{"_id":"663db9195a3f699a980209bb","slug":"odisa-if-a-tea-seller-can-become-pm-then-why-can-t-i-become-a-tea-seller-mla-said-the-candidate-brahmagiri-2024-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Odisa: 'चाया वाला पीएम बन सकता है तो मैं चायवाला एमएलए क्यों नहीं बन सकता', ब्रह्मगिरी के उम्मीदवार बोले","category":{"title":"Election","title_hn":"चुनाव","slug":"election"}}
Odisa: 'चाया वाला पीएम बन सकता है तो मैं चायवाला एमएलए क्यों नहीं बन सकता', ब्रह्मगिरी के उम्मीदवार बोले
Fri, 10 May 2024 11:35 AM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Fri, 10 May 2024 11:35 AM IST
सार
ब्रह्मगिरी सीट से विधानसभा सीट पर उतरे उम्मीदवार पीएम मोदी को अपना प्रेरणास्त्रोत बताया। उन्होंने कहा कि जब चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है, तो ये चायवाला एमएलसी क्यों नहीं बन सकता।
विज्ञापन
सुकांत घदाई
- फोटो : एएनआई
विस्तार
ब्रह्मगिरी सीट से विधानसभा सीट पर उतरे उम्मीदवार पीएम मोदी को अपना प्रेरणास्त्रोत बताया। उन्होंने कहा कि जब चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है, तो ये चायवाला एमएलसी क्यों नहीं बन सकता।
सुकांत घदाई जो के ओडिशा के ब्रह्मगिरी से विधानसीट के एक स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर लिया है। उनका मानना है कि जो बड़े लोग राजनीति में हैं, उन्हें उनकी राजनीति का तरीका पसंद नहीं है। सुकांत कहते हैं कि अगर एक चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है तो दूसरा चायवाला एमएलसी क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि जो ब्रह्मगिरी को बड़े राजनेताओं से मुक्त कराने का संकल्प लिया है। मैं आम लोगों के लिए काम करुंगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मैंने नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ता रहे हैं। उनकी उम्र सिर्फ 26 साल है, वे अपने क्षेत्र की वंशवाद की राजनीति को खत्म करना है। भाजपा के लोग आंख बंद कर वंशवाद के तौर पर ही टिकट देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुकांत घदाई जो के ओडिशा के ब्रह्मगिरी से विधानसीट के एक स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर लिया है। उनका मानना है कि जो बड़े लोग राजनीति में हैं, उन्हें उनकी राजनीति का तरीका पसंद नहीं है। सुकांत कहते हैं कि अगर एक चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है तो दूसरा चायवाला एमएलसी क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि जो ब्रह्मगिरी को बड़े राजनेताओं से मुक्त कराने का संकल्प लिया है। मैं आम लोगों के लिए काम करुंगा।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि मैंने नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ता रहे हैं। उनकी उम्र सिर्फ 26 साल है, वे अपने क्षेत्र की वंशवाद की राजनीति को खत्म करना है। भाजपा के लोग आंख बंद कर वंशवाद के तौर पर ही टिकट देते हैं।
विज्ञापन