Okhla Chunav Result 2025 Live: ओखला में तीसरे राउंड में भाजपा से आगे निकले आप के अमानतुल्लाह, जानें ताजा रुझान
Okhla Seat : ओखला सीट दिल्ली विधानसभा चुनावों में चर्चित सीटों में से एक है। सीएए के विरोध में दिल्ली में हो रहे आंदोलन के समय ये सीट काफी चर्चा में थी। ओखला से आप के विधायक अमानतुल्लाह खान पर वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए घोटाले करने का आरोप लगा था।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव की 70 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। इस चुनाव में कुछ ऐसी सीटें रहीं, जो लगातार चर्चा में रहीं। ओखला विधानसभा सीट भी ऐसी ही बेहद खास और चर्चित सीट है। यहां से एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने मौजूदा विधायक अमानतुल्लाह खान उतरे हैं। वहीं, भाजपा से मनीष चौधरी और कांग्रेस से अरिबा खान उन्हें चुनौती दे रही हैं। फिलहाल ओखला से दो बार के मौजूदा विधायक अमानतुल्लाह खान ने बढ़त हासिल कर ली है। दो राउंड तक भाजपा के मनीष चौधरी से पिछड़ने वाले अमानतुल्लाह ने तीसरे राउंड में जबरदस्त वापसी की है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के इतिहास में ओखला में कब कौन जीता? कब कितने वोट पड़े? पिछले चुनाव में कैसे नतीजे रहे थे? इस बार कैसा मुकाबला हो सकता है? आइये जानते हैं…
कैसे रहा ओखला में चुनावों का इतिहास?
ओखला सीट पर पहला चुनाव साल 1977 में हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस और जनता पार्टी का मुकाबला हुआ। नतीजा जनता पार्टी के टिकट पर उतरे ललित मोहन गौतम के पक्ष में रहा। उन्होंने कांग्रेस के दीवान द्वारका खोसला को 5098 मत से शिकस्त दी थी। 1983 के चुनाव में ओखला में कांग्रेस और भाजपा के बीच में हुआ। कांग्रेस उम्मीदवार देसराज छाबड़ा ने भाजपा के रतन सिंह को महज 800 वोट से हराया था।
दिल्ली के विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद 1993 में फिर से विधानसभा के चुनाव हुए। इस चुनाव में ओखला सीट पर जनता दल ने सफलता हासिल की। पार्टी की तरफ से उतरे परवेज हाशमी ने कांग्रेस नेता हसन अहमद को 1307 वोट से हराया था।
साल 1998 में हुए विधानसभा चुनाव में ओखला का नतीजा फिर परवेज हाशमी के पक्ष में रहा लेकिन इस बार दल अलग था। परवेज इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में उतरे परवेज ने भाजपा के कृष्ण कुमार मेहता को 18161 वोट से शिकस्त दी। परवेज हाशमी बाद में दिल्ली से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद भी बने।
इस चुनाव में ओखला के नतीजे में कुछ नहीं बदला। कांग्रेस के मौजूदा विधायक परवेज हाशमी ने एक और सफलता के साथ यहां जीत की हैट्रिक लगा दी। परवेज ने भाजपा उम्मीदवार राजपाल सिंह को 14649 को मत से शिकस्त दी।
इस विधानसभा चुनाव में ओखला विधानसभा सीट नई सीमाओं के साथ नए रूप में अस्तित्व में आई। हालांकि, चुनावी नतीजा चौथी बार परवेज हाशमी के पक्ष में रहा। कांग्रेस उम्मीदवार परवेज ने लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से उतरे आसिफ मोहम्मद खान को महज 541 वोट से हराया। 2009 में परवेज हाशमी राज्यसभा चले गए। परवेज हाशमी के राज्यसभा जाने के बाद ओखला सीट पर उप चुनाव हुआ। इस उप चुनाव राजद के आसिफ मोहम्मद खान को जीत मिली। जो 2008 में महज 541 वोट से हारे थे।
दिल्ली की राजनीति के लिए साल 2013 एक अहम कड़ी साबित हुआ। इस चुनाव में मुकाबले में कांग्रेस-भाजपा के अलावा इस बार भ्रष्टाचार आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी भी थी। ओखला विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी पिछले चुनावों से अलग रहा। चुनाव नतीजे आए तो कांग्रेस को जीत मिली लेकिन उसे चुनौती नई आम आदमी पार्टी से मिली। कांग्रेस उम्मीदवार आसिफ मोहम्मद खान ने आप के इरफानुल्लाह खान को 26545 वोट से हराया। 2013 के चुनाव में कांग्रेस को 50004 वोट और आप को 23459 वोट मिले थे।
2015 में फिर से दिल्ली में विधानसभा चुनाव करवाने पड़े। 2014 में मात्र 49 दिन सरकार चलाने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया था। फरवरी 2014 में जब लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो पाया तो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 2015 में फिर से चुनाव कराए गए और केजरीवाल ने 70 में से 67 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की।
इस चुनाव में ओखला सीट पर पहली बार आप और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। 64532 वोट के भारी अंतर से चुनाव जीतकर आप ने यहां अपना खाता खोला। अमानतुल्लाह खान ने पार्टी को बड़ी जीत दिलाई। आप उम्मीदवार अमानतुल्लाह को 104271 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी ब्रह्म सिंह 39739 वोट हासिल करके दूसरे स्थान पर रहे।
2020 के विधानसभा चुनाव में आप आदमी पार्टी ने फिर जबरदस्त जनादेश हासिल किया। आप को 70 में से कुल 62 सीटों पर जीत मिली। ओखला के नतीजों की बात करें तो यहां से आप की तरफ से प्रमुख नेता अमानतुल्लाह खान को फिर एक बड़ी जीत मिली। आप नेता अमानतुल्लाह ने भाजपा के ब्रह्म सिंह को 71827 वोट से पटखनी दी थी। आप को 130367 वोट जबकि दूसरे नंबर पर रही भाजपा को 58540 वोट मिले।