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Heeramandi: संजय लीला भंसाली की सादगी पर फिदा हैं मनीषा, बोलीं- मेरे लिए आज भी वे 'खामोशी' वाले एसएलबी हैं
Thu, 09 May 2024 08:12 AM IST
अनुपमा कुमारी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अनुपमा कुमारी
Updated Thu, 09 May 2024 08:12 AM IST
सार
जब मनीषा कोइराला से संजय लीला भंसाली के गुस्सैल स्वभाव के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा, 'पहले ये बताइए गुस्सा किसे नहीं आता। मुझे आता है और मैं करती हूं। हम सब इंसान हैं। पता है दिक्कत क्या है हम मान लेते हैं कि जो मशहूर हैं वे गुस्सा नहीं कर सकते हैं'।
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मनीषा कोइराला
- फोटो : इंस्टाग्राम
विस्तार
अभिनेत्री मनीषा कोइराला इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं। वे संजय लीला भंसाली के भव्य शो 'हीरामंडी' में 'मल्लिकाजान' की भूमिका में नजर आ रही हैं। दर्शकों को इस शो में उनका किरदार काफी पसंद आ रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मनीषा अपनी फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' के बारे में बातें करती नजर आईं। इस फिल्म का निर्देशन भी संजय लीला भंसाली ने ही किया था।
संजय हैं सादादिल इंसान
मनीषा कोइराला ने कई साल बाद एक बार फिर से संजय लीला भंसाली के साथ 'हीरामंडी' में काम किया है। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें निर्देशक में कुछ बदलाव महसूस होता है क्या। इस सवाल के जवाब में वे कहती हैं, 'उनके आसपास और उनके लिए बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन वे अब भी वैसे ही हैं। संजय जरा भी नहीं बदले हैं। उनमें एक सादगी जो 'खामोशी' के वक्त मैंने महसूस किया था वो आज भी है'।
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वर्सोवा के साधारण घर में रहते हैं संजय
मनीषा कोइराला ने पहली बार संजय लीला भंसाली के संग '1942: ए लव स्टोरी' में काम किया था। इस फिल्म में वे अनिल कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखाई दी थीं। इस फिल्म का निर्देशन निर्देशन विधु विनोद चोपड़ा ने किया था और इसे संजय लीला भंसाली ने लिखा था। संजय के बारे में बात करते हुए कहती हैं, 'वे आज भी अपने वर्सोवा के साधारण घर में रहते हैं। वे वही खादी के कुर्ता-पजामा पहनते हैं। मुझे उनकी यही सादगी पसंद है'।
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गुस्सा किसे नहीं आता है
जब मनीषा कोइराला से संजय लीला भंसाली के गुस्सैल स्वभाव के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा, 'पहले ये बताइए गुस्सा किसे नहीं आता। मुझे आता है और मैं करती हूं। हम सब इंसान हैं। पता है दिक्कत क्या है हम मान लेते हैं कि जो मशहूर हैं वे गुस्सा नहीं कर सकते हैं। उन्हें परफेक्ट होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। गुस्सा, हंसना-रोना सब इंसान होने की निशानी है और संजय भी इंसान हैं'।
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संजय हैं सादादिल इंसान
मनीषा कोइराला ने कई साल बाद एक बार फिर से संजय लीला भंसाली के साथ 'हीरामंडी' में काम किया है। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें निर्देशक में कुछ बदलाव महसूस होता है क्या। इस सवाल के जवाब में वे कहती हैं, 'उनके आसपास और उनके लिए बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन वे अब भी वैसे ही हैं। संजय जरा भी नहीं बदले हैं। उनमें एक सादगी जो 'खामोशी' के वक्त मैंने महसूस किया था वो आज भी है'।
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वर्सोवा के साधारण घर में रहते हैं संजय
मनीषा कोइराला ने पहली बार संजय लीला भंसाली के संग '1942: ए लव स्टोरी' में काम किया था। इस फिल्म में वे अनिल कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखाई दी थीं। इस फिल्म का निर्देशन निर्देशन विधु विनोद चोपड़ा ने किया था और इसे संजय लीला भंसाली ने लिखा था। संजय के बारे में बात करते हुए कहती हैं, 'वे आज भी अपने वर्सोवा के साधारण घर में रहते हैं। वे वही खादी के कुर्ता-पजामा पहनते हैं। मुझे उनकी यही सादगी पसंद है'।
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गुस्सा किसे नहीं आता है
जब मनीषा कोइराला से संजय लीला भंसाली के गुस्सैल स्वभाव के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा, 'पहले ये बताइए गुस्सा किसे नहीं आता। मुझे आता है और मैं करती हूं। हम सब इंसान हैं। पता है दिक्कत क्या है हम मान लेते हैं कि जो मशहूर हैं वे गुस्सा नहीं कर सकते हैं। उन्हें परफेक्ट होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। गुस्सा, हंसना-रोना सब इंसान होने की निशानी है और संजय भी इंसान हैं'।