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दोषी महसूस किए बगैर अपने लिए समय निकालें महिलाएं: दीपिका पादुकोण
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sun, 09 Sep 2018 05:00 PM IST
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अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का मानना है कि महिलाओं को कभी-कभी अपनी जिम्मेदारियों से छुट्टी लेनी चाहिए और इसके लिए खुद को दोषी नहीं मानना चाहिए।
32 वर्षीय दीपिका का कहना है कि ‘परफेक्ट’ बनने के प्रयास में महिलाएं अपने ही बारे में सोचना बंद कर देती है। उनका कहना है, ‘‘मुझे लगता है कि अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के दौरान महिलाओं में खुद को दोषी मानने का चलन बहुत ज्यादा है।
वह हमेशा ‘परफेक्ट’ बनने की कोशिश करती हैं। मुझे लगता है कि अपने लिए समय निकालना बहुत जरूरी है और वह भी खुद को दोषी माने बगैर।’’ दीपिका का कहना है, ‘‘महिलाएं हमेशा किसी ना किसी के लिए कुछ ना कुछ करने को लेकर चिंता में रहती हैं। अपने लिए समय निकालना एकदम सामान्य है।’’
फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन, (एफएलओ) की ओर से शनिवार को ‘फाइंडिंग ब्यूटी इन इम्परफेक्शन’ शीर्षक पर आयोजित चर्चा के दौरान अभिनेत्री दीपिका ने यह बात कही।
करीब चार साल पहले अपने अवसाद के बारे में खुलकर बात करने वाली अभिनेत्री का कहना है कि लोगों को अपनी बातें साझा करने से शर्माना नहीं चाहिए क्योंकि उनकी बातें सुनकर समस्या से ग्रस्त अन्य लोगों को प्रेरणा मिलती है।
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32 वर्षीय दीपिका का कहना है कि ‘परफेक्ट’ बनने के प्रयास में महिलाएं अपने ही बारे में सोचना बंद कर देती है। उनका कहना है, ‘‘मुझे लगता है कि अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के दौरान महिलाओं में खुद को दोषी मानने का चलन बहुत ज्यादा है।
वह हमेशा ‘परफेक्ट’ बनने की कोशिश करती हैं। मुझे लगता है कि अपने लिए समय निकालना बहुत जरूरी है और वह भी खुद को दोषी माने बगैर।’’ दीपिका का कहना है, ‘‘महिलाएं हमेशा किसी ना किसी के लिए कुछ ना कुछ करने को लेकर चिंता में रहती हैं। अपने लिए समय निकालना एकदम सामान्य है।’’
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फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन, (एफएलओ) की ओर से शनिवार को ‘फाइंडिंग ब्यूटी इन इम्परफेक्शन’ शीर्षक पर आयोजित चर्चा के दौरान अभिनेत्री दीपिका ने यह बात कही।
करीब चार साल पहले अपने अवसाद के बारे में खुलकर बात करने वाली अभिनेत्री का कहना है कि लोगों को अपनी बातें साझा करने से शर्माना नहीं चाहिए क्योंकि उनकी बातें सुनकर समस्या से ग्रस्त अन्य लोगों को प्रेरणा मिलती है।
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