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'जिसे लड़ना है, उसे लड़ने दो';  पश्चिम एशिया तनाव के बीच दिशा पाटनी की बहन खुशबू का पोस्ट, लोगों से की ये अपील

Fri, 06 Mar 2026 03:28 PM IST
Jyoti Raghav एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Jyoti Raghav Updated Fri, 06 Mar 2026 03:28 PM IST
सार

Khushboo Patani On West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी बरकरार है। दुनियाभर में इस स्थिति पर रिएक्शन दिए जा रहे हैं। इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन और पूर्व सेनाधिकारी खुशबू पाटनी ने लोगों को एक सलाह दी है।

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West Asia Crisis: Disha Patani's Sister Ex Army Officer Khushboo Patani Reaction On US Israel vs Iran conflic
खुशबू पाटनी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत में भी लोगों के अलग-अलग रिएक्शन देखे जा रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश में कई जगह प्रदर्शन हुए। वहीं, तमाम लोगों ने इस पर आलोचना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों के बीच बहस के बीच दिशा पाटनी की बहन व पूर्व सेनाधिकारी खुशबू पाटनी ने लोगों को सलाह दी है कि इस तनाव को धर्म से जोड़कर न देखें। उन्होंने और क्या कहा? जानिए

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West Asia Crisis: Disha Patani's Sister Ex Army Officer Khushboo Patani Reaction On US Israel vs Iran conflic
दिशा पाटनी और उनकी बहन खुशबू पाटनी - फोटो : इंस्टाग्राम @dishapatani और @khushboo_patani

खुशबू बोलीं- 'ईरान हमारा देश नहीं'
खुशबू पाटनी भारतीय सेना में मेजर के पद से रिटायर हैं। इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के बीच वे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लगातार अपने रिएक्शन दे रही हैं। इस बीच उन्होंने आज शुक्रवार को उन्होंने एक पोस्ट साझा कर लोगों को सलाह दी है कि वे भावनात्मक रूप से इस युद्ध से न जुड़ें। इसकी वजह से आपस में बहस में न उलझें। यह धार्मिक युद्ध नहीं है। और, ईरान हमारा देश नहीं है।

'हमें भावनात्मक रूप से कूदने की जरूरत नहीं'
उन्होंने लिखा है, 'जिसे लड़ना है, उसे लड़ने दो। जब तक भारत सीधे इस ईरान, इस्राइल और यूएसए युद्ध में शामिल नहीं है, हमें इसमें भावनात्मक रूप से कूदने की जरूरत नहीं है। यह कोई धार्मिक युद्ध नहीं है। यह पावर, सिक्योरिटी और क्षेत्रीय प्रभाव का खेल है। इसे धर्म की लड़ाई समझना बहुत बड़ी गलती है। असल में यह जियो पॉलिटिक्स, मिलिट्री रणनीति और और वैश्विक गठबंधन का मामला है, जो आम लोगों की समझ से कहीं ज्यादा जटिल होता है'।



'सोशल मीडिया पर इसे धर्म बनाकर बेचा जा रहा है'
खुशबू ने आगे लिखा है, 'सोशल मीडिया पर इसे धर्म बनाकर बेचा जा रहा है, लेकिन देशों के फैसले तेल, शक्ति संतुलन, सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभुत्व से तय होते हैं। ईरान हमारा देश नहीं है। किसी दूसरे देश की राजनीति के लिए अपने ही देशवासियों से लड़ना समझदारी नहीं है। याद रखिए मुश्किल समय में कोई बाहरी देश आपको बचाने नहीं आएगा। अपने देश के साथ खड़े रहिए। भावनात्मक नहीं, समझदार बनिए'। खुशबू ने पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा है, 'जब युद्ध होता है, तो दुनिया बंट जाती है। युद्ध ज्यादातर समय पर्सनल होने के बजाय पॉलिटिकल होता है, जब तक कि आप गुलाम न हों। सोचो और काम करो।

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