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'मन की बात' पर खफा हुआ सेंसर बोर्ड, निलहानी बोले- डायलॉग हटाओ
amarujala.com- Presented by: कुशमिता राणा
Updated Fri, 24 Mar 2017 03:06 PM IST
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पहलाज निहलानी
- फोटो : ANI
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डैक्सिन छाड़ा की आने वाली फिल्म 'समीर' में कोई आपत्तिजनक कंटेंट ना होने के बाद भी सेंसर बोर्ड की कैंची चल सकती है। दरअसल इस फिल्म में प्रधानमंत्री के रेडियो शो के नाम 'मन की बात' को डायलॉग के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। सेंसर बोर्ड इससे खफा है और उसे फिल्म से हटाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि इस फिल्म में ना तो कोई आपत्तिजनक कंटेंट है और ना ही किसी तरह का अडल्ट या भड़काऊ कंटेंट है, बावजूद इसके सेंसर बोर्ड की तीखी नजर इस फिल्म पर है।
'समीर' फिल्म में विलेन का किरदार निभा रहे जीशान मोहम्मद जब हीरो से कहता है 'एक मन की बात कहूं? तुम केरेक्टर अच्छा बना लेते हो!' इस पर हीरो कहता है,'वैसे सर, चाय से चू*****या बनाना आप ही से सीखा है।'
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गौर करने वाली बात ये है कि सेंसर बोर्ड को दूसरी लाइन में कहे गए आपत्तिजनक शब्द से कोई दिक्कत नही है, सिर्फ मन की बात डायलॉग के प्रयोग करने पर सेंसर बोर्ड सीन को फिल्म से काटने की मांग कर रहा है।
फिल्म के डायरेक्टर ने बताया कि सेंसर बोर्ड ने उनसे 'मन की बात' शब्द के हटाने के लिए कहा और जब उन्होंने सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहालनी से इस बारे में बात की तो सेंसर बोर्ड के चेयरमैन ने उनसे कहा पीएम का रोडियो शो है, डिलीट कर दो।
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बताया जा रहा है कि इस फिल्म में ना तो कोई आपत्तिजनक कंटेंट है और ना ही किसी तरह का अडल्ट या भड़काऊ कंटेंट है, बावजूद इसके सेंसर बोर्ड की तीखी नजर इस फिल्म पर है।
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'समीर' फिल्म में विलेन का किरदार निभा रहे जीशान मोहम्मद जब हीरो से कहता है 'एक मन की बात कहूं? तुम केरेक्टर अच्छा बना लेते हो!' इस पर हीरो कहता है,'वैसे सर, चाय से चू*****या बनाना आप ही से सीखा है।'
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गौर करने वाली बात ये है कि सेंसर बोर्ड को दूसरी लाइन में कहे गए आपत्तिजनक शब्द से कोई दिक्कत नही है, सिर्फ मन की बात डायलॉग के प्रयोग करने पर सेंसर बोर्ड सीन को फिल्म से काटने की मांग कर रहा है।
फिल्म के डायरेक्टर ने बताया कि सेंसर बोर्ड ने उनसे 'मन की बात' शब्द के हटाने के लिए कहा और जब उन्होंने सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहालनी से इस बारे में बात की तो सेंसर बोर्ड के चेयरमैन ने उनसे कहा पीएम का रोडियो शो है, डिलीट कर दो।
सेंसर बोर्ड के निर्णय को डायरेक्टर देंगे चुनौती
वहीं इस फैसले से डायरेक्टर संतुष्ट नही हैं और उन्होने बताया है कि वो इसे चैलेंज करने की तैयारी में है।
बता दें इस शुक्रवार को रिलीज हुई 'अनारकली ऑफ आरा' में भी सेंसर बोर्ड ने एक डायलॉग पर कैंची चलाई थी।
डायलॉग था 'अगर तुम अमिताभ बच्चन बनकर आए हो, तो चाहती हो कि हम भी अमरीश पुरी बन जाए?' इसपर सेंसर बोर्ड ने कहा था कि इस डायलॉग में अमिताभ बच्चन और अमरीश पुरी का नाम इस्तेमाल किये जाने के कारण लोगों की भावनाएं आहत होंगी।
बाद में डायलॉग में बदलाव कर 'अमिताभ बच्चन' की जगह 'आएं बाएं' और 'अमराश पुरी' की जगह 'दाएं बाएं' कर दिया गया था।
बता दें इस शुक्रवार को रिलीज हुई 'अनारकली ऑफ आरा' में भी सेंसर बोर्ड ने एक डायलॉग पर कैंची चलाई थी।
डायलॉग था 'अगर तुम अमिताभ बच्चन बनकर आए हो, तो चाहती हो कि हम भी अमरीश पुरी बन जाए?' इसपर सेंसर बोर्ड ने कहा था कि इस डायलॉग में अमिताभ बच्चन और अमरीश पुरी का नाम इस्तेमाल किये जाने के कारण लोगों की भावनाएं आहत होंगी।
बाद में डायलॉग में बदलाव कर 'अमिताभ बच्चन' की जगह 'आएं बाएं' और 'अमराश पुरी' की जगह 'दाएं बाएं' कर दिया गया था।