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कई सवाल छोड़ गई 54 की उम्र में श्रीदेवी की मौत, महिलाओं को दे गईं बड़ा सबक

Mon, 26 Feb 2018 03:48 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 26 Feb 2018 03:48 PM IST
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 Sridevi passed away but his death cause create many questions

श्रीदेवी इस दुनिया से चलीं गईं, लेकिन उनकी मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई। उनकी मौत के पीछे कार्डिएक अरेस्ट को वजह बताया जा रहा है। श्रीदेवी महज 54 साल की थीं। अमूमन सेहत पर बहुत ज्यादा ध्यान देने वाले फिल्मी सितारों के लिए ये उम्र नहीं होती दुनिया से चले जाने की।

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आम धारणा है कि अक्सर इस उम्र में महिलाओं में हृदय रोग की संभावना न के बराबर होती है। क्या वाकई में ऐसा है? मेडिकल के पेशे से जुड़े डॉक्टरों के मुताबिक श्रीदेवी की मौत महिलाओं के लिए एक सबक है।
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इंडियन मेडिकल एसोशिएसन ने श्रीदेवी की मौत पर श्रद्धांजल‌ि देते हुए कहा है कि अब जरूरत इस बात की है कि महिलाओं में कार्डिएक डेथ के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। इस अभियान को वो श्रीदेवी को समर्पित करना चाहते हैं।
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महिलाओं को ज्यादा खतरा?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर के के अग्रवाल के मुताबिक 'महिलाओं में प्री मेनोपॉज हार्ट की बीमारी नहीं होनी चाहिए।' इसके पीछे महिलाओं में पाए जाने वाले सेक्स हॉर्मोन हैं जो उन्हें दिल की बीमारी से बचाते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय में महिलाओं में प्री मेनोपॉज वाली उम्र में भी हार्ट अटैक जैसे बीमारियां बढ़ी हैं।डॉ. अग्रवाल के मुताबिक '10 हार्ट अटैक में तीन हार्ट अटैक महिलाओं में हो रहे हैं। ये होना नहीं चाहिए।'

महिलाओं में हृदय रोग के कारण

 Sridevi passed away but his death cause create many questions

महिलाओं में जब भी हार्ट अटैक या फिर कार्डिएक अरेस्ट होता है पुरुषों के मुकाबले वो ज़्यादा गंभीर होता है। महिलाओं में हार्ट अटैक सांस लेने में दिक्कत से भी शुरू हो सकती है। अक्सर उनमें अटैक साइलेंट आता है। श्रीदेवी के मामले में भी ऐसा ही कुछ हुआ सा लगता है। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक महिलाओं में बीमारी की पहचान और इलाज दोनों देरी से शुरू होता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाएं अपने सीने में दर्द को हल्के में लेती हैं। वो समझती नहीं है और अस्पताल देरी से जाती हैं, जबकि पुरुष अस्पताल जल्दी जाते हैं। औरतों में ज्यादा डर ब्रेस्ट कैंसर का होता है। हालांकि आंकड़े उल्टी कहानी बयान करते हैं। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक दुनिया भर में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर से होने वाली मौत कम हैं और हार्ट अटैक से होने वाली ज्यादा हैं। इसलिए आज महिलाओं में हृदय से जुड़ी बीमारी के लिए जागरूकता फैलाने की ज्यादा जरूरत है।

महिलाओं में हृदय की बीमारी का पता चलने में देरी क्यों ?

महिलाओं में इलेक्ट्रो कार्डियोग्राम यानी इसीजी का डेटा अक्सर सही नहीं आता। वो इसलिए क्योंकि इसीजी के दौरान महिलाओं में इलेक्ट्रोड दूसरी जगह लगते हैं। अमरीका में चल रही फ्रैमिंघमभी महिलाओं और हृदय रोग पर लंबे समय से इस पर शोध कर रही है।

स्टडी के मुताबिक

 Sridevi passed away but his death cause create many questions

महिलाओं में सडन कार्डिएक डेथ की दर पुरुषों के मुकाबले कम है।
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हृदय रोग की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है।
40 के उम्र के बाद कोरोनरी हार्ट की बीमारी हर दो में से एक पुरुष को और हर तीन में एक महिला को होती है।
कोरोनरी हार्ट की बीमारी की वजह से मरने वाले पुरुषों के मुकाबले कोरोनरी हार्ट की बीमारी से मरने वाली महिलाओं की संख्या आधी होती है।

फिल्म स्टार श्रीदेवी के मामले में ये भी एक वजह हो सकती है। दुबई से छपने वाले खलीज टाइम्स के मुताबिक संजय कपूर ने उन्हें बताया की श्रीदेवी को हार्ट से संबंधित कोई दिक्कत पहले नहीं थी।

कैसे कर सकते हैं हृदय रोग की स्क्रीनिंग ?
श्रीदेवी की मौत से सबक लेते हुए महिलाएं आज से भी हृदय रोग के लिए सजग हो सकती है। डॉ. केके अग्रवाल के मुताबिक अब भी देर नहीं हुई है। इसके लिए कुछ आसान से तरीके हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है।

6 मिनट वॉक टेस्ट - अगर छह मिनट में 500 मीटर या उससे ज्यादा वॉक कोई महिला कर सकती है तो उसके हृदय में ब्लॉकेज की आशंका बहुत कम होती है।
40 की उम्र को पार कर चुकी महिलाओं को कभी भी ऐसी कमज़ोरी, थकान, सीने में दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जिसकी वजह उन्हें नहीं पता।
डॉक्टर अग्रवाल के मुताबिक अगर महिला के परिवार में किसी को भी हृदय रोग की शिकायत रही है तो उन महिलाओं को ज्यादा सजग रहने की जरूरत है। परिवार में किसी पुरुष को 55 साल की उम्र के पहले हृदय रोग हो और महिला को 65 के बाद तो फ़ैमली हिस्ट्री स्ट्रांग हो जाती है।
श्रीदेवी की मौत के बाद अब उनके परिवार में भी हृदय रोग फैमली हिस्ट्री का हिस्सा होगी। इसलिए उनकी दोनों बेटियां जाह्नवी और खुशी को ज्यादा सजग रहने की जरूरत है।

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