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LS Election 2024: वोटिंग से पहले खरगे का दलित कार्ड, साधी सोशल इंजीनियरिंग तो राहुल ने उतारे 'बब्बर शेर'
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विस्तार
लोकसभा चुनाव में प्रथम चरण के मतदान की घड़ी आ गई है। 19 अप्रैल को 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की 102 संसदीय सीटों पर मतदान होगा। कांग्रेस पार्टी ने पहले चरण के मतदान से पहले, 'दलित' कार्ड खेल दिया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस 'एससी-एसटी सब प्लान' को लागू करने की कानूनी गारंटी देती है। मतलब, एससी-एसटी समुदायों की जितनी आबादी होगी, उतना ही बजट रखा जाएगा। खरगे ने 'सोशल इंजीनियरिंग' के अपने दांव में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र कर दिया। दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदान से एक दिन पहले चुनाव मैदान में अपने 'बब्बर शेर' उतार दिए हैं।
मोदी सरकार ने समाप्त कर दी वह योजना
लोकसभा चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक दल, मतदाताओं को लुभाने के लिए कई तरह के वादे कर रहे हैं। उन्हें पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल किया जा रहा है। इस कड़ी में कांग्रेस पार्टी के मतदान से एक दिन पहले दलित वोटों पर फोकस किया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, स्वयं इसी समुदाय से आते हैं। उन्होंने कहा, अनुसूचित जातियों और जनजातियों की बजटीय संसाधनों में संतुलित एवं पर्याप्त हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए 1970 के दशक में इंदिरा गांधी ने एक योजना शुरू की थी। खरगे ने अब उसी योजना का जिक्र किया है। इंदिरा गांधी द्वारा शुरू की गई 'अनुसूचित जातियों' के लिये विशेष घटक योजना और जनजातीय उपयोजना को 2014 में मोदी सरकार ने समाप्त कर दिया था।
खरगे ने कहा, कांग्रेस पार्टी, अनुसूचित जाति योजना और जनजातीय उप-योजना को पुनर्जीवित करेगी। इतना ही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष ने उक्त योजना को कानून द्वारा लागू करने की गारंटी भी दे दी। उन्होंने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, कांग्रेस पार्टी पिछले सात दशकों से समाज के पिछड़े, वंचित, पीड़ितों और शोषित वर्गों एवं सभी जातियों के हक व उनके अधिकार के लिए सबसे अधिक मुखरता के साथ आवाज उठाती रही है। खरगे ने कहा, 'हिस्सेदारी न्याय' को कांग्रेस ही सुनिश्चित करेगी।
इससे पहले राहुल गांधी ने भी लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले अपना एक वीडियो संदेश जारी कर दिया। इसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, आप हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। मैंने सोचा चुनाव का समय है, मैं आपसे थोड़ी सी सीधी बात कर लूं। ये आम चुनाव नहीं है। ये संविधान और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है, जिसमें आप जैसे 'बब्बर शेर' कार्यकर्ताओं के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस पार्टी की सोच और विचारधारा आपके अंदर है, आपकी रगों में हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र को एक बेहतरीन घोषणा पत्र बताया है।
कांग्रेस की लड़ाई मनुवादी विचारधारा के खिलाफ
14 अप्रैल को महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस प्रत्याशी विकास ठाकरे के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा था, अगर भाजपा सत्ता में आई, तो संविधान और लोकतंत्र को खत्म कर देगी। देश में आगे चुनाव नहीं होंगे। कांग्रेस, संविधान को बचाने और लोकतंत्र को कायम रखने के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस की लड़ाई मनुवादी विचारधारा के खिलाफ है। बाबा साहेब डॉ. भीम राम अंबेडकर कहते थे कि शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। इस मंत्र को केवल भारतीय संविधान आगे ले जा सकता है। इस संविधान को बचाने की लड़ाई, कांग्रेस लड़ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस देश की आजादी के लिए लड़ी, बलिदान दिए। वहीं दूसरी तरफ आरएसएस ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया। आरएसएस के लोग अंग्रेजों के यहां नौकरी करते थे। आरएसएस कार्यालय में बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की फोटो तक नहीं लगती थी, यहां तक कि तिरंगा झंडा भी नहीं लगाया जाता था।
आदिवासियों और दलितों का अपमान
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद का शिलान्यास, देश के तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से नहीं कराया। संसद के उद्घाटन के समय भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नहीं बुलाया गया। राम मंदिर के उद्घाटन के समय भी द्रौपदी मुर्मू को नहीं बुलाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपतियों, आदिवासियों और दलितों का अपमान किया। खरगे ने इस दौरान कांग्रेस घोषणा पत्र में किए गए वादों को दोहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी वादे पूरे किए जाएंगे।