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Uttam Nagar Seat: पति की सीट बरकरार रखेंगी पत्नी या किसी और को चुनेगा उत्तम नगर, ऐसा है यहां का चुनावी इतिहास

Mon, 03 Feb 2025 02:19 PM IST
संध्या कुमारी इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या कुमारी Updated Mon, 03 Feb 2025 02:19 PM IST
सार

Uttam Nagar Seat: उत्तम नगर सीट से आप ने मौजूदा विधायक की पत्नी पूजा नरेश बालियान को टिकट दिया है। भाजपा ने पवन शर्मा और कांग्रेस ने मुकेश शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। आइये जानते हैं इस सीट का चुनावी इतिहास…

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Delhi Assembly Election 2025 uttam nagar Assembly Seat Profile and History News In Hindi
दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में उत्तम नगर सीट भी शामिल है। इस सीट का चुनावी इतिहास भी काफी दिलचस्प है। ये पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अतंरगत आती है। इस सीट पर इस बार कुल 316788 मतदाता वोट डालने के लिए पात्र हैं। इनमें से 166895 पुरुष और 149878 महिलाएं हैं बाकि 15 अन्य मतदाता है। 2020 में यहां से आप के नरेश बाल्यान को जीत मिली थी। 2008 में ये सीट अस्तित्व में आई थी। 

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के इतिहास में  उत्तम नगर  में कब कौन जीता? कब कितने वोट पड़े? पिछले चुनाव में कैसे नतीजे रहे थे? इस बार कैसा मुकाबला हो सकता है? आइये जानते हैं…

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दिल्ली को विधानसभा मिलने की ऐसी है कहानी
दिल्ली को विधानसभा कैसे मिली, इसकी कहानी 1952 से शुरू हुई। 1952 पार्ट-सी राज्य के रूप में दिल्ली को एक विधानसभा दी गई। 1956 में उस विधानसभा को भंग कर दिया गया। 1966 में दिल्ली को एक महानगर परिषद दी गई। 

दिल्ली राज्य विधानसभा 17 मार्च 1952 को पार्ट-सी राज्य सरकार अधिनियम, 1951 के तहत अस्तित्व में आई। 1952 की विधानसभा में 48 सदस्य थे। मुख्य आयुक्त को उनके कार्यों के निष्पादन में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद का प्रावधान था, जिसके संबंध में राज्य विधानसभा को कानून बनाने की शक्ति दी गई थी। 

राज्य पुनर्गठन आयोग (1955) की सिफारिशों के बाद दिल्ली 1 नवंबर 1956 से भाग-सी राज्य नहीं रही। दिल्ली विधानसभा और मंत्रिपरिषद को समाप्त कर दिया गया और दिल्ली राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष प्रशासन के तहत केंद्र शासित प्रदेश बन गया। दिल्ली में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था और उत्तरदायी प्रशासन की मांग उठने लगी। इसके बाद दिल्ली प्रशासन अधिनियम, 1966 के तहत महानगर परिषद बनाई गई। यह एक सदनीय लोकतांत्रिक निकाय था जिसमें 56 निर्वाचित सदस्य और 5 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य होते थे।

इसके बाद भी विधानसभा की मांग उठती रही। 24 दिसंबर 1987 को भारत सरकार ने सरकारिया समिति (जिसे बाद में बालकृष्णन समिति कहा गया) नियुक्त की। समिति ने 14 दिसंबर 1989 को अपनी रिपोर्ट पेश की और सिफारिश की कि दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बना रहना चाहिए, लेकिन आम आदमी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए अच्छी शक्तियों के साथ एक विधानसभा दी जानी चाहिए। बालाकृष्णन समिति की सिफारिश के अनुसार, संसद ने संविधान (69वां संशोधन) अधिनियम, 1991 पारित किया, जिसने संविधान में नए अनुच्छेद 239AA और 239AB डाले, जो अन्य बातों के साथ-साथ दिल्ली के लिए एक विधानसभा की व्यवस्था करते हैं। लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि के मुद्दों पर विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार नहीं था। 1992 में परिसीमन के बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा के चुनाव बाद दिल्ली को एक निर्वाचित विधानसभा और मुख्यमंत्री मिला।

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दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

2008: कांग्रेस को जीत
2008 में इस सीट को विधानसभा सीट बनाया गया था। यहां पहली बार हुए चुनावों में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस सीट पर कांग्रेस के मुकेश शर्मा ने भाजपा के पवन शर्मा को  7183 वोट से हरा दिया था। 

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2013: भाजपा के पवन ने लिया 2008 की हार का बदला
दिल्ली की राजनीति के लिए साल 2013 एक अहम कड़ी साबित हुआ। इस चुनाव में मुकाबला करने के लिए कांग्रेस, भाजपा और भ्रष्टाचार के आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी भी थी। लेकिन इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। जीत भाजपा के पवन शर्मा को मिली। पवन ने 2008 में कांग्रेस के मुकेश शर्मा से मिली हार का बदला ले लिया। उन्होंने मुकेश शर्मा को 6346 वोट से हरा दिया। आप के देश राज राघव 33,619 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। 

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दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

2015: आप के नरेश बाल्यान जीते 
2015 में फिर से दिल्ली में विधानसभा चुनाव करवाने पड़े। 2014 में मात्र 49 दिन सरकार चलाने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया था। फरवरी 2014 में जब लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो पाया तो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 2015 में फिर से चुनाव कराए गए और केजरीवाल ने 70 में से 67 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। 

इस चुनाव में उत्तम नगर सीट आप के नरेश बाल्यान ने भाजपा के पवन शर्मा को 30,419 वोट से हरा दिया था। नरेश बाल्यान को 85,881 और भाजपा के पवन शर्मा को 55,462 वोट मिले थे। 

2020: नरेश बाल्यान दूसरी बार जीते 
2020 के विधानसभा चुनाव में आदमी पार्टी ने फिर जबरदस्त जनादेश हासिल किया। आप को 70 में से कुल 62 सीटों पर जीत मिली। इस सीट पर भी दूसरी बार आप को ही जीत मिली। आप के नरेश बाल्यान ने भाजपा के कृष्ण गहलोत को 19,759 वोट से हरा दिया था। आप को 99,622 और भाजपा को 79,863 वोट मिले थे। 

अबकी बार कैसे हैं समीकरण? 
इस बार के विधानसभा चुनाव में उत्तम नगर सीट पर कुल 9उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आप ने इस सीट पर नरेश बाल्यान की पत्नी पोश बाल्यान (पूजा नरेश बाल्यान) को टिकट दिया है। भाजपा ने यहां से एक बार फिर से पवन शर्मा और कांग्रेस ने एक बार फिर मुकेश शर्मा को टिकट दिया है। ये दोनों ही इस सीट से विधायक रह चुके हैं। 

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