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सीट का समीकरण: 2012 में सपा ने बसपा को दी मात, उसके बाद भाजपा ने बदला आलापुर का मिजाज; ऐसा है चुनावी इतिहास
Wed, 23 Sep 2026 08:35 PM IST
अमन तिवारी
इलेक्शन डेस्क, नोएडा
इलेक्शन डेस्क, नोएडा
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 23 Sep 2026 08:35 PM IST
सार
अंबेडकर नगर की आलापुर विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और 2012 में पहला चुनाव हुआ। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के भीम प्रसाद सोनकर ने जीत हासिल की। वहीं, 2017 में भाजपा की अनीता कमल जीतीं, जबकि 2022 में सपा के त्रिभुवन दत्त ने जीत दर्ज की।
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आलापुर सीट का समीकरण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से हर सीट पर राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। आने वाले चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष सत्ता परिवर्तन की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में हम आपको यूपी की सभी विधानसभा सीटों का इतिहास, राजनीतिक सफर और चुनावी गणित बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज चर्चा अंबेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा सीट की। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इसका अब तक का इतिहास क्या रहा है।
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पहले जानते हैं आलापुर सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिनमें कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इन्हीं में से एक जिला अंबेडकर नगर है। जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं। इनमें- कटेहरी, टांडा, आलापुर, जलालपुर और अकबरपुर शामिल हैं। सीट का समीकरण की कड़ी में आज हम अंबेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। आलापुर विधानसभा सीट परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आई थी। यहां के पहले विधायक भीम प्रसाद सोनकर बने थे, जिन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। बता दें यह सीट अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित है।
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कब-किस पार्टी को मिली जीत?
- फोटो : अमर उजाला
आलापुर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण
आलापुर विधानसभा क्षेत्र के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में अनुसूचित जाति, यादव और मुस्लिम आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी अनुसूचित जाति के मतदाताओं की है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 27% हैं। इसके बाद यादव मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 22% और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 12% है। वहीं निषाद मतदाता 10%, ब्राह्मण मतदाता 8%, क्षत्रिय मतदाता 6%, वैश्य मतदाता 3% तथा कुर्मी मतदाता लगभग 3% हैं, जबकि बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों और समुदायों से आते हैं।
आलापुर विधानसभा क्षेत्र के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में अनुसूचित जाति, यादव और मुस्लिम आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी अनुसूचित जाति के मतदाताओं की है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 27% हैं। इसके बाद यादव मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 22% और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 12% है। वहीं निषाद मतदाता 10%, ब्राह्मण मतदाता 8%, क्षत्रिय मतदाता 6%, वैश्य मतदाता 3% तथा कुर्मी मतदाता लगभग 3% हैं, जबकि बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों और समुदायों से आते हैं।
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2012 का नतीजा
- फोटो : अमर उजाला
आलापुर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
आलापुर विधानसभा सीट के पहले यानी कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। चुनाव में सपा के भीम प्रसाद सोनकर विजयी हुए थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के त्रिभुवन दत्त को 30,023 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में भीम प्रसाद सोनकर को 79,846 वोट, जबकि त्रिभुवन दत्त को 49,823 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के जय राम विमल 11,587 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
आलापुर विधानसभा सीट के पहले यानी कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। चुनाव में सपा के भीम प्रसाद सोनकर विजयी हुए थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के त्रिभुवन दत्त को 30,023 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में भीम प्रसाद सोनकर को 79,846 वोट, जबकि त्रिभुवन दत्त को 49,823 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के जय राम विमल 11,587 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2017 का नतीजा
- फोटो : अमर उजाला
2017: भाजपा ने जीता चुनाव
इसके बाद 2017 के चुनाव हुए। इस चुनाव में भाजपा का बोलबाला रहा। चुनाव में यूपी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। इस लहर का असर आलापुर विधानसभा सीट पर भी दिखा, जहां भाजपा की अनीता कमल विजयी हुईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की संगीता को 12,513 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में अनीता कमल को 72,366 वोट, जबकि संगीता को 59,853 वोट मिले। वहीं, बसपा के त्रिभुवन दत्त 58,591 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इसके बाद 2017 के चुनाव हुए। इस चुनाव में भाजपा का बोलबाला रहा। चुनाव में यूपी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। इस लहर का असर आलापुर विधानसभा सीट पर भी दिखा, जहां भाजपा की अनीता कमल विजयी हुईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की संगीता को 12,513 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में अनीता कमल को 72,366 वोट, जबकि संगीता को 59,853 वोट मिले। वहीं, बसपा के त्रिभुवन दत्त 58,591 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2022 का नतीजा
- फोटो : अमर उजाला
2022: सपा ने की वापसी
इस विधानसभा चुनाव में अंबेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के त्रिभुवन दत्त विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के त्रिवेणीराम को 9,383 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में त्रिभुवन दत्त को 74,165 वोट, जबकि त्रिवेणीराम को 64,782 वोट मिले। वहीं, बहुजन समाज पार्टी की केशरदेवी गौतम 53,061 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
इस विधानसभा चुनाव में अंबेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के त्रिभुवन दत्त विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के त्रिवेणीराम को 9,383 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में त्रिभुवन दत्त को 74,165 वोट, जबकि त्रिवेणीराम को 64,782 वोट मिले। वहीं, बहुजन समाज पार्टी की केशरदेवी गौतम 53,061 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।