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Hindi News ›   Education ›   Will Aptitude Test CSAT, Interview be scrapped from UPSC Civil services exam, RSS proposal to Govt

...तो UPSC परीक्षा में खत्म हो जाएंगे ये अहम पड़ाव, जानें क्या है प्रस्ताव

Tue, 20 Aug 2019 01:36 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 20 Aug 2019 01:36 PM IST
सार

  • यूपीएससी परीक्षा के संबंध में आरएसएस ने मोदी सरकार को दिए हैं सुझाव
  • कहा- परीक्षा पैटर्न बदलने से अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ

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Will Aptitude Test CSAT, Interview be scrapped from UPSC Civil services exam, RSS proposal to Govt
यूपीएससी परीक्षा पैटर्न में बदलावों का प्रस्ताव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोक संघ सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं में सिविल सर्विसेस एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT) और इंटरव्यू को खत्म करने का प्रस्ताव दिया गया है। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने मोदी सरकार को दिया है।

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प्रतियोगी परीक्षाओं की समीक्षा के लिए आरएसएस द्वारा बनाई गई कमेटी ने यूपीएससी परीक्षा के लिए ये सुझाव दिए हैं। इसमें जहां एप्टीट्यूड टेस्ट को खत्म करने की बात कही गई है, वहीं इंटरव्यू की जगह साइकोलॉजिकल टेस्ट (मानसिक परीक्षा) लेने का प्रस्ताव किया गया है। यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में दी गई। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ संघ के अन्य वरिष्ठ सदस्य, केंद्र सरकार और यूपीएससी के सदस्य व अन्य महत्वपूर्ण लोग उपस्थित थे।

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जानें, आरएसएस क्यों करना चाहता है ये बदलाव?

  • आरएसएस की कमेटी का कहना है कि परीक्षा पैटर्न में ऐसे सुधार होने चाहिए जिससे हर अभ्यर्थी को बिना किसी भेदभाव के बराबर अवसर मिले। अभी जिस तरह परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, उससे नौकरी के लिए जरूरी योग्यताओं की उचित जांच नहीं हो पाती।
     
  • कमेटी का कहना है कि सीसैट से जहां हिंदी मीडियम से आने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान होता है वहीं इंटरव्यू भी एकसमान नहीं होते।
     
  • आरएसएस के अनुसार, सीसैट क्वालिफाई करने वाले करीब 90 फीसदी अभ्यर्थी इंग्लिश मीडियम से आते हैं। यह परीक्षा सिविल सेवा के लिए उम्मीदवारों में जरूरी कौशल का परीक्षण भी नहीं करती। इसलिए क्वालिफाइंग एग्जाम के रूप में इस परीक्षा की जरूरत नहीं है। 
     
  • इंटरव्यू के संबंध में आरएसएस का कहना है कि इसके पैटर्न में एकरूपता नहीं है। अलग-अलग पैनलों के अलग पैटर्न से अभ्यर्थी प्रभावित होते हैं। कुछ पैनल उदार होते हैं जबकि कुछ बेहद सख्त। आखिरकार अभ्यर्थियों का भविष्य इस बात पर निर्भर कर जाता है कि उसका इंटरव्यू पैनल किस तरह का है। यह बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।
     
  • कमेटी ने एक सुझाव यह भी दिया है कि सरकार इंटरव्यू को स्टैंटर्डडाइज करने के लिए पैनलों को प्रशिक्षण दे और इस प्रक्रिया की निगरानी करे।
     
  • इसके अलावा इंटरव्यू को खत्म कर इसकी जगह आर्मी की तरह साइकोलॉजिकल टेस्ट शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है।
     
  • इसके अलावा संघ ने सरकार के समक्ष यूपीएससी मुख्य परीक्षा की आंसर-की जारी करने का भी प्रस्ताव रखा है। फिलहाल यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की आंसर-की जारी होती है, मुख्य परीक्षा की नहीं।

आरएसएस के सुझाव पर यूपीएससी ने क्या कहा?

इस मामले में यूपीएससी के अधिकारी का कहना है कि 'हम फिलहाल आरएसएस के प्रस्ताव पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं। लेकिन आयोग को भी ऐसा लगता है कि सीसैट अभ्यर्थियों के चयन के उद्देश्य को पूरा नहीं करता है। हमने पहले भी सरकार को इस बारे में लिखा है।'

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