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LS Polls: बूथ में मुंह ढक कर आने वाली महिलाओं को लेकर यह बोली BJP, कांग्रेस ने कपड़ों की आजादी पर उठाए सवाल
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Amar Ujala
विस्तार
भाजपा ने मांग की है कि मतदान के लिए आने वालीं हर बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही उसे वोट डालने का अधिकार मिले। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से यह मांग करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा है कि हर बूथ पर इसके लिए महिला चुनाव अधिकारी रखी जाएं, जो बुर्का पहनने वाली अल्पसंख्यक महिलाओं की पहचान सुनिश्चित कर सकें। भाजपा की इस मांग पर बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इसे अल्पसंख्यक महिलाओं की कपड़े पहनने की आजादी से मजाक बताया है। पार्टी ने कहा है कि इस तरह के विवाद खड़ा कर भाजपा चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन यह सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दृष्टि से बेहद गलत है।
दरअसल, दिल्ली भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज दिल्ली के चुनाव अधिकारी से मुलाकात कर यह मांग की कि दिल्ली के हर मतदान बूथ पर विशेष महिला अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, जो अपना मुंह ढक कर आने वाली महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करें। भाजपा विधायक अजय महावर और मोहन सिंह बिष्ट की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से मिलकर एक ज्ञापन सौंपकर यह मांग की।
भाजपा नेताओं ने कहा कि यह केवल बुर्के वाली महिलाओं का मामला नहीं है। गर्मी के कारण भी अनेक लोग अपना मुंह ढक कर मतदान करने के लिए पहुंच सकते हैं। लेकिन इससे फर्जी मतदान करने की संभावना बढ़ गई है। कई लोग इसका गलत लाभ उठा कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए उनकी मांग है कि मतदान केंद्र पर ऐसे लोगों की वैध पहचान सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अजय महावर ने कहा कि कोई फर्जी वोटिंग न हो, यह तय करना चुनाव आयोग की जिम्मेदा्री है और वे केवल इस जिम्मेदारी को सही तरीके से पूरा करने के लिए यह मांग कर रहे हैं। महावर के अनुसार, मुख्य चुनाव अधिकारी ने भरोसा दिया है कि वे इस मामले में हर संभव कदम उठाएंगे और फर्जी मतदान को रोकेंगे।
कांग्रेस ने बोला हमला
वहीं, कांग्रेस ने इसे लोगों को भड़काने का मामला बताया है। कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक आधार पर मतदाताओं का विभाजन करना चाहती है और इसलिए वह जानबूझकर इस तरह के विवाद खड़ा कर रही है। भाजपा ने पूरे चुनाव में यह मुद्दा जोरशोर से उछाला है कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति का सर्वे कराना चाहती है, जिससे वह इसे दूसरे वर्गों के लोगों में बांट सके। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने अमर उजाला से कहा कि यह बात केवल मुसलमान महिलाओं की नहीं है। अनेक हिंदू महिलाएं भी घूंघट करती हैं और घूंघट उठाकर उनकी पहचान करने से वे स्वयं को असहज महसूस करती हैं। इसलिए घूंघट और बुर्के के आधार पर महिलाओं की पहचान करने से बचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता कार्ड और केंद्र सरकार द्वारा आधार कार्ड पैन कार्ड उपलब्ध कराया जाता है। किसी व्यक्ति की पहचान करने के लिए यह पर्याप्त होना चाहिए।
रागिनी नायक ने कहा कि भाजपा चुनाव हार रही है, इसलिए हिंदू-मुस्लिम का विवाद खड़ा कर वह चुनाव में वापसी करना चाहती है। लेकिन भाजपा को यह समझना चाहिए कि अब उसके लिए बहुत देर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने धर्म-लिंग या क्षेत्र के आधार पर कोई भेद नहीं किया था। जब दुनिया में कई विकसित देशों में भी महिलाओं को मतदान करने का अधिकार नहीं था, तब हमारे देश में महिलाओं को वोट करने का अधिकार दिया गया था। आज भाजपा उसे बुरके के पहचान के आधार पर रोकने की कोशिश कर रही है।
हैदराबाद में भी हुआ था विवाद
इसके पहले हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी माधवी लता ने इसी तरह की मांग कर चुनाव में गर्मी बढ़ा दी थी। उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे वोट करने जा रही बुर्के वाली महिलाओं का वोटर आईडी कार्ड चेक करती हुई देखी गई थीं। इसके बाद विवाद बढ़ गया था और माधवी लता के खिलाफ इस मामले में एक शिकायत भी दर्ज कर ली गई थी। अब इसी तरह की मांग दिल्ली में भी की गई है। इस पर सियासत गर्म हो सकती है।