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Pandit Narendra Sharma: पंडित नरेन्द्र शर्मा को अपने पिता की तरह मानती थीं लता मंगेशकर? 100 से ज्यादा लिखे गीत
Fri, 28 Feb 2025 08:49 AM IST
अंजू बाजपेई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंजू बाजपेई
Updated Fri, 28 Feb 2025 08:49 AM IST
सार
Pandit Narendra Sharma Birth Anniversary: पंडित नरेंद्र शर्मा का जन्म 28 फरवरी 1913 को ब्रिटिश भारत में हुआ। नरेंद्र हिंदी भाषा के एक भारतीय लेखक, कवि और गीतकार थे। आज उनकी जयंती पर जानिए उनके जुड़े कई किस्से।
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आज है पंडित नरेन्द्र शर्मा की जयंती
- फोटो : इंस्टाग्राम@nfdcindia
विस्तार
पंडित नरेंद्र शर्मा ने भारतीय हिंदी सिनेमा के लिए कुछ ऐसे गीत लिखे, जो हमेशा के लिए सदाबहार बन गए, जैसे सत्यम शिवम सुंदरम। आज उनकी जयंती पर जानते हैं उनसे जुड़े कई अनसुने किस्से।
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अभ्युदय नाम का अखबार भी किया प्रकाशित
उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास की और अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. किया। नरेंद्र ने साल 1934 में 'अभ्युदय' अखबार प्रकाशित किया। उनकी पहली हिंदी फिल्म 'हमारी बात' थी। वे ऑल इंडिया रेडियो की विविध भारती सेवा के संस्थापक भी रह चुके हैं।
उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास की और अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. किया। नरेंद्र ने साल 1934 में 'अभ्युदय' अखबार प्रकाशित किया। उनकी पहली हिंदी फिल्म 'हमारी बात' थी। वे ऑल इंडिया रेडियो की विविध भारती सेवा के संस्थापक भी रह चुके हैं।
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सत्यम शिवम सुंदरम से मिली पहचान
नरेंद्र शर्मा को राज कपूर की फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम के इसी नाम से शीर्षक गाने की रचना के लिए जाना जाता है। इस गाने की सुंदरता, सत्य और इसकी दिव्यता के बारे में एक संदेश हैं। उस समय यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि इस फिल्म के लिए नरेंद्र को उनका पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
नरेंद्र शर्मा को राज कपूर की फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम के इसी नाम से शीर्षक गाने की रचना के लिए जाना जाता है। इस गाने की सुंदरता, सत्य और इसकी दिव्यता के बारे में एक संदेश हैं। उस समय यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि इस फिल्म के लिए नरेंद्र को उनका पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
पंडित नरेंद्र शर्मा को अपना पिता मानती थीं लता मंगेशकर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लता मंगेशकर उन्हें अपने पिता के रूप में संबोधित करती थीं जबकि उन्हें उनकी बेटी के रूप में संबोधित किया जाता था। ब्रिटेन के चैनल 4 के लिए नसरीन मुन्नी कबीर द्वारा निर्मित और निर्देशित लता मंगेशकर ने कहा था कि उन्होंने पंडित जी से बहुत कुछ सीखा है और उनकी सलाह के आधार पर जीवन की कई कठिनाइयों से निपट सकती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लता मंगेशकर उन्हें अपने पिता के रूप में संबोधित करती थीं जबकि उन्हें उनकी बेटी के रूप में संबोधित किया जाता था। ब्रिटेन के चैनल 4 के लिए नसरीन मुन्नी कबीर द्वारा निर्मित और निर्देशित लता मंगेशकर ने कहा था कि उन्होंने पंडित जी से बहुत कुछ सीखा है और उनकी सलाह के आधार पर जीवन की कई कठिनाइयों से निपट सकती हैं।
पंडित नरेंद्र शर्मा द्वारा लिखे गए फिल्मों के गीत
प्रेम रोग, सत्यम शिवम सुंदरम, राधा कृष्ण, सागर, अफसर, ज्वार भाटा और हमारी बात के अलावा भी कई फिल्मों के लिए गाने लिखे।
प्रेम रोग, सत्यम शिवम सुंदरम, राधा कृष्ण, सागर, अफसर, ज्वार भाटा और हमारी बात के अलावा भी कई फिल्मों के लिए गाने लिखे।
100 से ज्यादा फिल्मों के लिए लिखा
पंडित नरेंद्र शर्मा ने सौ से ज्यादा फिल्मों के लिए लिखा और लगभग सभी बड़े संगीत निर्देशकों और गायकों के साथ काम किया। वह टीवी सीरीज महाभारत के वैचारिक सलाहकार भी थे, जिसके लिए भी उन्होंने गीत लिखे थे। यह उनका आखिरी काम था और 12 फरवरी 1989 को, शो के ऑन-एयर होने के चार महीने बाद, 76 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई।
पंडित नरेंद्र शर्मा ने सौ से ज्यादा फिल्मों के लिए लिखा और लगभग सभी बड़े संगीत निर्देशकों और गायकों के साथ काम किया। वह टीवी सीरीज महाभारत के वैचारिक सलाहकार भी थे, जिसके लिए भी उन्होंने गीत लिखे थे। यह उनका आखिरी काम था और 12 फरवरी 1989 को, शो के ऑन-एयर होने के चार महीने बाद, 76 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई।