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मुलाकात कीजिए देश की टॉप एंकर गीतिका से
amarujala.com, Presented By : अनंत पालीवाल
Updated Sat, 15 Apr 2017 06:18 PM IST
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Geetika Ganju
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मुंबई में रहने वाली सुविख्यात एंकर गीतिका गंजू पिछले दिनों दिल्ली में थी। उन्होने अमर उजाला के एचआर एंड डिजिटल कॉन्क्लेव में अपने मंच संचालन से चार चांद लगा दिए थे। उस मौके पर गीतिका से हुई बातचीत के मुख्य अंशः
गीतिका आप एक शानदार एंकर और एनाउंसर हैं और अपनी फील्ड में दर्जनों अवार्ड अपने नाम कर चुकी हैं। हमें अपने अब तक के सफर के बारे में कुछ बताइए।
अगर एक वाक्य में समेटना चाहूं तो कहूंगी कि 18 साल के कॅरियर में तकरीबन 4000 शो होस्ट कर चुकी हूं। कश्मीरी पंडितों के परिवार में जन्म हुआ। पिता आर्मी अफसर थे, लिहाजा बचपन से लेकर बड़ी होने तक पूरे मुल्क में घूमने और रहने का मौका मिला। केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ी, कॉन्वेंट में भी एजुकेशन हुई। उस सबका फायदा हुआ और एक दिन खुद को इस शानदार प्रोफेशन में पाया।
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तो देश के अलग अलग हिस्सों में रहने की वजह से ही हिंदी, अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं पर आपका इतना अधिकार बना?
जी, हिंदी-अंग्रेजी के अलावा कश्मीरी भी बोल लेती हूं और यह कहना सही है कि अलग अलग राज्यों में घूमने के कारण भाषा बेहतर हुई। लेकिन आपको बताना चाहूंगी कि हिंदी की मेरी शुरुआती शिक्षा चेन्नई के एक आदर्श विद्यालय में हुई। वहां एक संस्कृत टीचर थीं जिनका मुझ पर बड़ा प्रभाव था। केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने के कारण भी हिंदी पर कुछ कहना-बोलना सीख लिया। बाकी इसे में ईश्वर का आशीर्वाद मानती हूं।
आपकी पर्सनेलिटी देखकर लगता है कि आपको मॉडलिंग और एक्टिंग में होना चाहिए था। क्या ऐसे ऑफर आए थे?
जी, बिल्कुल कई ऑफर आते रहे हैं। लेकिन कुछ वजहों से मैं तब एक्टिंग में नहीं जा पाई। हां, अब जरूर मैं सोचती हूं कि फिल्मों में अच्छे कैरेक्टर रोल करने चाहिए।
एंकरिंग में आना कैसे हुआ? मतलब आपको कब यह अहसास हुआ कि आप एक उम्दा एंकर बनने का हुनर रखतीं हैं?
देखिए मैं तो जामिया से मास कम्युनिकेशन का कोर्स कर रही थी और कैमरा पर्सन बनना चाहती थी। उन्हीं दिनों एक प्रोड्यूसर ने मुझे देखा और एक शो होस्ट करने के लिए आमंत्रित कर लिया। शो की मेरी परफार्मेंस लोगों को अच्छी लगी और उन्हीं दिनों न जाने कहां से होंडा को मेरा नंबर मिल गया। उन्होंने मुझे होंडा सिटी कार लांच करने के फंक्शन में एंकरिंग का मौका दिया। बस, उसके बाद एक के बाद एक शो मिलते गए और यही मेरी जिंदगी बन गई।
आपको एंकंरिंग के लिए तमाम अवार्ड मिले हैं और आज आपको देश के सबसे सफल एंकरों में एक माना जाता है। आपका फन आपको देश-विदेश ले जाता है। यह सब देखकर कैसा लगता है?
कुछ नहीं लगता। बस प्रोफेशन को एंज्वाय करती हूं और अपने पैर जमीन पर ही रखती हूं। खुद को हवा में नहीं उड़ने देती।
कामयाबी के इस सुनहरे दौर में क्या कभी किसी चीज से डर भी लगता है? आपका डर क्या है?
मैं डरती हूं कि कहीं थक न जाऊं। मैं एक बच्ची की मां भी हूं। एक पत्नी भी हूं। इन दोनों भूमिकाओं में भी बहुत समय और मेहनत चाहिए। बस यही दुआ करती हूं कि एनर्जी औार उत्साह का यही लेवल बना रहे। खुद भी खुश रहूं और श्रोताओं भी ऐसे ही खुश रखूं।
हर कामयाब इंसान अपनी कामयाबी की यात्रा में किसी के साथ अन्याय कर बैठता है। आप किस के साथ अन्याय करती हैं?
अपने आप से। शायद अपने को पर्याप्त वक्त नहीं दे पाती।
भविष्य के लिए कोई योजना?
हां, भविष्य में एक एंकंरिंग स्कूल खोलूंगी। ढेर सारी राइटिंग भी करना चाहूंगी। फिल्मों में कुछ अच्छे रोल भी करने का मन है। और सबसे अहम बात, अपनी बेटी को बड़ा करना है, एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
एक नजर गीतिका के करियर पर
गीतिका गंजू के बारे में कहा जाता है कि वह भारत की पहली बौद्धिक महिला वाली एंकर हैं। उन्हें सबसे पहले बेस्ट एमसी (मास्टर ऑफ सेरेमनीज) और लाइव अवॉर्ड से नवाजा गया था। गीतिका ने 18 साल में 4000 इवेंट कवर किए हैं। ओबराय समूह के प्रेसीडेंट कपिल चोपड़ा ने गीतिका के बारे में कह चुके हैं कि महत्वपूर्ण शोज में उनसे अच्छा मंच संचालन और कोई नहीं कर सकता है। उन्हें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के समारोह में भी एंकरिंग करने के लिए बुलाया जाता है।
गीतिका ने जिन इवेंट्स में अपना परचम लहराया है उनमें ऑटो एक्स्पो, आईफा अवॉर्ड, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, एप्पल, टोयोटा, ओप्पो, लावा, आईडीसी इनसाइट, ईइएमएजीआईएनई, WOW कनवेंशन एशिया, आरएमएआई फ्लेम एशिया अवॉर्ड 2015, WOW एशिया अवॉर्ड, इंडिया टीवी सलाम इंडिया अवॉर्ड, सीएनसीएन-आईबीएन, टेलेनॉर, भारत पेट्रोलियम फाउंडेशन डे, लिमका पीपल ऑफ द ईयर, Buzziest बैंड ऑफ द ईयर, द ग्रेट इंडियन वेडिंग अवॉर्ड 2015, इंटरनेशनल कान्फेंस ऑफ वेडिंग फ्रैटरनिटी 2015, ऑउटलुक ट्रवेल इंडिया अवॉर्ड, कॉरपोरेट गवर्नेंस समिट इंडिया, पेट्रोटेक यूथ फोरम, एशिया समिट ऑफ इजुकेशन स्कील, क्रेडई, ग्लोबल सिटीजन फोरम, ईएमसी इंटरप्राइस फोरम, ओएनजीसी सीईओज मीट, आईडीसी आदि शामिल हैं।
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गीतिका आप एक शानदार एंकर और एनाउंसर हैं और अपनी फील्ड में दर्जनों अवार्ड अपने नाम कर चुकी हैं। हमें अपने अब तक के सफर के बारे में कुछ बताइए।
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अगर एक वाक्य में समेटना चाहूं तो कहूंगी कि 18 साल के कॅरियर में तकरीबन 4000 शो होस्ट कर चुकी हूं। कश्मीरी पंडितों के परिवार में जन्म हुआ। पिता आर्मी अफसर थे, लिहाजा बचपन से लेकर बड़ी होने तक पूरे मुल्क में घूमने और रहने का मौका मिला। केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ी, कॉन्वेंट में भी एजुकेशन हुई। उस सबका फायदा हुआ और एक दिन खुद को इस शानदार प्रोफेशन में पाया।
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तो देश के अलग अलग हिस्सों में रहने की वजह से ही हिंदी, अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं पर आपका इतना अधिकार बना?
जी, हिंदी-अंग्रेजी के अलावा कश्मीरी भी बोल लेती हूं और यह कहना सही है कि अलग अलग राज्यों में घूमने के कारण भाषा बेहतर हुई। लेकिन आपको बताना चाहूंगी कि हिंदी की मेरी शुरुआती शिक्षा चेन्नई के एक आदर्श विद्यालय में हुई। वहां एक संस्कृत टीचर थीं जिनका मुझ पर बड़ा प्रभाव था। केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने के कारण भी हिंदी पर कुछ कहना-बोलना सीख लिया। बाकी इसे में ईश्वर का आशीर्वाद मानती हूं।
आपकी पर्सनेलिटी देखकर लगता है कि आपको मॉडलिंग और एक्टिंग में होना चाहिए था। क्या ऐसे ऑफर आए थे?
जी, बिल्कुल कई ऑफर आते रहे हैं। लेकिन कुछ वजहों से मैं तब एक्टिंग में नहीं जा पाई। हां, अब जरूर मैं सोचती हूं कि फिल्मों में अच्छे कैरेक्टर रोल करने चाहिए।
एंकरिंग में आना कैसे हुआ? मतलब आपको कब यह अहसास हुआ कि आप एक उम्दा एंकर बनने का हुनर रखतीं हैं?
देखिए मैं तो जामिया से मास कम्युनिकेशन का कोर्स कर रही थी और कैमरा पर्सन बनना चाहती थी। उन्हीं दिनों एक प्रोड्यूसर ने मुझे देखा और एक शो होस्ट करने के लिए आमंत्रित कर लिया। शो की मेरी परफार्मेंस लोगों को अच्छी लगी और उन्हीं दिनों न जाने कहां से होंडा को मेरा नंबर मिल गया। उन्होंने मुझे होंडा सिटी कार लांच करने के फंक्शन में एंकरिंग का मौका दिया। बस, उसके बाद एक के बाद एक शो मिलते गए और यही मेरी जिंदगी बन गई।
आपको एंकंरिंग के लिए तमाम अवार्ड मिले हैं और आज आपको देश के सबसे सफल एंकरों में एक माना जाता है। आपका फन आपको देश-विदेश ले जाता है। यह सब देखकर कैसा लगता है?
कुछ नहीं लगता। बस प्रोफेशन को एंज्वाय करती हूं और अपने पैर जमीन पर ही रखती हूं। खुद को हवा में नहीं उड़ने देती।
कामयाबी के इस सुनहरे दौर में क्या कभी किसी चीज से डर भी लगता है? आपका डर क्या है?
मैं डरती हूं कि कहीं थक न जाऊं। मैं एक बच्ची की मां भी हूं। एक पत्नी भी हूं। इन दोनों भूमिकाओं में भी बहुत समय और मेहनत चाहिए। बस यही दुआ करती हूं कि एनर्जी औार उत्साह का यही लेवल बना रहे। खुद भी खुश रहूं और श्रोताओं भी ऐसे ही खुश रखूं।
हर कामयाब इंसान अपनी कामयाबी की यात्रा में किसी के साथ अन्याय कर बैठता है। आप किस के साथ अन्याय करती हैं?
अपने आप से। शायद अपने को पर्याप्त वक्त नहीं दे पाती।
भविष्य के लिए कोई योजना?
हां, भविष्य में एक एंकंरिंग स्कूल खोलूंगी। ढेर सारी राइटिंग भी करना चाहूंगी। फिल्मों में कुछ अच्छे रोल भी करने का मन है। और सबसे अहम बात, अपनी बेटी को बड़ा करना है, एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
एक नजर गीतिका के करियर पर
गीतिका गंजू के बारे में कहा जाता है कि वह भारत की पहली बौद्धिक महिला वाली एंकर हैं। उन्हें सबसे पहले बेस्ट एमसी (मास्टर ऑफ सेरेमनीज) और लाइव अवॉर्ड से नवाजा गया था। गीतिका ने 18 साल में 4000 इवेंट कवर किए हैं। ओबराय समूह के प्रेसीडेंट कपिल चोपड़ा ने गीतिका के बारे में कह चुके हैं कि महत्वपूर्ण शोज में उनसे अच्छा मंच संचालन और कोई नहीं कर सकता है। उन्हें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के समारोह में भी एंकरिंग करने के लिए बुलाया जाता है।
गीतिका ने जिन इवेंट्स में अपना परचम लहराया है उनमें ऑटो एक्स्पो, आईफा अवॉर्ड, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, एप्पल, टोयोटा, ओप्पो, लावा, आईडीसी इनसाइट, ईइएमएजीआईएनई, WOW कनवेंशन एशिया, आरएमएआई फ्लेम एशिया अवॉर्ड 2015, WOW एशिया अवॉर्ड, इंडिया टीवी सलाम इंडिया अवॉर्ड, सीएनसीएन-आईबीएन, टेलेनॉर, भारत पेट्रोलियम फाउंडेशन डे, लिमका पीपल ऑफ द ईयर, Buzziest बैंड ऑफ द ईयर, द ग्रेट इंडियन वेडिंग अवॉर्ड 2015, इंटरनेशनल कान्फेंस ऑफ वेडिंग फ्रैटरनिटी 2015, ऑउटलुक ट्रवेल इंडिया अवॉर्ड, कॉरपोरेट गवर्नेंस समिट इंडिया, पेट्रोटेक यूथ फोरम, एशिया समिट ऑफ इजुकेशन स्कील, क्रेडई, ग्लोबल सिटीजन फोरम, ईएमसी इंटरप्राइस फोरम, ओएनजीसी सीईओज मीट, आईडीसी आदि शामिल हैं।