सिक्किम: विधानसभा चुनाव में 10% महिला प्रत्याशी, CM की पत्नी से लेकर पूर्व अभिनेत्री तक की किस्मत दांव पर
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विस्तार
देश में लोकसभा चुनावों के साथ चार राज्यों में विधानसभा के चुनाव भी संपन्न हुए। 32 सदस्यीय सिक्किम विधानसभा के लिए 19 अप्रैल को मतदान कराया गया था। राज्यों में विधानसभा सीटों के हिसाब से सबसे कम संख्या सिक्किम में ही है। 4 जून के लोकसभा चुनाव के नतीजों के पहले आज यहां मतगणना चल रही है। थोड़ी देर में पता चल जाएगा कि सिक्किम में किसकी सरकार बनेगी।
आइए जानते हैं कि सिक्किम विधानसभा चुनाव की खास बातें...
चुनाव में केवल 10 फीसदी महिला प्रत्याशी
सिक्किम विधानसभा चुनाव 2024 में कुल 146 उम्मीदवार सियासी मैदान में उतरे। इनमें से 90 फीसदी यानी 132 पुरुष प्रत्याशी हैं। वहीं सिक्किम के विधानसभा चुनाव उतरें प्रत्याशियों में महिला प्रतिनिधित्व देखें तो यह केवल 10 फीसदी है। सिक्किम विधानसभा चुनाव 2024 में कुल 14 ही महिला उम्मीदवार हैं। सिक्किम विधानसभा चुनाव 2019 में 150 में से 14 (9%) महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। 2024 के चुनाव में कांग्रेस ने 12 में से चार जबकि सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने 32 में से चार महिला उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा, सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम की 30 में से तीन, भाजपा की 31 में से दो और सिक्किम रिपब्लिकन पार्टी की एक महिला प्रत्याशी हैं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के लिए महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बाद यह पहला चुनाव है। हालांकि, नारी शक्ति अधिनियम नाम का यह बिल अभी लागू नहीं हुआ है। सिक्किम के चुनाव नतीजों में लोगों की नजरें प्रमुख महिला प्रत्याशियों वाली सीटों पर भी होंगी, जिनमें मुख्यमंत्री की पत्नी से लेकर पूर्व अभिनेत्री तक की किस्मत का फैसला भी होगा।
मुख्यमंत्री की पत्नी भी मैदान में
नामची-सिंघीथांग सीट का मुकाबला भी दिलचस्प है। यहां मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी राय चुनाव मैदान में हैं। सीएम की पत्नी के सामने प्रुमख चेहरा एसडीएफ से बिमल राय हैं। इसके अलावा भाजपा ने अरुणा मंगेर और सीएपी-सिक्किम ने महेश राय पर दांव खेला है। पिछले चुनाव में पोकलोक-कामरांग के साथ-साथ नामची-सिंघीथांग सीट से भी एसडीएफ के पवन चामलिंग जीते थे।
अभिनेत्री तक की किस्मत का फैसला
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। चामलिंग विधायक के रूप में रिकॉर्ड नौवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। वह इस बार दो विधानसभा सीटों- नामची जिले की पोकलोक-कामरांग और गंगटोक जिले की नामचेयबुंग सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
नामचेयबुंग सीट पर मुकाबला चतुष्कोणीय है जहां प्रमुख प्रमुख चेहरा एसकेएम से राजू बसनेट हैं। बसनेट पूर्व नौकरशाह हैं जिन्होंने सरकारी सेवा में 33 वर्ष बिताने के बाद मार्च 2024 में सचिव स्तर के अधिकारी के रूप में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। चामलिंग के सामने अन्य प्रमुख चेहरे भाजपा से पूजा शर्मा और सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम से सेवरिन राय हैं। चामलिंग के खिलाफ उतरीं पूर्व अभिनेत्री पूजा एसकेएम की महिला मोर्चा की प्रदेश महासचिव रह चुकी हैं। वह विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुई थीं।
146 उम्मीदवारों में से 43 राष्ट्रीय दलों से
इस बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव लड़ने वाले सभी 146 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया है। 146 उम्मीदवारों में से 43 राष्ट्रीय दलों से, 64 राज्य दलों से, 31 गैर मान्यता प्राप्त दलों से और आठ निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में उम्मीदवारों द्वारा घोषित वित्तीय, आपराधिक, शिक्षा, लिंग एंव अन्य विवरणों के आधार पर विश्लेषण तैयार किया है। 146 में से आठ (5%) आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार हैं। वहीं 146 में से छह (4%) गंभीर आपराधिक मामलों वाले प्रत्याशी हैं। 10.99 करोड़ रुपये उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति है। वहीं 102 (70%) करोड़पति उम्मीदवार हैं।
उम्मीदवारों के ऊपर आपराधिक मामले
एडीआर ने उम्मीदवारों द्वारा घोषित आपराधिक मामले दलवार आंकड़े दिए हैं। सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के 32 में से दो-दो, सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम से 30 से दो और आठ निर्दलीय उम्मीदवारों में से दो ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 32 में से दो, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के 32 में से दो और सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम के 30 में से दो उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
करोड़पति उम्मीदवार
146 में से 102 (70 प्रतिशत) करोड़पति उम्मीदवार हैं। सिक्किम विधानसभा चुनाव 2019 में 150 में से 64 (43 प्रतिशत) उम्मीदवार करोड़पति थे। दलवार करोड़पति उम्मीदवार देखें तो सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के 32 में से 31, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 32 में से 28, भाजपा के 31 में से 21, सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम के 30 में से 17 और आठ में से पांच उम्मीदवार करोड़पति हैं। इन सभी प्रत्याशियों ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है।
सिक्किम विधानसभा चुनाव 2024 में उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति ₹ 10.99 करोड़ है। सिक्किम विधानसभा चुनाव 2019 में 184 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति ₹ 3.89 करोड़ थी। इस चुनाव में मुख्य दलों में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के 32 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति ₹ 20.36 करोड़, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 32 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 13.16 करोड़, भाजपा के 31 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 8.71 करोड़ और कांग्रेस के 12 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 19 लाख हैं।
बाईचुंग भूटिया दूसरे सबसे अमीर उम्मीदवार
सिक्किम विधानसभा चुनाव 2024 में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के देरी नामग्याल बरफुंगपा सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। वह गंगटोक जिले के गंगटोक (बीएल) निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। बरफुंगपा ने अपनी संपत्ति 137 करोड़ घोषित की है।
सिक्किम विधानसभा चुनाव 2024 में दूसरे सबसे ज्यादा संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया हैं। वह नामची जिले की बारफुंग (बीएल) से सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के उम्मीदवार हैं। भूटिया ने अपनी संपत्ति 127 करोड़ बताई है।
निर्दलीय खुसंद्र प्रसाद शर्मा सिक्किम विधानसभा 2024 के तीसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। ग्यालशिंग जिले की ग्यालशिंग-बरन्याक से चुनाव लड़ने वाले खुसंद्र ने 117 करोड़ संपत्ति बताई है।
53% उम्मीदवार कम से कम स्नातक
उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता देखें तो 60 (41 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं और 12वीं के बीच घोषित की हैं। 77 (53 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा घोषित की है। सात उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक घोषित की है। एक उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता असाक्षर घोषित की है। एक उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता नहीं घोषित की है।
उम्मीदवारों की आयु पर गौर करें तो 26 (18 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 25 से 40 वर्ष के बीच घोषित की है। 100 (68 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 41 से 60 वर्ष के बीच घोषित की है। 20 (14 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 61 से 80 वर्ष के बीच घोषित की है।