Lok Sabha Election Results 2024: चुनावी परीक्षा में फेल हुए मोदी के ये मंत्री, जानें कितनों को मिली सफलता?
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विस्तार
दुनिया के सबसे बड़े चुनावी पर्व में आज परिणाम का दिन रहा है। फैसले की इस घड़ी में मौजूदा सरकार के साथ उसके मंत्रियों की किस्मत का भी फैसला हुआ है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट के 52 केंद्रीय मंत्रियों ने लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई। वोट की लड़ाई लड़ी गई, इस लड़ाई का अंजाम लगभग पता चल गया है। चुनाव आयोग के अब तक के आंकड़े के अनुसार, 52 केंद्रीय मंत्रियों में से चुनाव 20 मंत्री हार गए हैं।केंद्रीय मंत्रियों की सीटों के कैसे समीकरण रहे? 2024 में यहां नतीजे कैसे रहे? आइये जानते हैं...
कैबिनेट मंत्री
| मंत्रालय | मंत्री | सीट | नतीजा |
| प्रधानमंत्री | नरेंद्र मोदी | वाराणसी | जीते |
| रक्षा | राजनाथ सिंह | लखनऊ | जीते |
| गृह | अमित शाह | गांधीनगर | जीते |
| सड़क परिवहन-राजमार्ग | नितिन गडकरी | नागपुर | जीते |
| शिक्षा | धर्मेंद्र प्रधान | संबलपुर | जीते |
| वाणिज्य-उद्योग | पीयूष गोयल | मुंबई उत्तर | जीते |
| महिला-बाल विकास | स्मृति ईरानी | अमेठी | हारीं |
| कृषि | अर्जुन मुंडा | खूंटी | हारे |
| सामाजिक न्याय | वीरेंद्र कुमार | टीकमगढ़ | जीते |
| स्वास्थ्य | मनसुख मंडाविया | पोरबंदर | जीते |
| पर्यावरण | भूपेंद्र यादव | अलवर | जीते |
| भारी उद्योग | महेंद्र नाथ पांडे | चंदौली | हारे |
| संसदीय कार्य | प्रल्हाद जोशी | धारवाड़ | जीते |
| जल शक्ति | गजेंद्र सिंह शेखावत | जोधपुर | जीते |
| एमएसएमई | नारायण राणे | रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग | जीते |
| पशुपालन | पुरुषोत्तम रूपाला | राजकोट | जीते |
| ग्रामीण विकास | गिरिराज सिंह | बेगूसराय | जीते |
| नागरिक उड्डयन | ज्योतिरादित्य सिंधिया | गुना | जीते |
| ऊर्जा | राज कुमार सिंह | आरा | हारे |
| संस्कृति | जी. किशन रेड्डी | सिकंदराबाद | जीते |
| खेल | अनुराग ठाकुर | हमीरपुर | जीते |
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
| मंत्रालय | मंत्री | सीट | नतीजा |
| योजना | राव इंद्रजीत सिंह | गुड़गांव | जीते |
| विज्ञान-प्रौद्योगिकी | जितेंद्र सिंह | उधमपुर | जीते |
| कानून | अर्जुन राम मेघवाल | बीकानेर | जीते |
| पृथ्वी विज्ञान | किरन रिजिजू | अरुणाचल पश्चिम | जीते |
राज्य मंत्री
| मंत्री | सीट | नतीजा |
| रावसाहेब दानवे | जालना | हारे |
| फग्गन सिंह कुलस्ते | मंडला | जीते |
| साध्वी निरंजन ज्योति | फतेहपुर | हारीं |
| भारती प्रवीण पवार | दिंडोरी | हारीं |
| वी. मुरलीधरन | आटिंगल | हारे |
| नित्यानंद राय | उजियारपुर | हारे |
| अजय मिश्र टेनी | खीरी | हारे |
| निसिथ प्रमाणिक | कूच बिहार | हारे |
| शोभा करंदलाजे | बैंगलोर उत्तर | जीते |
| कैलाश चौधरी | बाड़मेर | हारे |
| एल. मुरुगन | नीलगिरि | हारे |
| संजीव बालियान | मुजफ्फरनगर | हारे |
| अन्नपूर्णा देवी | कोडरमा | जीतीं |
| सुभाष सरकार | बांकुरा | हारे |
| अनुप्रिया पटेल | मिर्जापुर | जीतीं |
| पंकज चौधरी | महराजगंज | जीते |
| एस. पी. सिंह बघेल | आगरा | जीते |
| अजय भट्ट | नैनीताल-उधमसिंह नगर | जीते |
| श्रीपद नाइक | उत्तर गोवा | जीते |
| भगवंत खुबा | बीदर | हारे |
| भानु प्रताप सिंह वर्मा | जालौन | हारे |
| देवुसिंह चौहान | खेड़ा | जीते |
| कपिल पाटिल | भिवंडी | हारे |
| कौशल किशोर | माेहनलालगंज | हारे |
| कृष्ण पाल | फरीदाबाद | जीते |
| राजीव चंद्रशेखर | तिरुवनंतपुरम | हारे |
| शांतनु ठाकुर | बनगांव | जीते |
राजनाथ सिंह: उत्तर प्रदेश की लखनऊ लोकसभा सीट से भाजपा की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चुनाव मैदान में हैं। भाजपा नेता के सामने सपा ने रविदास मेहरोत्रा को अपना उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके मेहरोत्रा फिलहाल लखनऊ मध्य विधानसभा सीट से सपा के विधायक हैं। बसपा ने लखनऊ सीट से सरवर मलिक को प्रत्याशी बनाया है। 2019 लोकसभा चुनाव में सीट पर भाजपा से राजनाथ सिंह जीते थे। 2019 में लखनऊ सीट पर 54.78% मतदान दर्ज किया गया था।
अमित शाह: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात की गांधीनगर सीट से एक बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। शाह 2019 में यहां से जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस की सोनल पटेल से है। सोनल गुजरात महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं। 2019 में गांधीनगर लोकसभा सीट पर 69.3% मतदान हुआ था।
नितिन गडकरी: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अपनी परंपरागत नागपुर सीट से एक बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। गडकरी 2019 में यहां से जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के विकास ठाकरे से है। 2019 में नागपुर लोकसभा सीट पर 54.94% मतदान हुआ था।
स्मृति ईरानी: केंद्रीय मंत्री और अमेठी की मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी एक बार फिर भाजपा के टिकट पर यहां से मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस ने नामांकन के आखिरी दिन गांधी परिवार के करीबी केएल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। बसपा ने यहां नन्हे सिंह चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है। 2019 में भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिकस्त दी थी। पिछले चुनाव में यहां 54.08% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
ज्योतिरादित्य सिंधिया: हर बार की तरह गुना लोकसभा सीट की इस चुनाव में एक चर्चित सीट बनी हुई है। गुना लोकसभा सीट से भाजपा की तरफ से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनावी मैदान में हैं। नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री सिंधिया अभी मध्य प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। इस चुनाव के लिए कांग्रेस ने सिंधिया के सामने राव यादवेंद्र सिंह यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। 2019 लोकसभा चुनाव में गुना सीट पर भाजपा के उम्मीदवार डॉ. केपी यादव ने कांग्रेस के टिकट पर उतरे ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराया था। उस चुनाव में यहां 73% मतदान दर्ज किया गया था।
पीयूष गोयल: मुंबई उत्तर मुंबई की हाई प्रोफाइल सीट है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इस लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को चुनावी मैदान में उतारा है। गोयल अभी महाराष्ट्र से भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप उनके पास कपड़ा, वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण जैसे अहम विभाग हैं। पीयूष गोयल के सामने कांग्रेस ने भूषण पाटिल को उतारा है। भूषण अभी मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं। 2019 में मुंंबई उत्तर सीट पर भाजपा के गोपाल शेट्टी को जीत मिली थी। पिछले चुनाव में यहां 60.09% मतदान दर्ज किया गया था।
मनसुख मांडविया: महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर में भाजपा के उम्मीदवार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया हैं। मांडविया अभी तक गुजरात से राज्यसभा के सांसद थे। इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के ललितभाई वसोया से है। भाजपा के रमेशभाई लवजीभाई धाडुक 2019 में यहां से जीते थे। पिछले चुनाव में पोरबंदर सीट पर 58.9% मतदान हुआ था।
भूपेंद्र यादव: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव राजस्थान की अलवर सीट से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के बाबा बालकनाथ जीतकर सांसद बने थे। बाबा बालकनाथ अब राजस्थान विधानसभा में विधायक हैं। 2024 के चुनाव में भूपेंद्र यादव का मुकाबला कांग्रेस के ललित यादव से है। 2019 में अलवर सीट पर 61.7% लोगों ने अपने मताधिकार इस्तेमाल किया था।
कौशल किशोर: पांचवें चरण में जिन केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत दांव पर है उनमें कौशल किशोर भी शामिल हैं। कौशल किशोर उत्तर प्रदेश की मोहनलालगंज सीट से भाजपा उम्मीदवार हैं। वहीं, सपा से आरके चौधरी और बसपा से राजेश कुमार उतरे हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा के कौशल किशोर ने जीत का परचम लहराया था। पिछले चुनाव में मोहनलालगंज सीट पर 62.79% मतदान हुआ था।
साध्वी निरंजन ज्योति: उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सीट से मोदी सरकार की एक और मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति चुनाव लड़ रही हैं। साध्वी निरंजन मोदी सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री हैं। इस चुनाव में फतेहपुर से सपा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे नरेश उत्तम पटेल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं इस लड़ाई में बसपा भी शामिल है जिसने नर्सिंग होम संचालक डॉ. मनीष सिंह सचान को मैदान में उतारा है। 2019 में भाजपा की साध्वी निरंजन ज्योति को जीत मिली थी। पिछले चुनाव में फतेहपुर सीट पर 56.79% मतदान हुआ था।
डॉ. भारती प्रवीण पवार: पांचवें चरण में जो मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं उनमें डॉ. भारती प्रवीण पवार भी हैं। वह महाराष्ट्र की दिंडोरी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार हैं। भारती पवार फिलहाल मोदी सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इस चुनाव में उनके सामने महाविकास अगाडी (एमवीए) से भास्कर मुरलीधर भागारे हैं जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के प्रत्याशी हैं। 2019 में दिंडोरी लोकसभा सीट पर भाजपा की तरफ से भारती पवार को जीत मिली थी। पिछले चुनाव में यहां 65.71% लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
अन्नपूर्णा देवी: इस चुनाव में झारखंड की कोडरमा सीट भी चर्चा में है। यहां से केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने महागठबंधन की तरफ से भाकपा (माले) के विनोद कुमार सिंह प्रत्याशी हैं। 2019 में कोडरमा सीट पर भाजपा की अन्नपूर्णा देवी को जीत मिली थी। बीते चुनाव में यहां 66.68% लोगों ने वोटिंग की थी।
कपिल पाटिल: पांचवें चरण में जो मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं उनमें भिवंडी सीट से कपिल पाटिल भी हैं। कपिल पाटिल केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्रालय में राज्यमंत्री के पद पर हैं। इस लोकसभा चुनाव में उनके सामने एमवीए से सुरेश गोपीनाथ म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा हैं जो एनसीपी (शरद गुट) के प्रत्याशी हैं। 2019 में भिवंडी में भाजपा के कपिल पाटिल को जीत मिली थी। पिछले चुनाव में यहां 53.2% लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
शांतनु ठाकुर: इस चुनाव में पश्चिम बंगाल की कई सीटों पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। ऐसी ही एक सीट है बनगांव, जहां से केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर भाजपा के उम्मीदवार हैं। शांतनु अभी बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री के पद पर हैं। उनके सामने टीएमसी से बिस्वजीत दास जबकि कांग्रेस से प्रदीप कुमार बिस्वास हैं। 2019 में भाजपा के शांतनु ठाकुर को जीत मिली थी। बीते चुनाव में बनगांव सीट पर 82.64% लोगों ने वोटिंग की थी।
मनसुख मांडविया: महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर में भाजपा के उम्मीदवार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया हैं। मांडविया अभी तक गुजरात से राज्यसभा के सांसद थे। इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के ललितभाई वसोया से है। भाजपा के रमेशभाई लवजीभाई धाडुक 2019 में यहां से जीते थे। पिछले चुनाव में पोरबंदर सीट पर 58.9% मतदान हुआ था।
गिरिराज सिंह: बिहार की बेगूसराय सीट से गिरिराज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। ग्रामीण विकास और पंचायती राज्य मंत्री गिरिराज के सामने इस बार भाकपा के अवधेश कुमार राय हैं। 2019 में बेगूसराय सीट पर भाजपा के गिरिराज सिंह ने भाकपा के कन्हैया कुमार को हराया था। उस चुनाव में यहां 64.1% मतदान हुआ था।
अजय मिश्र टेनी: उत्तर प्रदेश की खीरी सीट भी चर्चा में बनी हुई है। यहां केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी भाजपा के टिकट पर फिर मैदान में हैं। तिकुनिया कांड में किसानों की मौत मामले में उनके बेटे आशीष मिश्र का नाम आया था। इस चुनाव में सपा ने पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा और बसपा ने पंजाबी समाज के अक्षय कालरा को उतारा है। पिछले चुनाव में खीरी सीट पर भाजपा के अजय मिश्र को जीत मिली थी। उस चुनाव में यहां 66.2% मतदान हुआ था।
नित्यानंद राय: मसालों के उत्पादन के लिए मशहूर बिहार के उजियारपुर से नित्यानंद राय चुनाव मैदान में हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे नित्यानंद मोदी सरकार में गृह राज्यमंत्री हैं। उनके सामने राजद नेता और पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता हैं। 2019 में उजियारपुर सीट पर भाजपा के टिकट पर नित्यानंद राय को जीत मिली थी। उस चुनाव में यहां 61.9% वोटिंग हुई थी।
धर्मेंद्र प्रधान: ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट में भी हाई-प्रोफाइल मुकाबले की उम्मीद है। यहां सत्तारूढ़ बीजू जनता दल ने पार्टी महासचिव (संगठन) प्रणब प्रकाश दास को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ मैदान में उतारा है। तीन बार के विधायक प्रणब दास नवीन पटनायक के बाद पार्टी में नंबर दो माने जाते हैं। उनका मुकाबला धर्मेंद्र प्रधान से है जो 15 साल के अंतराल के बाद संबलपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में लौट आए हैं। इससे पहले धर्मेंद्र मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। वहीं कांग्रेस ने नागेंद्र कुमार प्रधान को चेहरा बनाया है। 2019 में संबलपुर सीट पर भाजपा के नितेश गंगा देब को जीत मिली थी। गत चुनाव में यहां 76.72% लोगों ने मतदान किया था।
श्रीपद येस्सो नाइक: तीसरे चरण में जिन केंद्रीय मंत्रियों का चुनावी भविष्य दांव पर है, उनमें केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग और पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नाइक भी शामिल हैं। नाइक भाजपा के टिकट पर उत्तर गोवा से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने कांग्रेस ने रमाकांत खलप को उतारा है। पूर्व लोकसभा सदस्य खलप गोवा के उप-मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर गोवा सीट से श्रीपद येस्सो नाइक को जीत मिली थी। उस चुनाव में यहां 79.9% मतदान दर्ज किया गया था।
किरेन रिजिजू: मोदी सरकार के एक और मंत्री किरेन रिजिजू एक बार फिर से अरुणाचल पश्चिम सीट से चुनाव मैदान में हैं। रिजिजू 2019 में भी यहां से जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी है। 2019 में अरुणाचल पश्चिम सीट पर 78.50% मतदान हुआ था।
संजीव बालियान: केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान यूपी की मुजफ्फरनगर सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर बालियान सांसद निर्वाचित हुए थे। इस बार उनके सामने सपा से हरेंद्र मलिक और बसपा से दारा सिंह प्रजापति हैं। पिछले चुनाव में मुजफ्फरनगर सीट पर 70.7% वोटिंग दर्ज की गई थी।
फग्गन सिंह कुलस्ते: केंद्रीय मंत्री कुलस्ते मध्य प्रदेश की मंडला सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। 2019 साल यहां से फग्गन सिंह कुलस्ते जीते थे। इस बार उनके सामने ओंकार सिंह मरकाम कांग्रेस का चेहरा हैं। 2019 में इस सीट पर 81.5% लोगों ने मतदान किया था।
निसिथ प्रमाणिक: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री पश्चिम बंगाल की कूचबिहार सीट से भाजपा उम्मीदवार हैं। 2019 में यहां भाजपा से निसिथ प्रमाणिक को जीत मिली थी। इस बार उनके सामने टीएमसी से जगदीश चंद्र बसुरिया और कांग्रेस से पिया रॉय चौधरी हैं। 2019 में कूचबिहार सीट पर 91.2% लोगों ने वोटिंग की थी।
गजेंद्र सिंह शेखावत: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपनी परंपरागत जोधपुर सीट से एक बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। शेखावत यहां से लगातार दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं। 2019 में उन्होंने इस सीट पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे और कांग्रेस उम्मीदवार वैभव गहलोत को हराया था। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के करण सिंह से है। 2019 में लोकसभा सीट पर 68.89% मतदान हुआ था।
कैलाश चौधरी: मोदी सरकार के एक और मंत्री कैलाश चौधरी एक बार फिर बाड़मेर सीट से चुनाव मैदान में हैं। कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी 2019 में यहां से जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मेदाराम बेनीवाल और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे शियो विधानसभा सीट से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी से है। 2019 में बाड़मेर सीट पर 73.30% मतदान हुआ था। 2019 में बाड़मेर सीट पर कैलाश चौधरी ने पूर्व वित्त मंत्री जसवंत सिंह के बेटे और कांग्रेस उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह को हराया था।
वीरेंद्र खटीक: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र खटीक मध्य प्रदेश की टीकमगढ़ सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। 2019 में यहां से भाजपा के वीरेंद्र खटीक जीते थे। 2024 चुनाव में उनका मुकाबला पंकज अहिरवार से है जो कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में टीकमगढ़ सीट पर 66.62% लोगों ने वोट डाला था।
राजीव चंद्रशेखर: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर केरल की तिरुवनंतपुरम सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। राजीव कर्नाटक से राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं। 2019 में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के शशि थरूर जीते थे। उनके सामने इस बार कांग्रेस से शशि थरूर और भाकपा से पन्नियन रवींद्रन हैं। पिछले चुनाव में तिरुवनंतपुरम सीट पर 73.74% लोगों ने वोटिंग की थी।
शोभा करंदलाजे: केंद्र सरकार में कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे कर्नाटक की बंगलूरू उत्तर सीट से अपना भाग्य आजमा रही हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में शोभा भाजपा के टिकट पर उडुपी चिकमंगलूर सीट से जीती थीं। वहीं बंगलूरू उत्तर सीट से भाजपा के डीवी सदानंद गौड़ा जीतकर सांसद बने थे। 2024 के चुनाव में शोभा करंदलाजे का मुकाबला कांग्रेस के प्रो. एमवी राजीव गौड़ा से है। 2019 में बंगलूरू उत्तर सीट पर 54.76% लोगों ने अपने मताधिकार इस्तेमाल किया था।
वी. मुरलीधरन: विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन की आटिंगल सीट से भाजपा उम्मीदवार हैं। मुरलीधरन महाराष्ट्र से राज्यसभा के सांसद रहे हैं। 2019 में आटिंगल से कांग्रेस के अदूर प्रकाश को सफलता मिली थी। इस बार मुरलीधरन के सामने कांग्रेस से अदूर प्रकाश और माकपा से वी. जॉय हैं। 2019 में आटिंगल सीट पर 74.48% लोगों ने वोटिंग की थी।
अर्जुन मुंडा: झारखंड की खूंटी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भाजपा के उम्मीदवार हैं। मुंडा वर्तमान में जनजातीय मामलों और कृषि और किसान कल्याण मंत्री हैं। इस चुनाव में उनके सामने कांग्रेस से कालीचरण मुंडा हैं। 2019 में खूंटी सीट पर भाजपा के अर्जुन मुंडा ने जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में यहां 73.2% मतदान हुआ था।
जी. किशन रेड्डी: तेलंगाना की चर्चित सीट सिकंदराबाद से जी. किशन रेड्डी चुनाव लड़ रहे हैं। रेड्डी केंद्र सरकार में संस्कृति, पर्यटन और विकास मंत्री के साथ-साथ तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। इस चुनाव में जी. किशन रेड्डी के सामने कांग्रेस से दानम नागेंद्र और बीआरएस से टी. पद्म राव हैं। 2019 में सिकंदराबाद सीट पर भाजपा के जी. किशन रेड्डी को जीत मिली थी। उस चुनाव में यहां 48.9% मतदान हुआ था।
रावसाहेब दादाराव दानवे: चौथे चरण में जो मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं उनमें रावसाहेब दादाराव दानवे भी शामिल हैं। केंद्रीय रेलवे, कोयला और खान राज्य मंत्री दानवे महाराष्ट्र की जालना सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। उनके सामने कल्याण काले कांग्रेस का चेहरा हैं। 2019 में जालना सीट पर भाजपा के रावसाहेब दादाराव दानवे ने जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में यहां 69.3% मतदान हुआ था।
राव इंद्रजीत बनाम राज बब्बर: छठे चरण में कई केंद्रीय मंत्री भी चुनाव लड़ रहे हैं। हरियाणा की गुड़गांव लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भाजपा के प्रत्याशी हैं। वह मौजूदा केंद्र सरकार में कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। इंद्रजीत के सामने कांग्रेस ने अभिनेता और पूर्व सांसद राज बब्बर को उतारा है। राज बब्बर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा जजपा ने राहुल यादव फाजिलपुरीया और इनेलो ने सौराब खान को उम्मीदवार बनाया है। 2019 में गुड़गांव सीट पर भाजपा के राव इंद्रजीत को जीत मिली थी। गत चुनाव में यहां 67.33% लोगों ने मतदान किया था।
कृष्णपाल गुर्जर: हरियाणा की फरीदाबाद सीट से केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर चुनाव लड़ रहे हैं। गुर्जर मोदी सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री का पद संभाल रहे हैं। इस बार भी भाजपा ने उन पर फिर भरोसा जताया है। वहीं, कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में महेंद्र प्रताप मैदान में हैं। जननायक जनता पार्टी ने नलिन हुड्डा और इंडियन नेशनल लोकदल ने सुनील तेवतिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। 2019 में फरीदाबाद से भारतीय जनता पार्टी के कृष्णपाल गुर्जर ने जीत दर्ज की थी। बीते चुनाव में यहां 64.1% मतदान दर्ज किया गया था।
सुभाष सरकार: पश्चिम बंगाल की बांकुरा सीट का मुकाबला भी चर्चा में है। यहां भाजपा ने डॉक्टर और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार को फिर से उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर टीएमसी ने अपने बांकुरा जिला अध्यक्ष और वकील अरूप चक्रवर्ती को मैदान में उतारा है। माकपा ने वकील नीलांजन दासगुप्ता को टिकट दिया है। गत चुनाव में बांकुरा सीट पर भाजपा के सुभाष सरकार जीतकर संसद पहुंचे थे। 2019 में यहां 83.25% लोगों ने मतदान किया था।
आरके सिंह: इस लोकसभा चुनाव में कई ऐसी भी सीटें हैं जहां से पूर्व नौकरशाह चुनाव लड़ रहे हैं। 40 सीटों वाले बिहार में आरा भी एक ऐसी ही सीट है। पूर्व आईएएस अफसर आरके सिंह लगातार तीसरी बार आरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वर्तमान में आरके सिंह केंद्र की मोदी सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं। इस चुनाव में आरके सिंह के सामने भाकपा माले से सुदामा प्रसाद हैं। भाकपा माले राज्य में महागठबंधन में शामिल है। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आरा लोकसभा सीट पर भाजपा के आरके सिंह को जीत मिली थी। बीते चुनाव में यहां 51.81% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
अनुप्रिया पटेल: उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट भी चुनाव के अंतिम क्षणों में खूब सुर्खियों में रही। यहां से अपना दल की अनुप्रिया पटेल एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। वह अभी केंद्र सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के पद पर हैं। अनुप्रिया के सामने सपा ने डॉ. रमेश चंद बिंद को चेहरा बनाया है। बिंद पिछली बार भदोही सीट से भाजपा के सांसद बने थे लेकिन इस बार टिकट कटने पर उन्होंने पाला बदल लिया। रमेश चंद बिंद चुनाव से कुछ दिन पहले भाजपा से सपा में आए और उन्हें टिकट भी मिल गया। इसके अलावा अनुप्रिया पटेल के सामने बसपा ने मनीष कुमार को उम्मीदवार बनाया है। यहां के मुकाबले में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के बीच जुबानी जंग भी दिखी। इसी बीच, मिर्जापुर में राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को अपना समर्थन दे दिया। 2019 में मिर्जापुर में अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने जीत अर्जित की थी। बीते चुनाव में यहां 60.11% वोटिंग दर्ज की गई थी।
डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय: इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की चंदौली सीट भी काफी चर्चा में है। भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय को यहां से प्रत्याशी बनाया है। वह वर्तमान में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री हैं। सपा से वीरेंद्र सिंह चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा बसपा ने सत्येन्द्र कुमार मौर्य पर भरोसा जताया है। 2019 में चंदौली सीट पर भाजपा के महेंद्रनाथ पांडेय ने जीत दर्ज की थी। गत चुनाव में यहां 61.83% वोटिंग दर्ज की गई थी।
पंकज चौधरी: सातवें चरण में जो केंद्रीय मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं उनमें पंकज चौधरी भी हैं। पंकज उत्तर प्रदेश की महराजगंज सीट से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार हैं। चौधरी मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कांग्रेस ने यहां से वीरेंद्र चौधरी और बसपा ने मोहम्मद मौसमे आलम को अपना प्रत्याशी बनाया है। 2019 में महराजगंज सीट पर भाजपा के पंकज चौधरी को सफलता मिली थी। बीते चुनाव में यहां 64.07% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
पंकज चौधरी: सातवें चरण में जो केंद्रीय मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं उनमें पंकज चौधरी भी हैं। पंकज उत्तर प्रदेश की महराजगंज सीट से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार हैं। चौधरी मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कांग्रेस ने यहां से वीरेंद्र चौधरी और बसपा ने मोहम्मद मौसमे आलम को अपना प्रत्याशी बनाया है। 2019 में महराजगंज सीट पर भाजपा के पंकज चौधरी को सफलता मिली थी। बीते चुनाव में यहां 64.07% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।