Political Map: आज के चुनाव नतीजों से देश के सियासी नक्शे पर होगा कितना असर? मोदी राज में ऐसे बदली तस्वीर
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Political Map: 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के वक्त कितने राज्यों में भाजपा और कितने राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी? कितने राज्यों में अन्य दल सत्ता में थे? बीते 10 साल में इसमें कितना बदलाव आया है? आइये समझते हैं...
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विस्तार
जम्मू कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित हो रहे हैं। सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई है। कहां किस पार्टी को बहुमत मिलेगा। किसे जनता का जनादेश मिलेगा यह सब आज तय होगा। हरियाणा में बीते 10 साल से भाजपा सत्ता में है। वहीं, जम्मू कश्मीर में 10 साल बाद चुनाव हो रहे हैं। इन 10 वर्षों में देश की सियासत में बहुत कुछ बदला है। ये बदलाव देश के सियासी नक्शे पर भी झलका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की सत्ता में आने बाद देश का सियासी नक्शा कैसे बदला है? मोदी सरकार बनने के वक्त कितने राज्यों में भाजपा और कितने राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी? कितने राज्यों में अन्य दल सत्ता में थे? कब देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले हिस्सों में भाजपा और उसके सहयोगी सरकारों का शासन आया? इस वक्त देश का सियासी नक्शा कैसा है? आइये जानते हैं...
चुनावी राज्यों में देश की कितनी आबादी?
हरियाणा में देश की 2.00% आबादी रहती है। देश के 1.3 फीसदी भू-भाग वाले हरियाणा में बीते 10 साल से यहां भाजपा की सरकार है। वहीं, जम्मू कश्मीर में देश की करीब एक फीसदी आबादी निवास करती है। यहां 10 साल बाद चुनाव हो रहे हैं।
जब मोदी सत्ता में आए तब सात राज्यों में थीं भाजपा सरकारें
मई 2014 में नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके सत्ता में आने के समय देश के सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दल सरकार चला रहे थे। इनमें पांच राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री थे, जबकि आंध्र प्रदेश और पंजाब में उसकी सहयोगी पार्टी सत्ता में थी। इन दो राज्यों में देश की छह फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। बाकी पांच राज्यों छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा के मुख्यमंत्री थे। इन राज्यों में देश की 19 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है।
यानी, जब नरेंद्र मोदी देश की सत्ता में आए उस वक्त करीब 26 फीसदी आबादी पर भाजपा और उसकी सहयोगी सरकारें चल रही थीं। उस वक्त देश के 14 राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों की सरकार थी। कांग्रेस शासित इन राज्यों में देश की 37 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे बड़े राज्य शामिल थे।
2018 में पीक पर पहुंची भाजपा
2014 में सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। चार साल बाद मार्च 2018 में 21 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ये वो दौर था, जब भाजपा शासन आबादी के लिहाज से पीक पर था। वहीं, चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। इन राज्यों की सात फीसदी आबादी रहती है।
इस तरह साल लोकसभा चुनावों के साथ देश के चार राज्यों- अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में विधानसभा के चुनाव हुए। जहां अरुणाचल प्रदेश में भाजपा की सत्ता बरकरार रही तो वहीं सिक्किम में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने खुद की सरकार बनाई।
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत के साथ एनडीए सरकार सत्ता पर काबिज हुई। वहीं ओडिशा में पहली बार भाजपा ने सरकार बनाई। इससे पहले दोनों राज्यों में गैर भाजपाई और गैर कांग्रेस सरकार थी।
इस साल और कहां होंगे चुनाव?
हरियाणा और जम्मू कश्मीर के बाद अब इस साल दो और राज्यों के विधानसभा चुनाव होंगे। इनमें महाराष्ट्र और झारखंड शामिल हैं। अभी महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की सरकार है। वहीं झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला महागठबंधन सत्ता में है।
अब तक 11 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। वहीं, सात राज्यों की सरकार में भाजपा हिस्सेदार है। तीन राज्यों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं, जबकि दो राज्यों में यह गठबंधन सरकारों का हिस्सा है। सात राज्य ऐसे हैं जहां अन्य दलों की सरकारें हैं। इनमें दो राज्यों पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। वहीं पश्चिम बंगाल में टीएमसी और केरल में लेफ्ट गठबंधन की सरकार है।