{"_id":"9ad7562b6030794c6b8b782deb17b35c","slug":"sholay-now-in-3d-format","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसान नहीं थी 'शोले' को थ्रीडी में बनाने की राह","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
आसान नहीं थी 'शोले' को थ्रीडी में बनाने की राह
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 09 Nov 2013 03:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
'शोले' थ्रीडी फार्मेट में बनकर आ रही है। इस फिल्म को थ्रीडी में बदलने की राह फिल्म बनाने जितनी कठिन थी।
विज्ञापन
देश के हिंदी फिल्म के 100 साल के इतिहास में सफलतम फिल्मों में से एक शोले के 3डी संस्करण को तैयार करने में 25 करोड़ रुपये की लागत आई है।
शोले का 3डी संस्करण पेश करने वाली कंपनी पेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष जयंतीलाल गाडा ने कहा कि शोले-3डी पर अब तक करीब 25 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
एक अनुमार के मुताबिक इस फिल्म को बनाने में लगभग 2 करोड़ का खर्चा आया था। अब इसका फॉर्मेट बदलने में लगभग इसका दस गुना खर्च आया है।
संजीव कपूर, अमिताभ बच्चन, धर्मेद्र, हेमा मालिनी, जया भादुड़ी और अमजद खान अभिनीत शोले को 1975 में रमेश सिप्पी ने निर्देशित किया था। यह फिल्म सुपरहिट रही है।
विज्ञापन