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Hindi News ›   Election ›   Lowest And Highest Margin Win in Lok Sabha Election 2019

Election: कहीं 181 वोटों से जीतकर बने सांसद तो कहीं 823 मतों से बदली किस्मत, ये हैं 2019 की कम अंतर वाली सीटें

Tue, 28 May 2024 12:21 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 28 May 2024 12:21 PM IST
सार

Election Results: 2019 के लोकसभा चुनाव में दो सीट ऐसी रहीं जहां जीत-हार का अंतर 1000 वोटों से भी कम था। उत्तर प्रदेश की मछलीशहर लोकसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार भोलानाथ (बी.पी. सरोज) केवल 181 वोटों से चुनाव जीते थे।

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Lowest And Highest Margin Win in Lok Sabha Election 2019
लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

लोकसभा चुनाव 2024 अब अपने अंतिम दौर में आ गया है। सातवें और अंतिम चरण का मतदान 1 जून को है। इसके बाद बारी आएगी नतीजों की, जिसका लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 4 जून को 543 में से 542 लोकसभा सीटों के परिणाम घोषित किए जाएंगे। गुजरात की सूरत सीट पर भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी है। 
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नतीजे के दिन लोगों की नजरें उन उम्मीदवारों पर भी होंगी जो बड़ी जीत दर्ज करेंगे। इसके अलावा यह ही देखना होगा कि कहां कम अंतर से उम्मीदवार विजयी हुए। 2019 की लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सबसे ज्यादा 303 सीटें जीती थी। वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को महज 52 सीटों से संतोष करना पड़ा था। इनमें से कुछ ऐसे भी उम्मीदवार थे जो हजार वोटों के अंतर से जीतने में कामयाब रहे थे।
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आइये जानते हैं कि 2019 में सबसे कम अंतर वाली सीटें कौन सी थीं? 1000 से 2000 के अंतर वाली सीटें कितनी थीं? कितनी सीटों पर उम्मीदवारों के जीत का अंतर 2000 से 5000 की बीच था? 5000 से 10000 की बीच अंतर वाली सीटें कौन सी थीं?
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Lowest And Highest Margin Win in Lok Sabha Election 2019
लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA
2019 में सबसे कम अंतर वाली सीटें कौन सी थीं? 
बीते लोकसभा चुनाव में 1000 से कम अंतर वाली दो सीटें थीं। सबसे कम अंतर वाली जीत उत्तर प्रदेश की मछलीशहर लोकसभा सीट पर हुई थी। यहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार भोलानाथ (बी.पी. सरोज) केवल 181 वोटों से चुनाव जीते थे। दूसरी सबसे कम अंतर वाली जीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खाते में गई थी। लक्षद्वीप सीट पर पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद फैजल महज 823 वोटों से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। 

1000 से 2000 के अंतर वाली सीट कितनी थी?
2019 के लोकसभा चुनाव में पांच सीटें ऐसी रहीं जहां जीत का अंतर 1000 से 2000 वोटों के बीच था। इनमें से दो सीटों पर भाजपा जबकि एक-एक सीट पर टीएमसी, कांग्रेस और जदयू के उम्मीदवार जीते थे। आरामबाग सीट (पश्चिम बंगाल) से टीएमसी की अपरूपा पोद्दार 1,142, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह से कांग्रेस से कुलदीप राय शर्मा 1,407, खूंटी (झारखंड) से भाजपा के अर्जुन मुंडा 1,445, जहानाबाद (बिहार) से जदयू के चंदेश्वर प्रसाद 1,751 और चामराजनगर (कर्नाटक) से भाजपा के वी. श्रीनिवास प्रसाद 1,817 वोटों से चुनाव जीते थे।

कितनी सीटों पर जीत का अंतर 2000 से 5000 वोटों के बीच था? 
पिछले लोकसभा चुनाव में सात सीटें ऐसी रहीं जहां जीत का अंतर 2000 से 5000 वोटों के बीच था। इनमें से दो सीटों पर भाजपा जबकि एक-एक सीट पर कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), वाईएसआर कांग्रेस, एआईएमआईएम और  विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के उम्मीदवार जीते थे। 

बर्धवान-दुर्ग (पश्चिम बंगाल) लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार एसएस अहलूवालिया 2,439, चिदंबरम (तमिलनाडु) से वीसीके पार्टी के थिरुमावलवन थोल 3,219, कोरापुट (ओडिशा) से कांग्रेस के सप्तगिरि शंकर उलाका 3,613, गुंटूर (आंध्र प्रदेश) से टीडीपी के जयदेव गल्ला 4,205, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से वाईएसआर कांग्रेस के एमवीवी सत्यनारायण 4,414, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील 4,492 और मेरठ (उत्तर प्रदेश) से भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल 4,729 वोटों से चुनाव जीतने में सफल हुए थे। 

5,000 से 10,000 की बीच अंतर वाली सीटें कौन सी थीं?
2019 में हुए लोकसभा चुनाव की 15 सीटें ऐसी रहीं जहां जीत का अंतर 5,000 से 10,000 वोटों के बीच था। इनमें से पांच सीटों पर भाजपा, तीन सीटों पर कांग्रेस और दो सीटों पर टीडीपी के प्रत्याशियों को सफलता मिली थी। वहीं एक-एक-एक सीट पर बसपा, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस और मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए थे।
 

सीट राज्य विजेता पार्टी अंतर
भोंगीर तेलंगाना कोमाटी वेंकट रेड्डी कांग्रेस 5219
श्रावस्ती उत्तर प्रदेश राम शिरोमणि बसपा 5320
जहीराबाद तेलंगाना बी.बी.पाटिल बीआरएस 6229
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश संजीव कुमार बालियान भाजपा 6526
श्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश किंजरापु नायडू टीडीपी 6653
अनंतनाग जम्मू-कश्मीर हसनैन मसूदी नेकां 6676
कांकेर छत्तीसगढ़ मोहन मंडावी भाजपा 6914
रोहतक हरियाणा अरविन्द कुमार शर्मा भाजपा 7503
मिजोरम मिजोरम सी लालरोसांगा एमएनएफ 8140
मालदा दक्षिण पश्चिम बंगाल अबू हासेम खान चौधरी  कांग्रेस 8222
विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश केसिनेनी श्रीनिवास  टीडीपी 8726
दादरा-नगर हवेली दादरा-नगर हवेली डेलकर सांजीभाई निर्दलीय 9001
संबलपुर ओडिशा नितेश गंगा देब भाजपा 9162
दक्षिण गोवा गोवा कॉस्मे फ्रांसिस्को  कांग्रेस 9755
दमन और दीव दमन और दीव लालूभाई बाबूभाई पटेल भाजपा 9942

पांच सबसे बड़ी जीत कहां मिली थी?
पिछले लोकसभा चुनाव में पांच सबसे बड़ी जीतों की बात करें तो ये सभी भाजपा के खाते में गई थीं। गुजरात के नवसारी सीट से सीआर पाटिल 6,89,668 वोटों से बड़े अंतर से चुनाव जीतने में कामयाब हुए थे। इसके बाद करनाल (हरियाणा) सीट से संजय भाटिया 6,56,142, फरीदाबाद (हरियाणा) से कृष्ण पाल 6,38,239, भीलवाड़ा (राजस्थान) से सुभाष चंद्र बहेरिया 6,12,000 और वडोदरा (गुजरात) से रंजनाबेन भट्ट को 5,89,177 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। 
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