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Satluj Movie: फिल्म ‘सतलुज’ विवाद के बाद सरकार का नया कदम, ओटीटी प्लेटफाॅर्म के लिए आईटी नियमों में होगा बदलाव
Wed, 15 Jul 2026 07:15 PM IST
पूनम कंडारी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: पूनम कंडारी
Updated Wed, 15 Jul 2026 07:15 PM IST
सार
Amendment In IT Rules for OTT Platforms: बीते दिनों दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से अचानक हटाया दिया गया। फिल्म पर आईटी रूल्स 2021 के पार्ट 3 का पालन ना करने का आरोप लगा है। आगे इस मामले पर खूब विवाद हुआ। इसी विवाद के बीच सरकार ओटीटी प्लेटफाॅर्म के लिए आईटी नियमों में बदलाव ला सकती है।
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फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी पर रिलीज करने पर हुआ विवाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों के सर्टिफिकेशन के लिए आईटी नियम 2021 में बदलाव करने पर विचार कर रही है। यह कदम 'सतलुज' फिल्म को लेकर हुए विवाद के बीच उठाया जा रहा है। दरअसल, इसे बिना किसी मंजूरी के रिलीज किया गया था।
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फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ
- फोटो : एक्स
आईटी नियम में बदलाव के बाद क्या होगी नई प्रक्रिया?
पीटीआई की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर किसी भी फिल्म के रिलीज होने से पहले सेंसर बोर्ड से अनिवार्य सर्टिफिकेशन और मंजूरी लेने का नियम लागू करने पर विचार कर रही है। इसके लिए आईटी नियमों में बदलाव जरूरी है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार जी5 के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी विचार कर रही है, क्योंकि इस ओटीटी प्लेटफॉर्म ने बिना सेंसर वाली फिल्म 'सतलुज' को दिखाया था। इस फिल्म पर सेंसर बोर्ड अभी विचार कर रहा था और इसमें कई कट लगाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि अभी ओटीटी कंटेंट सेंसर बोर्ड के दायरे में नहीं आता है।
पीटीआई की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर किसी भी फिल्म के रिलीज होने से पहले सेंसर बोर्ड से अनिवार्य सर्टिफिकेशन और मंजूरी लेने का नियम लागू करने पर विचार कर रही है। इसके लिए आईटी नियमों में बदलाव जरूरी है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार जी5 के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी विचार कर रही है, क्योंकि इस ओटीटी प्लेटफॉर्म ने बिना सेंसर वाली फिल्म 'सतलुज' को दिखाया था। इस फिल्म पर सेंसर बोर्ड अभी विचार कर रहा था और इसमें कई कट लगाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि अभी ओटीटी कंटेंट सेंसर बोर्ड के दायरे में नहीं आता है।
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फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ
- फोटो : इंस्टाग्राम@diljitdosanjh
‘सतलुज’ फिल्म को क्यों हटाया गया था?
3 जुलाई को जी5 पर फिल्म ‘सतलुज’ रिलीज हुई। लेकिन दो दिन बाद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए सरकार ने इस फिल्म को हटाने का आदेश दिया। वहीं बिना सर्टिफिकेशन के निजी जगहों पर 'सतलुज' की स्क्रीनिंग के बारे में सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कानून का पालन सुनिश्चित करे। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।
3 जुलाई को जी5 पर फिल्म ‘सतलुज’ रिलीज हुई। लेकिन दो दिन बाद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए सरकार ने इस फिल्म को हटाने का आदेश दिया। वहीं बिना सर्टिफिकेशन के निजी जगहों पर 'सतलुज' की स्क्रीनिंग के बारे में सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कानून का पालन सुनिश्चित करे। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।
फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ
- फोटो : इंस्टाग्राम-@Zee5
क्यों विवाद में आई थी फिल्म ‘सतलुज’?
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। उन्होंने 1984 और 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। 1995 में पुलिसकर्मियों पर उनके अपहरण और हत्या का आरोप लगा।
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। उन्होंने 1984 और 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। 1995 में पुलिसकर्मियों पर उनके अपहरण और हत्या का आरोप लगा।
अब तक आईटी रूल्स 2021 की गाइडलाइंस क्या हैं?
आईटी रूल 2021 के पार्ट 3 ((इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) के तहत भारत में डिजिटल न्यूज मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट किया जाता है। इसके जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया जाता है, साथ ही शिकायतों का भी निवारण होता है। इसके अलावा स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से किसी कंटेंट को हटाने जैसा काम भी किया जाता है।
आईटी रूल 2021 के पार्ट 3 ((इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) के तहत भारत में डिजिटल न्यूज मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट किया जाता है। इसके जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया जाता है, साथ ही शिकायतों का भी निवारण होता है। इसके अलावा स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से किसी कंटेंट को हटाने जैसा काम भी किया जाता है।