LS Polls: क्या कन्हैया कुमार, जेपी अग्रवाल और उदित राज दिला पाएंगे जीत? दिल्ली में कांग्रेस ने चला यह दांव
आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने रविवार रात को एक और उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस सूची में कुल 10 उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया है। पार्टी ने सूची में पंजाब की छह लोकसभा सीट के अलावा, दिल्ली की तीन और एक यूपी की सीट पर उम्मीदवारों का एलान किया है।
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कांग्रेस ने दिल्ली में अपने खाते में आई तीनों सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने उत्तर पूर्वी दिल्ली की सीट से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे कन्हैया कुमार को मैदान में उतारा है। वे भाजपा के दो बार के सांसद और वर्तमान उम्मीदवार लोकप्रिय भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को टक्कर देंगे। कांग्रेस ने चांदनी चौक की प्रतिष्ठित सीट से अपने अनुभवी नेता जेपी अग्रवाल को मैदान में उतारा है। वे भाजपा उम्मीदवार प्रवीण खंडेलवाल को टक्कर देंगे। उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से उदित राज भाजपा के योगेंद्र चंदोलिया को टक्कर देंगे।
कांग्रेस की सबसे मजबूत टक्कर चांदनी चौक की सीट से मानी जा रही है, जहां से पार्टी ने अपने पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल को मैदान में उतारा है। वे पूर्व में उत्तर पूर्वी दिल्ली और चांदनी चौक सीट से चुनाव जीत चुके हैं। व्यापारी समुदाय से होने के कारण जेपी अग्रवाल की चांदनी चौक सीट पर अच्छी पकड़ मानी जाती है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय का कांग्रेस के प्रति झुकाव और पार्टी के लिए समर्थन भी कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है। इस बार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों का समझौता होने के कारण आम आदमी पार्टी का यहां से कोई उम्मीदवार नहीं है। ऐसे में वोटों का बंटवारा न होने के कारण भी कांग्रेस उम्मीदवार जेपी अग्रवाल को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, भाजपा के प्रत्याशी प्रवीण खंडेलवाल भी एक व्यापारी नेता हैं। वे एक व्यापारी संगठन चलाते रहे हैं और व्यापारियों की मांगों को लेकर सरकार से लगातार उनकी खींचतान चलती रही है। ऐसे चांदनी चौक उनकी भी जमीन है, लिहाजा दोनों उम्मीदवारों के बीच अच्छी टक्कर हो सकती है।
उदित राज भी दे सकते हैं अच्छी टक्कर
उदित राज ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर पश्चिम दिल्ली की लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में हंसराज हंस को टिकट दे दिया था। भाजपा के रवैये से नाराज उदित राज ने पाला बदलकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था, लेकिन दलित समुदाय के अच्छे नेता होने के कारण उनकी यहां के दलित समुदाय पर अच्छी पकड़ मानी जाती है। सांसद रहने के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र में जो काम करवाए थे, उन्हें इसका भी लाभ मिल सकता है। वे भाजपा के उम्मीदवार योगेंद्र चंदोलिया को मजबूत टक्कर देंगे।
कन्हैया कुमार के कारण रोचक हुआ चुनाव
कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को मनोज तिवारी के सामने उतारकर दिल्ली का चुनाव रोचक बना दिया है। वे प्रमुख मंचों से केंद्र सरकार और भाजपा पर जबरदस्त हमला करते रहे हैं। मनोज तिवारी के सामने होने से अब दिल्ली के चुनाव में उनकी चुटीली बयानबाजी देखने को मिल सकती है। कन्हैया कुमार को जेएनयू का होने का विशेष लाभ मिल सकता है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के पिछड़े इलाकों और मुस्लिम समुदाय के बीच कांग्रेस की मजबूत पकड़ भी उनकी ताकत बन सकती है। बिहार से आने वाले कन्हैया कुमार को कांग्रेस ने पूर्वांचली चेहरा होने के कारण मैदान में उतारा है। अपने भाषणों से वे इस इलाके के बहुतायत पूर्वांचली मतदाताओं को अपने पक्ष में कर सकते हैं।
हालांकि, कन्हैया कुमार की टक्कर मनोज तिवारी से है जो इसी लोकसभा सीट से दो बार पहले ही सांसद रह चुके हैं। अपने क्षेत्र में विशेष विकास कार्यों के कारण स्थानीय जनता के बीच उनकी छवि भी अच्छी है। वे दिल्ली सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोलते हैं और जनता का काम कराने के मामले में आगे रहते हैं। इससे दोनों उम्मीदवारों के बीच एक अच्छी टक्कर देखने को मिल सकती है।