PAW Patrol The Mighty Movie Review: सुपरहीरो के नाम पर छलावा, बच्चों को ही पसंद नहीं आई फिल्म
फिल्म 'पॉ पेट्रोल: द माइटी मूवी' कनाडाई कंप्यूटर-एनिमेटेड सुपरहीरो एक्शन कॉमेडी फिल्म है, जो टेलीविजन श्रृंखला पॉ पेट्रोल पर आधारित है। 10 वर्षीय लड़के के नेतृत्व में पिल्लों (डॉगीज) का एक समूह हवाई, भूमि और जल मार्ग से एडवेंचर सिटी में होने वाली किसी भी घटना को बचाने का हर संभव प्रयास करता है। पिल्लों के समूह को पुलिस, अग्निशमनकर्मी और तटरक्षकों के रूप में दिखाया गया है। एडवेंचर सिटी पर जब एक उल्का पिंड गिरता है, तो पिल्लों का समूह उस उल्कापिंड से एडवेंचर सिटी को बचाता है। और, जब उल्का पिंड को अपनी प्रयोगशाला में उसपर शोध करने के लिए ले जाते हैं तो उसमे से निकलने वाली चमत्कारिक क्रिस्टल से सुपर पावर हासिल कर लेते हैं।
जाहिर सी बात है कि अगर किसी को सुपर पावर प्राप्त हो जाए तो उस पर विलेन की नजर जरूर पड़ेगी। इस फिल्म में भी वैसी ही कहानी को दिखाया गया है, जिस तरह की कहानियां फिल्मों में वर्षों से दर्शक देखते आए हैं। एक पागल वैज्ञानिक पिल्लों से चमत्कारिक क्रिस्टल छीनकर खुद सुपर वूमन बन जाती है और चुंबकीय शक्तियों से उल्का पिंडों को धरती की तरह खींचती है। उसका मकसद उन उल्का पिंडों से चमत्कारिक क्रिस्टल हासिल करना है, लेकिन जब वह उल्का पिंड एडवेंचर सिटी से टकराएंगे तो एडवेंचर सिटी बर्बाद हो जाएगा। पिल्लों का समूह कैसे पागल वैज्ञानिक विक्टोरिया वेंस से चमत्कारिक क्रिस्टल को हासिल करके एडवेंचर सिटी को बचाते हैं, यही पूरी फिल्म की कहानी है।
कहानी के हिसाब से फिल्म में ऐसी कोई नई बात नहीं जो उत्सुकता पैदा करे। बच्चो के लिए थोड़ी सी सीख यह मिल सकती है कि किसी को कमजोर नहीं समझना चाहिए। अक्सर जिसे हम कमजोर समझते है, वह बड़े कारनामे करके दुनिया की नजरो में हीरो बन जाता है। इस फिल्म में पिल्लों के समूह में स्काई नाम के पिल्ले को कहानी को शुरुआत में कमजोर दिखाया गया है। वह समूह के अन्य पिल्लों की तरह बहादुर नहीं है। उसका अपना एक अतीत है। वह अपने शुरुआती दिनों में एक कूड़े के ढेर में जन्म लेती है। वह अकेली थी, जिसे किसी ने गोद नहीं लिया गया।
फिल्म 'पॉ पेट्रोल: द माइटी मूवी' एनिमेटेड सुपरहीरो की कहानी है जो बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई, लेकिन वास्तविक किरदार में सुपरहीरो की इतनी सारी फिल्में आ चुकी हैं, उसके मुकाबले यह फिल्म कहीं भी नहीं ठहरती है। इस फिल्म की प्रेस स्क्रीनिंग से पहले छोटे बच्चों के लिए स्क्रीनिंग रखी गई और जब ये बच्चे फिल्म देखकर निकले तो उनके चेहरे के भाव देखकर ऐसा लग रहा था कि यह फिल्म उनको कुछ खास पसंद नहीं आई। फिल्म के निर्देशक कैल ब्रुंकर ने तकनीकी रूप से काफी अच्छी फिल्म बनाई है। एनीमेशन, वीएफएक्स और स्पेशल इफेक्ट पर काफी मेहनत की गई है। फिल्म की कहानी थोड़ी और रोचक होती तो यह एक बेहतर फिल्म बन सकती थी। कुछेक दृश्यों को छोड़े दें तो ऐसा कोई सीन नहीं जिसे देखकर, सुनकर मन में गुदगुदी हो।
इस फिल्म में क्रिश्चियन कॉनवेरी ने मार्शल की आवाज, लक्सटन हैंड स्पाइकर ने रबल की आवाज, कैलम शोनिकर ने रॉकी की आवाज, रॉन पार्डो ने कैप'एन टर्बोट और मेयर हमडिंगर दोनों की आवाज, मैकेना ग्रेस ने स्काई की आवाज दी है। फिल्म के बाकी किरदारों को लिल रिले होवेरी, सेरेना विलियम्स, जेम्स मार्सडेन, क्रिस्टन बेल ने आवाजें दी हैं।