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भगवान को लेकर महेश भट्ट का अजीब बयान
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 29 Oct 2013 03:57 PM IST
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महेश भट्ट ने ईश्वर के होने या न होने से जुड़ा एक विवादास्पद बयान दिया
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है। महेश पहले भी ऐसे बयानों की वजह से चर्चाओं में रहे हैं।
उन्होंने अपनी निजी सोच के बारे में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि उनके जीवन में हमेशा ही भगवान का महत्व नहीं रहा है।
भट्ट ने कहा है कि बचपन में पिता की मौत के बाद उनकी सोच बदल गई और उन्होंने भगवान से विश्वास हमेशा के लिए खो दिया। वह हमेशा चाहते थे कि पिता उनके साथ रहें।
हालांकि महेश ने अपने आसपास के लोगों को ये पता नहीं लगने दिया। उन्होंने ये भी बताया कि फिल्में न चलने के कारण वह नशे के गिरफ्त में भी आए थे लेकिन एक विचारक की सलाह से वह सही रास्ते पर आने लगे।
गोधरा दंगों के बाद जख्म जैसी फिल्म बनाने में महेश को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया है कि निर्देशक के तौर पर उनकी इस आखिरी फिल्म ने उनको कई समझौते करने पर मजबूर किया।
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भगवा साफा बांधे सीन का काफी विरोध हुआ जिसके चलते डिजीटल तकनीक के प्रयोग से साफे का रंग बदला लेकिन इस तकनीक ने 40 लाख से ज्यादा खर्च करा दिए।
उन्होंने अपनी निजी सोच के बारे में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि उनके जीवन में हमेशा ही भगवान का महत्व नहीं रहा है।
भट्ट ने कहा है कि बचपन में पिता की मौत के बाद उनकी सोच बदल गई और उन्होंने भगवान से विश्वास हमेशा के लिए खो दिया। वह हमेशा चाहते थे कि पिता उनके साथ रहें।
हालांकि महेश ने अपने आसपास के लोगों को ये पता नहीं लगने दिया। उन्होंने ये भी बताया कि फिल्में न चलने के कारण वह नशे के गिरफ्त में भी आए थे लेकिन एक विचारक की सलाह से वह सही रास्ते पर आने लगे।
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गोधरा दंगों के बाद जख्म जैसी फिल्म बनाने में महेश को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया है कि निर्देशक के तौर पर उनकी इस आखिरी फिल्म ने उनको कई समझौते करने पर मजबूर किया।
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भगवा साफा बांधे सीन का काफी विरोध हुआ जिसके चलते डिजीटल तकनीक के प्रयोग से साफे का रंग बदला लेकिन इस तकनीक ने 40 लाख से ज्यादा खर्च करा दिए।