फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे को संयुक्त राष्ट्र ने दिया बड़ा सम्मान
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भारत के फिल्म इतिहास में अपना एक खास मुकाम रखने वाले सत्यजीत रे की तस्वीर को संयुक्त राष्ट्र ने अपने मुख्यालय में प्रदर्शित करने का फैसला किया है। 16 विचारकों और कलाकारों की तस्वीरें संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में प्रदर्शित की जाएंगी। ये 16 फोटो उन शख्शियतों की हैं जिन्होने मानवता के लिए काम किया है।
दुनियाभर के इन 16 नामों में से एक नाम सत्यजीत रे का है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष सैम कुटेसा 30 जून को इस प्रदर्शनी को आम लोगों के लिए खोल देंगें। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य महान हस्तियों द्वारा मानवता के लिए किए गए कामों को याद करना है।
सत्यजीत रे के साथ जिन हस्तियों की तस्वीरें संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में दिखेंगी उनमें पाकिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई, अमेरिका की लेखक माया ऐंजलू, ब्रिटिश अभिनेत्री ओड्रे हेपबर्न और चीन की अभिनेत्री गोंग ली के नाम प्रमुख हैं।
सत्यजीत रे ने दी भारत के सिनेमा को नई दिशा
सत्यजीत रे का भारतीय फिल्म इतिहास में बेहद ऊंचा स्थान है। सत्यजीत रे एक निर्देशक, प्रोडयूसर, स्क्रीनप्ले राइटर, गीतकार, गायक और संगीत निर्देशक भी थे। सत्यजीत रे अपार प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे।
1992 में दुनिया को अलविदा कहने वाले सत्यजीत रे ने बंगाली सिनेमा को बुलंदियों पर पहुंचाया। हिंदी सिनेमा को भी इस महान निर्देशक ने 'शतरंज के खिलाड़ी' जैसी फिल्म दी। सत्यजीत रे ने हिंदी, बंगाली को साथ अंग्रेजी में भी फिल्में बनाई।
सत्यजीत रे को मिले पुरस्कारों की फेहरिस्त काफी लंबी है। उन्हे 1992 में ऑस्कर का लाइफटाइम एचिवमेंट अवार्ड मिला। 1992 में ही सत्यजीत रे को भरत रत्न भी मिला था। सत्यजीत रे को दादा साहेब फाल्के अवार्ड से भी नवाजा गया।