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Election: क्यों मौसम छुड़ा रहा चुनाव आयोग के पसीने? बूथ पर वोटरों को मिलेंगी बाल्टी से मटके तक ये सुविधाएं
Wed, 03 Apr 2024 03:59 PM IST
नितिन गौतम
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 03 Apr 2024 03:59 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने 10 लाख मतदान केंद्रों पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों को दिए है। हर पोलिंग बूथ पर ओआरएस उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है।
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ECI
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
देश में सात चरणों में लोकसभा चुनावों की तैयारी चल रही है, लेकिन मौसम विभाग की मानें तो चुनावी महीनों में देश के अधिकांश राज्यों में मतदान के दौरान भीषण गर्मी पड़ सकती है। आने वाले 25 से 30 दिन में तेज गर्मी का अनुमान है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वोटिंग की तारीख तक यदि मौसम का पारा ज्यादा रहता है तो आयोग और राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ा टास्क वोटर को घर से निकालकर मतदान केंद्र तक ले जाना होगा। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी को देखते हुए चुनाव आयोग ने देश भर के सभी मतदान केंद्रों में तेज गर्मी से बचाव के समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
हर केंद्र पर मतदाताओं को मिलेगा पानी-ओआरएस
चुनाव आयोग ने 10 लाख मतदान केंद्रों पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों को दिए है। हर पोलिंग बूथ पर ओआरएस उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है। इसके अलावा पर्यावरण अनुकूल डिस्पोजेबल गिलास में पानी भी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को तेज धूप से बचाने के लिए टेंट और सननेट लगाए जाने के भी निर्देश चुनाव आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग को दिए है। आयोग ने यह भी कहा कि, गर्मी के दिनों में पोलिंग बूथों पर ऐसी व्यवस्था की जाए कि मतदान में मतदाताओं को कम समय लगे।
बढ़ाई जाएगी बूथों की संख्या
आयोग ने मतदान का समय कम करने के लिए इस बार बूथों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्यों के निर्वाचन आयोग से कहा है। गर्मी को देखते हुए हर बूथों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जिससे काम शीघ्रता से हो सके। जिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या अधिक है,वहां कतार कम करने में कर्मचारी मदद करेंगे।
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गर्मी को देखते हुए महिला, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिलेगी प्राथमिकता
कुछ जगहों पर आयोग की ओर से मतदाताओं को घरों से मतदान केंद्र तक लाने और ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था भी की जाएगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए बुजुर्गों, महिलाओं जिनके साथ छोटे बच्चे हों तथा दिव्यांगजनों (निःशक्त व्यक्तियों) को मतदान के लिए प्राथमिकता दी जाए।
आयोग ने मतदान केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों से हल्के सूती वस्त्रों का प्रयोग करने के लिए कहा है। तेज धूप से बचाव के लिए टोपी, छाता और सिर को ढकने के लिए सफेद सूती गमछा या अन्य कोई कपड़ा रखने के लिए भी कहा है। प्रत्येक मतदान दल को प्राथमिक उपचार किट प्रदान की जाएगी। मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में कुर्सी, दरी आदि की भी व्यवस्था की जाएगी। जिससे मतदाता अपनी बारी आने तक छाया में इंतजार कर सके।
पैरा मेडिकल स्टाफ भी लगातार करेगा भ्रमण
हीट स्ट्रोक के संबंध में क्या करें, क्या न करें, इसके दिशा-निर्देश तैयार करा कर सभी मतदान कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। पैरा मेडिकल स्टाफ सेक्टर दंडाधिकारी के साथ भ्रमण करते रहेंगे। इस दौरान वे बूथों पर मतदाताओं के स्वास्थ्य का जायजा भी लेते रहेंगे। कुछ राज्यों के आदर्श बूथों पर मतदाताओं का छाछ से स्वागत किया जाएगा। केंद्रों पर गर्मी की वजह से पीने के पानी जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अलग से कर्मचारी की ड्यूटी रहेगी, जो पानी की व्यवस्था रखेगा। शहरी क्षेत्र में पानी की व्यवस्था नगर निगम करेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत को पानी की व्यवस्था करनी होगी। इसलिए हर पोलिंग बूथ पर एक बाल्टी, एक मग्गा और मटका भी होगा।
हर बूथ पर दो महिला के बाद एक पुरुष करेगा मतदान
आयोग ने कहा है कि जो मतदाता दोपहर 12 से तीन बजे के बीच वोटिंग के लिए आ रहे है। वे घर से गीला तौलिया और घर से पूरी तरह पानी पीकर निकलें। इसके अलावा छाता लेकर निकलें। महिलाओं को छोटे बच्चे को साथ में लेकर नहीं जाने की सलाह दी गई है। मतदाता अगर कड़ी धूप में आते हैं तो पहले थोड़ी देर छांव में बैठें, इसके बाद मतदान करने जाएं।
आयोग ने साफ कहा है कि, देश के तमाम बूथ स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाएंगे। कोई भी पोलिंग बूथ ग्राउंड फ्लोर से उपर वाली किसी मंजिल पर नहीं बनाया जाएगा। सभी पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की तीन लाइनें बनाई जाएंगी। इनमें एक पुरुष, दूसरी महिला और तीसरी बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों के लिए होगी। जरूरत के मुताबिक हर दो महिला के बाद एक पुरुष वोटर वोट दे सकेगा। गौरतलब है कि, 2004 के बाद से लोकसभा चुनाव गर्मी में हो रहे है। 2009 के लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण का मतदान 13 मई और 2014 में 12 मई तथा 2019 में 19 मई को अंतिम चरण को हुआ था। उस दौरान भी देश में तेज गर्मी पड़ रही थी।
इस वर्ष ज्यादा चलेगी लू
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अगले तीन महीनों में लू की घटनाएं भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र का कहना है कि सामान्य तौर पर 4 से 8 दिनों तक लू चलती है मगर इस साल देश के अलग-अलग हिस्सों में 10 से 20 दिनों तक लू चलने की आशंका है। मध्य और पश्चिमोत्तर भारत में सामान्यतः 1 से 3 दिनों के बजाय 2 से 8 दिनों तक लू चल सकती है। इस साल लू के प्रकोप से निपटने की तैयारियों और उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा के लिए एक बैठक में महापात्र भी शामिल हुए। बैठक में उनके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
अधिकारियों ने कहा कि एनडीएमए ने चुनाव आयोग को लिखा है कि अगले तीन महीनों में भीषण गर्मी की आशंका देखते हुए राजनीतिक दलों के साथ-साथ सभी पक्षों को जनसभाओं एवं रैलियों के आयोजन के बारे में आवश्यक सलाह जारी की जाए। महापात्र ने कहा कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य अथवा सामान्य से कम रहने की संभावना है। इस दौरान मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्म हवा चलने की आशंका है। महापात्र ने कहा कि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में लू का सबसे बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
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हर केंद्र पर मतदाताओं को मिलेगा पानी-ओआरएस
चुनाव आयोग ने 10 लाख मतदान केंद्रों पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों को दिए है। हर पोलिंग बूथ पर ओआरएस उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है। इसके अलावा पर्यावरण अनुकूल डिस्पोजेबल गिलास में पानी भी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को तेज धूप से बचाने के लिए टेंट और सननेट लगाए जाने के भी निर्देश चुनाव आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग को दिए है। आयोग ने यह भी कहा कि, गर्मी के दिनों में पोलिंग बूथों पर ऐसी व्यवस्था की जाए कि मतदान में मतदाताओं को कम समय लगे।
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बढ़ाई जाएगी बूथों की संख्या
आयोग ने मतदान का समय कम करने के लिए इस बार बूथों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्यों के निर्वाचन आयोग से कहा है। गर्मी को देखते हुए हर बूथों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जिससे काम शीघ्रता से हो सके। जिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या अधिक है,वहां कतार कम करने में कर्मचारी मदद करेंगे।
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गर्मी को देखते हुए महिला, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिलेगी प्राथमिकता
कुछ जगहों पर आयोग की ओर से मतदाताओं को घरों से मतदान केंद्र तक लाने और ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था भी की जाएगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए बुजुर्गों, महिलाओं जिनके साथ छोटे बच्चे हों तथा दिव्यांगजनों (निःशक्त व्यक्तियों) को मतदान के लिए प्राथमिकता दी जाए।
आयोग ने मतदान केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों से हल्के सूती वस्त्रों का प्रयोग करने के लिए कहा है। तेज धूप से बचाव के लिए टोपी, छाता और सिर को ढकने के लिए सफेद सूती गमछा या अन्य कोई कपड़ा रखने के लिए भी कहा है। प्रत्येक मतदान दल को प्राथमिक उपचार किट प्रदान की जाएगी। मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में कुर्सी, दरी आदि की भी व्यवस्था की जाएगी। जिससे मतदाता अपनी बारी आने तक छाया में इंतजार कर सके।
पैरा मेडिकल स्टाफ भी लगातार करेगा भ्रमण
हीट स्ट्रोक के संबंध में क्या करें, क्या न करें, इसके दिशा-निर्देश तैयार करा कर सभी मतदान कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। पैरा मेडिकल स्टाफ सेक्टर दंडाधिकारी के साथ भ्रमण करते रहेंगे। इस दौरान वे बूथों पर मतदाताओं के स्वास्थ्य का जायजा भी लेते रहेंगे। कुछ राज्यों के आदर्श बूथों पर मतदाताओं का छाछ से स्वागत किया जाएगा। केंद्रों पर गर्मी की वजह से पीने के पानी जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अलग से कर्मचारी की ड्यूटी रहेगी, जो पानी की व्यवस्था रखेगा। शहरी क्षेत्र में पानी की व्यवस्था नगर निगम करेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत को पानी की व्यवस्था करनी होगी। इसलिए हर पोलिंग बूथ पर एक बाल्टी, एक मग्गा और मटका भी होगा।
हर बूथ पर दो महिला के बाद एक पुरुष करेगा मतदान
आयोग ने कहा है कि जो मतदाता दोपहर 12 से तीन बजे के बीच वोटिंग के लिए आ रहे है। वे घर से गीला तौलिया और घर से पूरी तरह पानी पीकर निकलें। इसके अलावा छाता लेकर निकलें। महिलाओं को छोटे बच्चे को साथ में लेकर नहीं जाने की सलाह दी गई है। मतदाता अगर कड़ी धूप में आते हैं तो पहले थोड़ी देर छांव में बैठें, इसके बाद मतदान करने जाएं।
आयोग ने साफ कहा है कि, देश के तमाम बूथ स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाएंगे। कोई भी पोलिंग बूथ ग्राउंड फ्लोर से उपर वाली किसी मंजिल पर नहीं बनाया जाएगा। सभी पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की तीन लाइनें बनाई जाएंगी। इनमें एक पुरुष, दूसरी महिला और तीसरी बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों के लिए होगी। जरूरत के मुताबिक हर दो महिला के बाद एक पुरुष वोटर वोट दे सकेगा। गौरतलब है कि, 2004 के बाद से लोकसभा चुनाव गर्मी में हो रहे है। 2009 के लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण का मतदान 13 मई और 2014 में 12 मई तथा 2019 में 19 मई को अंतिम चरण को हुआ था। उस दौरान भी देश में तेज गर्मी पड़ रही थी।
इस वर्ष ज्यादा चलेगी लू
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अगले तीन महीनों में लू की घटनाएं भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र का कहना है कि सामान्य तौर पर 4 से 8 दिनों तक लू चलती है मगर इस साल देश के अलग-अलग हिस्सों में 10 से 20 दिनों तक लू चलने की आशंका है। मध्य और पश्चिमोत्तर भारत में सामान्यतः 1 से 3 दिनों के बजाय 2 से 8 दिनों तक लू चल सकती है। इस साल लू के प्रकोप से निपटने की तैयारियों और उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा के लिए एक बैठक में महापात्र भी शामिल हुए। बैठक में उनके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
अधिकारियों ने कहा कि एनडीएमए ने चुनाव आयोग को लिखा है कि अगले तीन महीनों में भीषण गर्मी की आशंका देखते हुए राजनीतिक दलों के साथ-साथ सभी पक्षों को जनसभाओं एवं रैलियों के आयोजन के बारे में आवश्यक सलाह जारी की जाए। महापात्र ने कहा कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य अथवा सामान्य से कम रहने की संभावना है। इस दौरान मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्म हवा चलने की आशंका है। महापात्र ने कहा कि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में लू का सबसे बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।