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पुत्रमोह में नहीं बनाई फिल्म: सुनील दर्शन
रवि बुले/अमर उजाला,मुंबई
Updated Fri, 17 Jan 2014 08:09 AM IST
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बॉलीवुड में परिवारों की परंपरा लंबी हैं। इसमें दर्शन परिवार भी शामिल है। निर्माता-निर्देशक सुनील दर्शन के दादा, नाना, पिता और भाई फिल्में बनाते रहे।
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शिव के साथ आपके परिवार की चौथी पीढ़ी फिल्मों में सक्रिय हो रही है। कैसी फीलिंग है?
फिल्म इंडस्ट्री ने हमें बहुत कुछ दिया है। प्यार, पैसा, सम्मान... सब कुछ। यह एक परिवार की तरह है। यहां सबके लिए जगह है। अच्छे और बुरे दौर यहां हमने देखे हैं। बुरे दौर में भी इंडस्ट्री ने हमारा साथ दिया। हम इसके और दर्शकों के बहुत शुक्रगुजार हैं।
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आम तौर पर डायरेक्टर पिता बेटे को अपने निर्देशन में लॉन्च करते हैं। शिव को आपने दूसरे डायरेक्टर (राजेश पांडे) को सौंप दिया...!
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लेकिन आप देखिए कि सब कुछ मेरी नजरों के सामने हो रहा है। मैं उसकी फिल्म का प्रोड्यूसर हूं। मैंने इस फिल्म को उसके नजरिये से बनाने की कोशिश की है। यह युवाओं का समय है।
मैं इस फिल्म के लिए पूरी यंग टीम को जुटाया है। आप मेरे कैरियर को देखें तो हमेशा मैंने ऐसे युवा ऐक्टर्स (सनी देओल, अक्षय कुमार, करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा, लारा दत्ता) के साथ काम किया, जो इंडस्ट्री में शुरुआत कर रहे थे। आप पाएंगे कि जब तक वे मेरे साथ रहे, उनका कैरियर ऊपर ही गया। हां, कई ऐसे भी हैं जो बाद में भी लगातार बढ़े। मैं हमेशा समय के साथ चलता हूं।
राजेश पांडे को आपने कैसे मौका दिया...?
मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं। वह युवा हैं। करीब दस फिल्मों में मेरे सहायक रहे हैं। मैंने अपनी पिछली फिल्म में वादा किया था कि अपने प्रोडक्शन की अगली फिल्म तुम्हें दूंगा। मैंने वही वादा निभाया।
शिव से आपको कितनी उम्मीदें हैं?
ईमानदारी से कहूं तो मैंने यह फिल्म पुत्रमोह में नहीं बनाई। बहुत सारे लोग यहां फिल्मों में ऐक्टर बनने के लिए स्ट्रगल करते हैं। मैं उनसे भी मिलता हूं। मैंने जब अपने बेटे में यह देखा कि वह हीरो बनने के योग्य है, तभी मैंने उसे फिल्म में जगह दी।
बेटे को लॉन्च करते हुए क्या कोई दबाव महसूस कर रहे हैं?
बिल्कुल नहीं। हां, पिता के रूप में जरूर मैं उसकी कामयाबी की उम्मीद करता हूं। लेकिन फिल्ममेकर के रूप में मेरी जिम्मेदारी पूरी फिल्म को लेकर है। मैं फिल्म से जुड़े दूसरे लोगों से उनका क्रेडिट नहीं ले सकता। मैं किसी तरह का पक्षपात नहीं कर सकता।
आपकी नजरें अक्सर सौंदर्य प्रतियोगिताएं जीतने वाली लड़कियों पर रहती है। प्रियंका चोपड़ा, लारा दत्ता के बाद ‘करले प्यार करले’ की हीरोइन हरलीन भी मिस इंडिया में विजेता रह चुकी हैं!
यह संयोग है। सच तो यह है कि इस फिल्म की हीरोइन को लेकर हम बहुत परेशान हुए। सारी तैयारी हो चुकी थी और सिर्फ हीरोइन नहीं थी।
हरलीन से पहले हम तीन बार हीरोइनें करीब करीब फाइनल कर चुके थे, लेकिन हर बार कुछ ऐसा लगा कि हीरोइन में कुछ कमी है। फिर किसी ने हरलीन का नाम बताया और हमने उसे ऑफिस में बुलाया। उसे देखते ही मुझे लगा कि हां मुझे मेरी फिल्म की हीरोइन मिल गई।