'अमिताभ बच्चन ना होते, तो मैं भी ना होता'
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'जुम्मा-चुम्मा दे दे।', 'सोना सोना' और 'मेरी मखणा।' इन गानों को सुनकर सब यही कहेंगे की इन्हें अमिताभ बच्चन ने ही गाया है। ऐसे ही कई अन्य गानों में बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को अपनी आवाज देने वाले सुदेश भोंसले ने अमिताभ के साथ अपनी खास यादों को उनके जन्मदिन पर बीबीसी से साझा किया।
सुदेश भोंसले की अमिताभ बच्चन से पहली मुलाकात वर्ष 1991 में आई फिल्म 'अजूबा' के दौरान हुई थी, जिसका निर्देशन शशि कपूर ने किया था।
उस मुलाकात का दिलचस्प वाकया साझा करते हुए सुदेश कहते हैं, 'अमित जी को भी यकीन नहीं हुआ कि मैंने हू-ब-हू उनकी आवाज में गाना गा दिया।' सुदेश बताते हैं कि अमित जी ने यह गाना सुन कर मुझसे मुस्कुराते हुए कहा, 'यार यह गाना मैंने कब गा दिया।'
इस गाने के बाद सुदेश के पास अमिताभ बच्चन की आवाज में गाना गाने के लिए निर्माताओं की झड़ी सी लग गई।
'भजन भी अमिताभ की आवाज में'
1991 में रिलीज हुई फिल्म 'हम' का बेहद लोकप्रिय गाना 'जुम्मा-चुम्मा दे दे' को अपने करियर का सबसे सफल गाना मानते हैं। सुदेश इस गाने की यादों को बीबीसी से साझा करते हुए बताते है, 'महबूब स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के दौरान ही लोगों की भीड जमा हो गई थी।'
फिल्म के संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की बातों को याद करते हुए सुदेश ने बताया, 'लक्ष्मीकांत जी ने पहले ही कह दिया था कि यह गाना मुझे लोकप्रिय कर देगा।' वे आगे बताते हैं, 'इस गाने के बाद से मुझे भजन भी अमित जी की आवाज में गाने को कहा गया।'
अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर एलबम
सुदेश भोंसले ने बॉलीवुड में अभिनेताओं की डबिंग से लेकर मिमिक्री तक अपनी हर कला का प्रदर्शन किया, लेकिन लोग आज भी उन्हें अमिताभ के गानों से ही जानते हैं।
इस बात पर सुदेश कहते हैं, 'अगर ये गाने और ये आवाज ना होती तो आज मैं भी इस इंडस्ट्री में ना होता।' वह आगे कहते हैं कि यह उनका सौभाग्य है कि उनकी आवाज अमित जी से मिलती है।
सुदेश अपने बेटे सुधांशु के साथ 11 अक्तूबर को अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर एक एलबम रिलीज कर रहे हैं, जिसे वह तोहफे के तौर पर उन्हें देना चाहते हैं।