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Hindi News ›   Election ›   Exclusive Interview with Rajnath singh, says Nitish Kumar will be elected the leader after the elections

Exclusive: सियासत में सेना को तो छोड़ दीजिए, वोट चोरी के तथ्य हैं तो आयोग को दें: राजनाथ सिंह

Sat, 08 Nov 2025 04:44 PM IST
Rajkishor राजकिशोर
Updated Sat, 08 Nov 2025 04:44 PM IST
सार

Interview With Rajnath Singh on Bihar Elections: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बिहार में एनडीए के चुनाव जीतने पर नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही सरकार बनने की बात दोहराई है। साथ ही, उन्होंने वोट चोरी के राहुल गांधी के आरोपों पर भी जवाब दिया है। 

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Exclusive Interview with Rajnath singh, says Nitish Kumar will be elected the leader after the elections
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिग्गज राजनेता और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दावा है कि बिहार में नीतीश कुमार की अगुआई वाली एनडीए सरकार के लिए प्रो-इन्कम्बेंसी (सत्ता समर्थक लहर) है। वह विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बेहद हमलावार हैं। सेना पर राहुल की टिप्पणी को बेतुका बताते हुए राजनाथ ने कहा कि डायन भी एक घर छोड़ देती है, राहुल गांधी...आप भी सेना को तो छोड़ दीजिए। राजनाथ ने बिहार चुनाव, जाति-धर्म के ध्रुवीकरण से लेकर सेना पर हो रही सियासत जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अमर उजाला से विशेष बातचीत में खुलकर राय रखी। विशेष विमान पर राजकिशोर से बातचीत के प्रमुख अंश...

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सवाल: बिहार में 20 साल से एनडीए सरकार है। क्या इतने लंबे समय बाद एंटी-इन्कम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) का सामना करना पड़ सकता है?
राजनाथ सिंह: मैं मानता हूं कि 20 साल में एंटी-इन्कम्बेंसी नहीं, बल्कि प्रो-इन्कम्बेंसी रही है। जनता जब राजद-कांग्रेस की पुरानी सरकारों और नीतीश जी की वर्तमान गुड गवर्नेंस की तुलना करती है, तो इस नतीजे पर पहुंचती है कि अच्छी सरकार यदि कोई दे सकता है, तो वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ही है। हमें पूरा विश्वास है कि जनता का भरोसा हमें प्राप्त होगा।
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सवाल: महागठबंधन आरोप लगा रहा है कि चुनाव बाद आप नीतीश को हटाकर किसी और को मुख्यमंत्री बना देंगे। क्या एनडीए में नेतृत्व को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है?
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राजनाथ सिंह: यह पूरी तरह से स्पष्ट है। चुनाव होने के बाद नीतीश कुमार ही हमारे विधायक दल के नेता चुने जाएंगे। इसमें कहीं कोई दुविधा नहीं है।

सवाल: बिहार के सीमांचल जैसे इलाकों में चुनाव फिर से ध्रुवीकृत होता दिखाई दे रहा है। क्या यह जानबूझकर रणनीति के तहत हो रहा है?
राजनाथ सिंह: कांग्रेस और राजद की लगातार यही कोशिश रही है कि ध्रुवीकरण कराकर विजय हासिल की जाए। वे जाति और पंथ की बात करते हैं। लेकिन, मेरी पार्टी और हमारे गठबंधन का स्पष्ट मानना है कि राजनीति जाति, पंथ और मजहब के आधार पर नहीं, बल्कि इंसाफ और इंसानियत के आधार पर होनी चाहिए।

सवाल: तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने बयान दिया है कि कांग्रेस इज  मुस्लिम, मुस्लिम इज कांग्रेस। इस पर क्या कहेंगे?
राजनाथ सिंह: बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इन लोगों ने भारत के समाज को जाति, पंथ और मजहब के आधार पर बांटकर ही राजनीति की है। अब वो चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय का ध्रुवीकरण हो। इस प्रकार की बातें बोलकर और इस प्रकार के नारों के आधार पर, सोच के आधार पर समाज में समरसता किसी भी सूरत में नहीं लाई जा सकती। समाज भले ही टूट जाए, बिखर जाए, इसकी उन्हें कोई चिंता नहीं है। चाहे जैसे भी हो, सत्ता हासिल हो जाए। लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि राजनीति का उद्देश्य केवल सरकार नहीं, बल्कि अच्छा समाज बनाना है।

सवाल: ध्रुवीकरण के आरोप तो भाजपा पर भी लग रहे हैं। योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर व बंटेंगे तो कटेंगे पर विपक्ष कह रहा कि जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है?
राजनाथ सिंह: योगी जी का कोई भी बयान मुस्लिम विरोधी नहीं होता। यदि कोई अत्याचार करने वाला किसी मुस्लिम धर्म का हो और उसके कारण लोग उनकी बात को उससे जोड़ दें, तो अलग बात है। उन्हें कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुस्त-दुरुस्त रखना है। उत्तर प्रदेश में कोई भी मुख्यमंत्री हो, वह इस आधार पर ही फैसले करेगा कि जो भी अपराधी हो, चाहे किसी भी कौम का हो, किसी भी जाति का हो, किसी भी धर्म का हो, उसके खिलाफ सख्त कारवाई की जानी चाहिए। यह बात सही है कि उसमें कुछ ऐसे माफिया थे, जिनके नाम की दहशत थी और उनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के थे। इसलिए कुछ लोग इसे एक समुदाय से जोड़ देते हैं। कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य का विकास करना चाहेगा, तो स्वाभाविक रूप से उसकी सोच यही होगी कि हमारे राज्य की कानून-व्यवस्था ठीक-ठाक हो, चुस्त दुरुस्त हो क्योंकि विकास की पहली शर्त यही होती है। अगर किसी ने जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर निर्माण किया है, तो उसे गिराया तो बुलडोजर से ही जाएगा।

सवाल: आप ऑपरेशन सिंदूर जैसी बातों का जिक्र अपनी रैलियों में क्यों करते हैं? विपक्ष कहता है  कि आप सेना के शौर्य पर भी राजनीति कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह: देश को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि भारत की स्थिति अब पहले वाली नहीं है। भारत बदल चुका है। भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन भारत को कोई छेड़ने की कोशिश करेगा तो भारत उसे छोड़ेगा भी नहीं। यही एक आत्मविश्वास जन सामान्य में पैदा करने का उद्देश्य होता है। इसके माध्यम से वोट हासिल करने का उद्देश्य नहीं होता। क्या किसी भी देश या उसके समाज में देश के शौर्य और पराक्रम की चर्चा नहीं की जानी चाहिए? मैं तो समझता हूं कि हमारे विरोधी पक्ष के लोगों को भी हमारी सेना के शौर्य और पराक्रम की चर्चा करनी चाहिए और उसका स्वागत करना चाहिए। वो चिढ़ क्यों रहे हैं?  

सवाल: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल  सेना में आरक्षण की बात कर रहे हैं।  इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
राजनाथ सिंह: सेना में सभी धर्मों के लोग होते हैं, और सेना की न कोई जाति होती है, न पंथ, और न कोई धर्म। उसका एक ही धर्म है-सैन्य धर्म। मैं समझता हूं कि इस प्रकार की बेतुकी बातें किसी को नहीं करनी चाहिए। मैं एक ही बात कहना चाहता हूं, डायन भी एक घर छोड़ देती है, राहुल गांधी आप भी सेना को तो छोड़ दीजिए।

सवाल: हाल ही में, आपने आतंकवाद को लेकर कहा है कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा। क्या इसका अर्थ है कि हम सीमा पार जाकर भी जवाबी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेंगे?
राजनाथ सिंह: हमारा राष्ट्रधर्म स्पष्ट है। भारत ने हमेशा शांति बनाए रखने का प्रयास किया है, लेकिन अगर कोई भारत को अस्थिर करने की कोशिश करेगा, तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़े। हम अब पहले वाले भारत नहीं हैं। आतंकवाद के खिलाफ हमारा रुख जीरो टॉलरेंस का है और हम देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

सवाल: राहुल आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव में वोट चोरी की गई है। इस पर आप क्या कहेंगे?
राजनाथ सिंह: यदि चोरी हो रही है तो कहां-कहां चोरी हुई? किस-किस वोट की चोरी हुई? इसकी शिकायत लिखित रूप से चुनाव आयोग को क्यों नहीं करते? यह केवल देश की जनता को बोल-बोलकर गुमराह करने की कोशिश है। राजनीति ऐसे नहीं होती है। आंखें चुराकर राजनीति नहीं होती। आंखों में आंख डालकर राजनीति होती है। 

सवाल: नीतीश सरकार की ओर से महिलाओं को 10 हजार रुपये देने को विपक्ष वोट खरीदने की कोशिश बता रहा है।
राजनाथ सिंह: सामाजिक सशक्तिकरण के लिए भी कुछ कदम सरकार को उठाने पड़ते हैं। लोगों की खरीद क्षमता बढ़ेगी, तभी अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा। आर्थिक गतिविधियां तेजी के साथ कैसे चलेंगी? इनके लिए कभी-कभी कुछ आवश्यक होता है। यह वोट की राजनीति को ध्यान में रखकर नहीं किया जा रहा है। चुनाव से इसका कोई लेना देना नहीं। अब कोई चुनाव से उसे जोड़ दे, तो अलग बात है।  

सवाल: रक्षा क्षेत्र में हमारी निर्भरता अभी भी विदेशों पर है। लेकिन, अब हम एक्सपोर्टर बन गए हैं। क्या भारत  जल्द ही रक्षा उपकरणों के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाएगा?

राजनाथ सिंह: भारत रक्षा के मामले में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। मैं कोई निश्चित समय तो नहीं बता सकता, लेकिन भारत तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। पहले जहां हम लोग दुनिया के बड़े हथियार आयातक थे, हम धीरे-धीरे निर्यातक देशों की गिनती में आकर खड़े हो गए हैं। 

सवाल:  क्या हम इंजन जैसे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों के मामले में भी जल्द आत्मनिर्भर बन पाएंगे?
राजनाथ सिंह: हमारी कोशिश है और काफी उस दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं। इंजन भी भारत में बनेंगे। हमारी कोशिश है कि हम जल्द ही आत्मनिर्भर बन जाएंगे।

सवाल: डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते हैं कि पाकिस्तान से समझौता उन्होंने करवाया। विपक्ष और खासतौर पर राहुल गांधी उस बारे में काफी बातें कर रहे हैं? 
राजनाथ सिंह: मैं एक ही वाक्य में कहना चाहता हूं कि हमारा ऑपरेशन जो स्थगित हुआ है, वह किसी के आग्रह पर अथवा किसी के कहने पर नहीं हुआ है। इससे ज्यादा अभी कुछ कहने की स्थिति नहीं है।

सवाल: बिहार में एनडीए से कितनी उम्मीद है? 
राजनाथ सिंह: कोई आंकड़ा तो नहीं देना चाहेंगे, लेकिन हम लोगों का लक्ष्य इतना है कि दो-तिहाई बहुमत एनडीए को प्राप्त हो और मुझे लगता है कि हम उसी तरफ बढ़ रहे हैं।

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