दुखद: नहीं रहे दिग्गज कवि अमजद इस्लाम अमजद, 78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
अदनान सामी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'दिग्गज कवि अजमद इस्लाम अमजद साहिब के इंतकाल की खबर से काफी दुख हुआ। वह न सिर्फ साहित्यिक प्रतिभा थे, बल्कि बेहद उदार और मिलनसार शख्स भी थे।'
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पाकिस्तान के दिग्गज कवि और नाटककार अमजद इस्लाम अमजद ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वह 78 साल के थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार (10 फरवरी) को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। इसकी जानकारी मिलने के बाद सेलेब्स ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और दुख जताया। अमजद इस्लाम अमजद के साथ कई बार स्टेज साझा कर चुके दिग्गज सिंगर अदनान सामी ने शोक संवेदना व्यक्त कीं। साथ ही, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया।
अदनान सामी ने ऐसे दी विदाई
अदनान सामी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'दिग्गज कवि अजमद इस्लाम अमजद साहिब के इंतकाल की खबर से काफी दुख हुआ। वह न सिर्फ साहित्यिक प्रतिभा थे, बल्कि बेहद उदार और मिलनसार शख्स भी थे। उनके साथ बिताए वक्त को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा।' बता दें कि अमजद इस्लाम ने ही अदनान सामी के मशहूर ट्रैक किसी दिन के लिरिक्स लिखे थे।
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पाकिस्तानी अभिनेता ने भी जताया दुख
पाकिस्तानी अभिनेता इमरान अब्बास ने भी अमजद इस्लाम के निधन पर दुख जाहिर किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'अमजद इस्लाम अमजद साहब अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह एक युग का अंत है। उर्दू कविता के लिए आज बेहद दुख का दिन है। वह जहां भी रहें, सुकून से रहें।'
लाहौर में हुआ था अमजद इस्लाम का जन्म
बता दें कि अमजद इस्लाम का जन्म 1944 के दौरान लाहौर में हुआ था। वह मोहब्बत और रोमांटिक कविताओं के लिए जाने जाते थे। अपने उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस और सितारा-ए-इम्तियाज जैसे तमाम खिताबों से नवाजा गया था।
बॉलीवुड से भी था गहरा नाता
उन्होंने वारिस, समंदर, वक्त, दहलीज, रात और अपने लोग जैसे मशहूर नाटक लिखे थे। इसके अलावा उन्होंने अफ्रीका के कवियों की कविताओं का अनुवाद उर्दू में किया था, जिसे काले लोगों की रोशन नज्में के नाम से जाना गया। बॉलीवुड का मशहूर गाना मन की लगन भी अमजद इस्लाम ने ही लिखा था।