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यूपी में कैसे बढ़ा भोजपुरी फिल्मों का क्रेज और बिजनेस, जानने के लिए पढ़ें
गौरव शुक्ला
Updated Sun, 16 Oct 2016 09:27 AM IST
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कई भोजपुरी फिल्में कर चुकी हैं करोड़ों का कारोबार
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भारत की सबसे बड़ी सिनेमा मार्केट यूपी में भोजपुरी फिल्मों का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। एक्शन, ड्रामा, रोमांस, फाइटिंग और धमाकेदार म्यूजिक से भरपूर भोजपुरी फिल्में हिंदी भाषी इलाकों में खूब पसंद की जा रही हैं। हालात तो ऐसे आते जा रहे हैं कि बड़े-बड़े बॉलीवुड सितारों की फिल्में पर्दे पर हफ्ते भर ही टिक पाती हैं लेकिन भोजपुरी फिल्में 15-21 दिनों तक दर्शकों को आकर्षित करने में सफल साबित होती जा रही हैं। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के नये झंडे गाड़कर तगड़ा बिजनेस करने वाली फिल्म ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला (2005)’ ने बड़े और छोटे निर्माता-निर्देशकों की सोच ही बदल दी है। लो बजट की इस फिल्म ने लागत से कई गुना ज्यादा कमाई करके भोजपुरी सिनेमा का नया इतिहास गढ़ दिया था। आज के दौर में छोटे बजट की भोजपुरी फिल्म 25-40 लाख का बिजनेस आसानी से कर लेती है। वहीं बड़े बजट की फिल्में करोड़ों कमा रही हैं। छोटे बजट की फिल्में बनाकर मोटा मुनाफा कमाने की होड़ में नये-नये प्रोड्यूसर और डायरेक्टर जुटे हैं।
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प्रथम राष्ट्रपति ने बनवाई थी पहली भोजपुरी फिल्म
पहली भोजपुरी फिल्म थी ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ईबो’
भोजपुरी सिनेमा की शुरुआत 1963 में प्रदर्शित हुई विश्वनाथ शाहाबादी की फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ईबो’ से हुई थी। इस पहली भोजपुरी फि ल्म ने स्क्त्रस्ीनिंग में ही तहलका मचा दिया था। सदाकत आश्रम में हुई स्क्रीनिंग के दौरान देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद खुद मौजूद थे। विधवा पुनर्विवाह पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन कुंदन कुमार ने किया था और कुमकुम, असीम कुमार और नजीर हुसैन ने मुख्य किरदार निभाया था। इसमें चित्रगुप्त ने संगीत दिया था और लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी ने इसके लिए गाना गाया था। गीतकार शैलेंद्र ने इस फिल्म को अपने गीतों से इसे सजाया था। इस फिल्म को बनाने की पेशकश भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की तरफ से की गई थी।
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बढ़ रही है भोजपुरी सिनेमा के चहेतों की संख्या: धीरेंद्र चौबे
भोजपुरी फिल्म प्रोड्यूसर धीरेन्द्र चौबे ने अपनी नई फिल्म के लिए खेसारी लाल को किया साइन
भोजपुरी फिल्मों के बहुचर्चित निर्माता-निर्देशक धीरेन्द्र चौबे ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि भोजपुरी सिनेमा का स्तर तेजी से बदल रहा है। दर्शकों की संख्या भी पहले से ज्यादा हो गई है। मैने तो कभी ऐसा सोचा भी नहीं था कि भोजपुरी फिल्मों को लोग इतना ज्यादा पसंद करने लगेंगे। अब ऐसा लगने लगा है कि दो-तीन सालों में भोजपुरी सिनेमा उद्योग और जल्दी तरक्की करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिल रही सहायता की वजह से यहां फिल्म उद्योग डेवलप हो रहा है। बिजनेस बढ़ेगा तो यूपी में ही कलाकारों, लेखकों, गायकों को बेहतरीन मौके मिलेंगे। धीरेन्द्र चौबे मां केला देवी फिल्म्स के बैनर तले ‘बाबरी मस्जिद-एक प्रेम कथा’ के मुहूर्त के सिलसिले में इटावा आए हुए हैं। बाबरी मस्जिद फिल्म में भोजपुरी स्टार रवि किशन, खेसारी लाल यादव, काजल, संभावना सेठ, अनारा गुप्ता जैसे चर्चित सितारे काम कर रहे हैं। धीरेंद्र इससे पहले ‘नागिन’,’छोरा गंगा किनारे वाला’ ,नहले पे दहला’ जैसी सुपरहिट फिल्में दे चुके हैं। भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी, रवि किशन, पवन सिंह, प्रदीप पांडे, दिनेश लाल यादव जैसे कलाकार भी धीरेंद्र की फिल्मों में धमाल मचा चुके हैं।