फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Election ›   Lok Sabha ›   Lok Sabha Election: Opposition said- How did Pawan Singh and Upendra Rawat get tickets?

Lok Sabha Election: कैसे हुई BJP से इतनी बड़ी चूक? विपक्ष बोला- पवन सिंह और उपेंद्र रावत को कैसे मिला टिकट?

Mon, 04 Mar 2024 08:02 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Mon, 04 Mar 2024 08:02 PM IST
विज्ञापन
सार
सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट देने में यह चूक कैसे हो गई। वह भी तब जब भाजपा हर स्तर पर टिकट देने से पहले हर तरह की जांच पड़ताल करती है। फिलहाल इन दो मामलों के बाद विपक्ष भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हो गया है...
loader
Lok Sabha Election: Opposition said- How did Pawan Singh and Upendra Rawat get tickets?
Lok Sabha Election - फोटो : Amar Ujala/ Sonu Kumar

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी ने आसनसोल से भोजपुरी गायक पवन सिंह को टिकट दिया। लेकिन पवन सिंह के बंगाल की महिलाओं पर बनाए गए गाने भारी पड़े। नतीजतन टिकट वापस करना पड़ा। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के सांसद उपेंद्र रावत को पार्टी ने दोबारा टिकट दिया। टिकट देने के बाद उनका एक अश्लील वीडियो तेजी से वायरल हुआ। सोमवार दोपहर बाद उन्होंने भी टिकट वापिस करने का एलान कर दिया। इन दो मामलों के बाद सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट देने में यह चूक कैसे हो गई। वह भी तब जब भाजपा हर स्तर पर टिकट देने से पहले हर तरह की जांच पड़ताल करती है। फिलहाल इन दो मामलों के बाद विपक्ष भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हो गया है। कहा यह जा रहा है कि न तो पवन सिंह के गाने टिकट मिलने के बाद रिलीज हुए और न ही सांसद उपेंद्र रावत का वीडियो शनिवार के बाद बाजार में आया।

भारतीय जनता पार्टी के बाराबंकी से सांसद उपेंद्र रावत को शनिवार को फिर से टिकट दिया गया। उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में कहा यही जा रहा है कि टिकट मिलने के बाद उपेंद्र रावत का एक अश्लील वीडियो तेजी से वायरल हुआ। हालांकि इस वायरल वीडियो के बाद उपेंद्र रावत ने पुलिस में फेक वीडियो की एफआईआर दर्ज कराई। लेकिन मामला इतना तूल पकड़ गया कि सोमवार दोपहर आते आते उपेंद्र रावत को बाराबंकी सीट पर मिला हुआ टिकट छोड़ना पड़ा। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी दस साल में अपने सांसद का चरित्र नहीं पता कर सकी। अब जब मामला सामने आ गया, तो उपेंद्र रावत को बाराबंकी सीट छोड़नी पड़ी। राजपूत आरोप लगाते हैं कि जिस वीडियो के आधार पर रावत को सीट छोड़नी पड़ी, वह वीडियो पहले से ही बाजार में घूम रहा था। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने टिकट कैसे दिया यह अब सबको मालूम चल गया है। सुरेंद्र राजपूत कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी कहती कुछ है और करती कुछ है।

इसी तरह भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट वितरित किए जाने के दो दिन के भीतर दो ऐसे मामले सामने आए, जिससे टिकट वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने लगे। पहला मामला पवन सिंह का सामने आया। पवन सिंह के चुनाव न लड़ने के बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों ले लिया। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि जिन पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने टिकट देकर सियासी मैदान में उतारा, उनके महिलाओं को लेकर गाने बहुचर्चित हैं। वह कहते हैं कि संदेशखाली में महिलाओं की अस्मिता को लेकर भाजपा मुद्दा बना रही है। लेकिन महिलाओं के ऊपर खासतौर से बंगाल की महिलाओं पर बनाए गए गाने भाजपा को नहीं दिखे। इसी तरह तृणमूल कांग्रेस ने भी भाजपा पर हमला बोला है।

भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट वितरण के महज दो दिनों के भीतर दो नेताओं की टिकट वापसी से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय कहते हैं कि भाजपा ने अति उत्साह में टिकट वितरण किया है। यही वजह है कि टिकट देने के बाद प्रत्याशियों की पोल खुल रही है और उनके टिकट वापस हो रहे हैं। वह कहते हैं कि भाजपा तो दावा करती है कि टिकट वितरण से पहले हर स्तर पर प्रत्याशी चयन में छानबीन होती है। बूथ स्तर तक पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाता है, तो क्या इन मामलों में ऐसा नहीं हुआ था।

वह कहते हैं कि पवन सिंह और उपेंद्र रावत जैसे उत्तर प्रदेश में ही ऐसे 12 से 15 सांसदों को दोबारा टिकट दिया गया है, जिनसे न सिर्फ लोग नाराज हैं, बल्कि उनकी जमीनी हकीकत का आंकलन तक नहीं किया गया। संतोष भारतीय कहते हैं कि अब अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही वोट दिए जाने हैं, तो अलग बात है लेकिन यह सच है कि ऐसे टिकटों को लेकर क्षेत्र में लोगों की नाराजगी है। अगर यह नाराजगी वोटों में तब्दील हुई और गठबंधन ने मजबूती दिखाई, तो परिणाम भी बदल सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed