज तो चली'!
एक यूजर ने लिखा, 'मैं अपने पति से डेटिंग एप पर ही मिली और वो मेरी जिंदगी का प्यार है। एप्स खराब नहीं, लोग होते हैं।' वहीं एक और यूजर ने तंज कसते हुए कहा, 'तो अब ऑफिस में बॉस के कहने पर अरेंज मैरिज करना ही क्लासी है?' कुल मिलाकर, कंगना का यह बयान एक नई बहस को जन्म दे चुका है।