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Election Results: सियासी चौसर पर शाही प्रत्याशियों का प्रदर्शन कैसा? कई निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत की राह पर
Tue, 04 Jun 2024 06:40 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Tue, 04 Jun 2024 06:40 PM IST
सार
Election Results: 2024 के लोकसभा चुनाव में अलग-अलग शाही परिवारों के कई सदस्यों ने भी ताल ठोकी। राजघरानों से जुड़े कितने सदस्यों ने जीत का हार पहना और कितने सदस्यों ने हार का वार झेला? इस रिपोर्ट में हम आपको पूरी जानकारी दे रहे हैं।
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अमृता रॉय, यदुवीर वाडियार और ज्योतिरादित्य सिंधिया
- फोटो : ANI
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विस्तार
लोकसभा चुनाव के नतीजों का दिन। देश ही नहीं बल्कि दुनिया की निगाहें विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावी नतीजों पर टिकीं रहीं। इस बार आम चुनाव में अलग अलग पार्टियों ने ऐसे कई चेहरों को अपना उम्मीदवार घोषित किया, जिनका नाता शाही परिवारों से रहा है। अब सवाल ये है कि शाही परिवारों के उन सदस्यों का प्रदर्शन कैसा रहा? हम आपको इस रिपोर्ट में इसकी जानकारी दे रहे हैं।
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मैसूर राजघराने के यदुवीर कृष्णदत्त वाडियार
मैसूर राजघराने के यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार को भाजपा ने मैसूर से अपना प्रत्याशी घोषित किया था। बता दें कि चामराजा वाडियार 31 वर्ष के हैं और उन्होंने अमेरिका से अपनी पढ़ाई पूरी है। वर्ष 2015 में उन्हें मैसूर के राजा का ताज पहनाया गया था। यदुवीर ने मैसूर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ 1.3 लाख वोटों से निर्णायक बढ़त बनाई।
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ओडिशा के राज परिवार की मालविका देवी
ओडिशा के राज परिवार से ताल्लुक रखने वाली मालविका देवी को भाजपा ने कालाहांडी से उम्मीदवार घोषित किया था। मालविका देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजू जनता दल (बीजद) प्रत्याशी लंबोदर नील के खिलाफ एक लाख वोटों से निर्णायक बढ़त बनाए रखी।
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त्रिपुरा के शादी परिवार के कृति सिंह देबबर्मा
त्रिपुरा के शाही परिवार के सदस्य कृति सिंह देबबर्मा को एनडीए ने त्रिपुरा पूर्व सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया था। देबबर्मा ने ने भी अपने निकटतम प्रतिद्वंदी के खिलाफ 5.5 लाख वोटों से बढ़त बनाए रखी।
ग्वालियर राजघराने के ज्योतिरादित्य सिंधिया
अब बात करते हैं मध्यप्रदेश की चर्चित सीट गुना की, जहां से भाजपा ने ग्वालियर राजघराने के ज्योतिरादित्य सिंधिंया को प्रत्याशी घोषित किया था। सिंधिया ने भी अपने करीबी प्रतिद्वंदी के खिलाफ 5 लाख वोटों से बढ़त बनाए रखी। गुना सीट से कांग्रस ने राव यदवेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया था।
धौलपुर के राजकुमार दुष्यंत सिंह
राजस्थान के धौलपुर के राजकुमार और झालावाड़-बारां सीट से भाजपा प्रत्याशी दुष्यंत सिंह ने भी शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। वे कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला जैन से 3.5 लाख वोटों से आगे रहे।
महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह की पत्नी महिमा कुमारी
अब बात करते हैं महिमा कुमारी मेवाड़ की, जो महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ की पत्नी हैं। भाजपा ने महिला कुमारी मेवाड़ को राजस्थान की राजसमंद सीट से प्रत्याशी घोषित किया था। महिला कुमारी मेवाड़ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी डॉ. दामोदर गुर्जर के खिलाफ करीब चार लाख वोटों से बढ़त बनाए रखी।
रामपुर शाही परिवार के सदस्य विक्रमादित्य सिंह
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस ने रामपुर शाही परिवार के सदस्य विक्रमादित्य सिंह को प्रत्याशी बनाया था। उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने कंगना रनौत को उम्मीदवार बनाया था। इस बार के चुनाव में कंगना ने विक्रमादित्य सिंह पर 70 हजार वोटों से बढ़त बनाई।
पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से राजमाता अमृता रॉय
उधर, पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट की बात करें, तो यहां से राजमाता अमृता रॉय को प्रत्याशी घोषित किया था। इस सीट से तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी महुआ मोइत्रा ने बढ़त बनाए रखी।
छह निर्दलीय उम्मीदवारों ने दिखाया दम
इस बार लोकसभा चुनाव में केवल छह निर्दलीय उम्मीदवार जीत की तरफ बढ़ते दिखे। इनमें से सबसे बड़ा चेहरा अब्दुल राशिद शेख बने। उन्होंने बारामूला लोकसभा सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला को मात दी। इस बार लोकसभा चुनाव में केवल छह निर्दलीय उम्मीदवार जीत की तरफ बढ़ते दिखे। इनमें से सबसे बड़ा चेहरा अब्दुल राशिद शेख बने। उन्होंने बारामूला लोकसभा सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला को मात दी। राशिद शेख के अलावा, पंजाब के फरीदकोट से निर्दलीय प्रत्याशी सरबजीत सिंह खालसा, पंजाब की खादूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार अमृतपाल सिंह, महाराष्ट्र की सांगली सीट से निर्दलीय प्रत्याशी विशाल प्रकाशबापू पाटिल,लद्दाख से निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद हनीफा जान के अलावा दमन और दीव से निर्दलीय प्रत्याशी पटेल उमेशभाई ने जीत हासिल की।