LS Polls: चुनाव में हर कोई आजमा रहा किस्मत, इनमें ईडी-सीबीआई से लेकर सीआईडी-पुलिस में काम कर चुके अफसर भी
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विस्तार
देश में इस समय लोकसभा के चुनाव का माहौल है। ये चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं, जो 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून को खत्म होंगे। लोकसभा के पहले चरण का मतदान हो चुका है, जबकि 26 अप्रैल को दूसरे दौर का मतदान है। इस बीच कई सीटों पर मुकाबले तय हो गए हैं। इस चुनाव में कई ऐसी भी सीटें हैं जहां से पूर्व नौकरशाह चुनाव लड़ रहे हैं।
आइये जानते हैं कि किन सीटों पर पूर्व अफसर चुनाव मैदान में हैं? ये किन पार्टियों से चुनाव लड़ रहे हैं? 2019 में इन सीटों पर नतीजे कैसे थे?
उत्तर प्रदेश
80 सीटों वाले राज्य यूपी में भी कई पूर्व नौकरशाह लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चर्चित उम्मीदवारों की बात करें तो सेवानिवृत्त भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी सुरेश सिंह मथुरा से चुनाव लड़ रहे हैं। बसपा से चुनाव लड़ रहे सुरेश सिंह प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और भारतीय राजस्व सेवा में काम किया है। इस सीट पर अभी भाजपा से फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी सांसद हैं और एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस ने मुकेश धनगर को अपना चेहरा बनाया है।
कौशांबी सीट पर बसपा ने पूर्व पुलिस उपाधीक्षक शुभ नारायण गौतम को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह 1982 में सब इंस्पेक्टर के रूप में पुलिस में भर्ती हुए थे। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जनपदों में सर्किल अफसर के रूप में काम किया। 2019 में सेवानिवृत होने के बाद वह बसपा में शामिल हो गए। इस चुनाव में शुभ नारायण गौतम का मुकाबला भाजपा के विनोद सोनकर और सपा के पुष्पेंद्र सरोज से है। 2019 में कौशांबी सीट पर भाजपा से विनोद सोनकर को जीत मिली थी।
बिहार
40 सीटों वाले प्रदेश में आरा एक चर्चित सीट है। पूर्व आईएएस अफसर आरके सिंह लगातार तीसरी बार आरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। आरके सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। वह 1975 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए थे। अपने करियर के दौरान आरके सिंह ने बिहार के गृह सचिव, राज्य के लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, भारत सरकार के रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव और भारत के गृह सचिव के रूप में सेवाएं दीं।
इस चुनाव में आरके सिंह के सामने भाकपा माले से सुदामा प्रसाद हैं। भाकपा माले राज्य में महागठबंधन में शामिल है। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आरा लोकसभा सीट पर भाजपा के आरके सिंह को जीत मिली थी। चुनाव जीतने के बाद आरके सिंह केंद्र की मोदी सरकर का हिस्सा भी बने।
पंजाब
राज्य की अमृतसर सीट पर भाजपा ने पूर्व राजनयिक तरणजीत सिंह संधू को अपना उम्मीदवार बनाया है। हाल ही में राजनीति में आए संधू अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। पूर्व आईएफएस अधिकारी के सामने आम आदमी पार्टी से मंत्री कुलदीप धालीवाल और कांग्रेस से गुरजीत सिंह औलजा हैं। इस सीट पर अभी कांग्रेस के गुरजीत सिंह औलजा सांसद हैं।
बठिंडा लोकसभा क्षेत्र से आईएएस अधिकारी परमपाल कौर सिद्धू चुनाव लड़ रही हैं। वह भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। हाल ही में भाजपा में शामिल हुईं परमपाल ने वालंटियर रिटायरमेंट की प्रक्रिया को अपना कर चुनावी किस्मत आजमा रही हैं।
इस चुनाव में परमपाल कौर सिद्धू के सामने आप से मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां, कांग्रेस से जीत महिंदर सिद्धू और शिरोमणि अकाली दल से हरसिमरत कौर बादल हैं। फिलहाल इस सीट पर शिअद की हरसिमरत कौर सांसद हैं।
तमिलनाडु
राज्य में पहले चरण में सभी 39 सीटों पर मतदान हो चुका है। इस चुनाव में तमिलनाडु की एक कोयंबटूर सीट की खूब चर्चा हुई। दरअसल, यहां से भाजपा ने पूर्व आईपीएस के. अन्नामलाई को टिकट दिया था। वर्तमान में वह तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष हैं। अन्नामलाई 2011 बैच के कर्नाटक में एक आईपीएस अधिकारी रहे हैं। बतौर आईपीएस अफसर उन्होंने उडुपी, चिकमंगलूर और बेंगलुरु में सेवाएं दीं। अन्नामलाई के काम के चलते लोग उन्हें 'कर्नाटक पुलिस का सिंघम' कहते थे।
राज्य की एक अन्य सीट तिरुवल्लुर पर पूर्व आईएएस अधिकारी शशिकांत सेंथिल की चुनावी किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। सेंथिल कांग्रेस से उम्मीदवार बनाए गए थे। राजनीति में आने के लिए उन्होंने 2019 में सिविल सेवा छोड़ दी थी। इस चुनाव में उनके सामने डीएमडीके से के. नल्ला थम्बी और भाजपा से पोन. वी. बालागणपति थे।
पश्चिम बंगाल
42 लोकसभा सांसद भेजने वाले बंगाल में भी पूर्व अफसर सियासी भाग्य आजमा रहे हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी देबाशीष धर बीरभूम सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी ने पिछले महीने सेवा से इस्तीफा दे दिया। धर ने सीबीआई में भी काम किया है। इस चुनाव में देबाशीष धर के सामने टीएमसी से सताब्दी रॉय और कांग्रेस से मिल्टन रशीद हैं। 2019 में बीरभूम सीट पर टीएमसी से सताब्दी रॉय को जीत मिली थी।
राज्य की एक अन्य सीट मालदा उत्तर पर पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रसून बनर्जी चुनाव मैदान में हैं। प्रसून को टीएमसी ने उम्मीदवार बनाया है। हाल ही में उन्होंने अपनी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी थी। 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रसून ने दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में पुलिस अधीक्षक (एसपी), और बालुरघाट और मालदा में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) में भी काम कर चुके हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में प्रसून बनर्जी के सामने भाजपा से खगेन मुर्मू और कांग्रेस से मुस्ताक आलम हैं। इसके अलावा भी देश के अलग अलग राज्यों में पूर्व अफसर बतौर निर्दलीय या क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवार के रूप में चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं।