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Sadar Bazar Assembly seat: आप लगाएगी जीत का चौका या किसी और को चुनेगी जनता? ऐसा है सदर बाजार का चुनावी इतिहास

Tue, 28 Jan 2025 06:06 AM IST
संध्या कुमारी इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या कुमारी Updated Tue, 28 Jan 2025 06:06 AM IST
सार

Sadar Bazar seat: दिल्ली विधानसभा की सदर बाजार सीट पर 2020 में आप को जीत मिली थी। इस चुनाव में आप ने मौजूदा विधायक सोम गुप्ता को टिकट दिया है। कांग्रेस से अनिल भारद्वाज और भाजपा ने मनोज कुमार जिंदल को टिकट दिया है। 

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Delhi Assembly Election 2025 sadar bazar Assembly Seat Profile and History News In Hindi
दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। 5 फरवरी को चुनाव होने है और 8 फरवरी को नतीजे आएंगे। सभी पार्टियों में चुनाव को लेकर अब हलचल और ज्यादा तेज हो चुकी है। प्रचार जोरों पर है। इस चुनावी मौसम में हम आपको दिल्ली की अलग-अलग सीटों के बारे में बता रहे हैं। आज सदर बाजार विधानसभा सीट की बात करेंगे।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के इतिहास में सदर बाजार  में कब कौन जीता? कब कितने वोट पड़े? पिछले चुनाव में कैसे नतीजे रहे थे? इस बार कैसा मुकाबला हो सकता है? आइये जानते हैं…

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दिल्ली को विधानसभा मिलने की ऐसी है कहानी
दिल्ली को विधानसभा कैसे मिली, इसकी कहानी 1952 से शुरू हुई। 1952 पार्ट-सी राज्य के रूप में दिल्ली को एक विधानसभा दी गई। 1956 में उस विधानसभा को भंग कर दिया गया। 1966 में दिल्ली को एक महानगर परिषद दी गई। 

दिल्ली राज्य विधानसभा 17 मार्च 1952 को पार्ट-सी राज्य सरकार अधिनियम, 1951 के तहत अस्तित्व में आई। 1952 की विधानसभा में 48 सदस्य थे। मुख्य आयुक्त को उनके कार्यों के निष्पादन में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद का प्रावधान था, जिसके संबंध में राज्य विधानसभा को कानून बनाने की शक्ति दी गई थी। 

राज्य पुनर्गठन आयोग (1955) की सिफारिशों के बाद दिल्ली 1 नवंबर 1956 से भाग-सी राज्य नहीं रही। दिल्ली विधानसभा और मंत्रिपरिषद को समाप्त कर दिया गया और दिल्ली राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष प्रशासन के तहत केंद्र शासित प्रदेश बन गया। दिल्ली में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था और उत्तरदायी प्रशासन की मांग उठने लगी। इसके बाद दिल्ली प्रशासन अधिनियम, 1966 के तहत महानगर परिषद बनाई गई। यह एक सदनीय लोकतांत्रिक निकाय था जिसमें 56 निर्वाचित सदस्य और 5 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य होते थे।

इसके बाद भी विधानसभा की मांग उठती रही। 24 दिसंबर 1987 को भारत सरकार ने सरकारिया समिति (जिसे बाद में बालकृष्णन समिति कहा गया) नियुक्त की। समिति ने 14 दिसंबर 1989 को अपनी रिपोर्ट पेश की और सिफारिश की कि दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बना रहना चाहिए, लेकिन आम आदमी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए अच्छी शक्तियों के साथ एक विधानसभा दी जानी चाहिए। बालाकृष्णन समिति की सिफारिश के अनुसार, संसद ने संविधान (69वां संशोधन) अधिनियम, 1991 पारित किया, जिसने संविधान में नए अनुच्छेद 239AA और 239AB डाले, जो अन्य बातों के साथ-साथ दिल्ली के लिए एक विधानसभा की व्यवस्था करते हैं। लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि के मुद्दों पर विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार नहीं था। 1992 में परिसीमन के बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा के चुनाव बाद दिल्ली को एक निर्वाचित विधानसभा और मुख्यमंत्री मिला। 

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1993: भाजपा के हरि कृष्ण को मिली जीत
दिल्ली के विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद 1993 में विधानसभा के चुनाव हुए। 1993 में इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर थी। इस चुनाव में भाजपा के हरि कृष्ण ने कांग्रेस के हरचरण सिंह जोशी को 1339 वोट से हरा दिया था। हरि कृष्ण को 27,125 वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार हरचरण सिंह जोशी को 25,786 वोट मिले। 

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Delhi Assembly Election 2025 sadar bazar Assembly Seat Profile and History News In Hindi
दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

1998: कांग्रेस को मिली जीत 
साल 1998 में हुए विधानसभा चुनाव में सदर बाजार सीट पर एक बार फिर मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच हुआ। नतीजे इस बार बदल गए। इस बार कांग्रेस को सदर बाजार सीट पर बहुत बड़ी जीत मिली। कांग्रेस के राजेश जैन ने भाजपा के मौजूदा विधायक हरि कृष्ण को 16,368 वोट से हरा दिया। कांग्रेस उम्मीदवार राजेश जैन को 32,555 वोट मिले। वहीं, भाजपा उम्मीदवार को महज 16,187 वोट से संतोष करना पड़ा। 


 

2003: लगातार दूसरी बाज जीते राजेश जैन 
2003 के विधानसभा चुनाव में सदर बाजार सीट पर एक बार फिर मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच हुआ। एक बार फिर सदर बाजार सीट पर कांग्रेस को जीत मिली। कांग्रेस के मौजूदा विधायक राजेश जैन ने भाजपा के प्रो. रघुवंश सिंघल को 18,079 वोट से हरा दिया। राजेश जैन को 33,144 वोट मिले। वहीं, भाजपा उम्मीदवार को 15,065 वोट से संतोष करना पड़ा। 


 

2008: कांग्रेस ने लगाई जीत की हैट्रिक
2008 के चुनावों नतीजों में कुछ भी बदलाव देखने को नहीं मिला। यहां से तीसरी बार कांग्रेस के राजेश जैन ने जीत दर्ज की। राजेश जैन ने भाजपा के जय प्रकाश को 14,089 वोट से हरा दिया। इन दो उम्मीदवारों के अलावा बाकी 13 उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई। बसपा के राजेश कुमार प्रजापति 5004 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। अन्य कोई भी उम्मीदवार हजार वोट भी नहीं पा सका। 

2013: आप की पहली जीत
दिल्ली की राजनीति के लिए साल 2013 एक अहम कड़ी साबित हुआ। इस चुनाव में मुकाबले में कांग्रेस-भाजपा के अलावा इस बार भ्रष्टाचार आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी भी थी। सदर बाजार  विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। लगातार तीन चुनाव जीत चुकी कांग्रेस इस बार तीसरे स्थान पर खिसक गई। आप के सोम दत्त भाजपा के जय प्रकाश को मात्र 796 वोट से हरा दिया था। आप उम्मीदवार को 34,079 वोट मिले। वहीं, भाजपा उम्मीदवार 33,283 वोट पाने में सफल रहे। लगातार तीन चुनाव जीत चुके कांग्रेस के राजेश जैन 31,094 वोट पाकर तीसरे स्थान पर खिसक गए। 

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दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

2015: आप की जीत बरकरार
2015 में फिर से दिल्ली में विधानसभा चुनाव करवाने पड़े। 2014 में मात्र 49 दिन सरकार चलाने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया था। फरवरी 2014 में जब लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो पाया तो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 2015 में फिर से चुनाव कराए गए और केजरीवाल ने 70 में से 67 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। 

इस चुनाव में सदर बाजार  सीट आप के सोम गुप्ता ने वापस जीत दर्ज की। आप ने भाजपा के परवीन कुमार जैन को 34,315 वोट के साथ हराकर काफी बड़ी जीत दर्ज की। आप उम्मीदवार को 67,507 और भाजपा के परवीन कुमार जैन को 33,192 वोट मिले।

2020: आप के सोम गुप्ता की हैट्रिक
2020 के विधानसभा चुनाव में आप आदमी पार्टी ने फिर जबरदस्त जनादेश हासिल किया। आप को 70 में से कुल 62 सीटों पर जीत मिली। सदर बाजार की बात करें तो इस सीट पर नतीजों में कोई बदलाव देखने को नहीं हुआ। आप सोम गुप्ता ने यहां से लगातार तीसरी जीत दर्ज की। आप उम्मीदवार ने भाजपा के जयप्रकाश को 25,644 वोट से हरा दिया था। आप उम्मीदवार को 68,790 और भाजपा को 43,146 वोट मिले थे।

अबकी बार कैसे हैं समीकरण? 
इस बार के विधानसभाच चुनाव में आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर मौजूदा विधायक सोम दत्त को टिकट दिया है। कांग्रेस के तरफ से त्रिनगर से 2 बार विधायक रह चुके अनिल भारद्वाज मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने मनोज कुमार जिंदल को टिकट दिया है। सदर बाजार सीट पर कुल 11 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 

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